NEET Paper Leak Row: 'एक प्रधान हटाकर प्रधानमंत्री को बचाया'; लोकसभा में अखिलेश यादव का केंद्र सरकार पर तंज

लोकसभा में 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने पूर्व शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने एक 'प्रधान' को हटाकर 'प्रधानमंत्री' को बचा लिया है.

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव (Photo/SansadTV)

नई दिल्ली: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) पेपर लीक मामले और प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली को लेकर संसद के मानसून सत्र में बहस तेज हो गई है. मंगलवार (28 जुलाई) को लोकसभा में 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला.

अखिलेश यादव ने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Former Union Education Minister Dharmendra Pradhan) के इस्तीफे का संदर्भ देते हुए कहा कि सरकार ने एक 'प्रधान' की बलि देकर 'प्रधानमंत्री' को बचाने की कोशिश की है. यह भी पढ़ें: Amit Shah vs Akhilesh Yadav in LS: लोकसभा में महिला आरक्षण पर तकरार: अखिलेश यादव ने टाइमिंग पर उठाए सवाल, अमित शाह ने 'जाति जनगणना' पर दिया बड़ा आश्वासन

छात्र आंदोलन का समर्थन और सरकार पर हमला

सदन में बोलते हुए अखिलेश यादव ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के आंदोलन की सराहना की. उन्होंने कहा कि युवाओं के दृढ़ संकल्प और इच्छाशक्ति ने सरकार के अहंकार को तोड़ा और उसे बातचीत के लिए मजबूर किया.

अखिलेश यादव ने कहा:

"सरकार खुद को अजेय समझती थी, लेकिन युवाओं ने साबित कर दिया कि 'झुकती है दुनिया झुकाने वाला चाहिए'. सरकार को झुकना पड़ा और मंत्री का इस्तीफा लेना पड़ा. एक 'प्रधान' को हटाकर आपने 'प्रधानमंत्री' को संकट से बचा लिया."

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) वादों के बजाय केवल 'जुमले' देती है और जो बात मजाक से शुरू हुई थी, वह अब काफी गंभीर रूप ले चुकी है.

कानून और नीयत पर उठाए सवाल

अखिलेश यादव ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल नया कानून या संशोधन लाने से पेपर लीक की समस्याएं समाप्त नहीं होंगी. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग मंदिर के चढ़ावे की चोरी नहीं रोक पाए, वे पेपर लीक कैसे रोकेंगे.

उन्होंने दावा किया कि भाजपा के 10 साल के कार्यकाल के दौरान 20 से अधिक परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि समस्या कानून की नहीं, बल्कि सरकार की नीयत की है.

किरेन रिजिजू और अखिलेश यादव के बीच तीखी बहस

अखिलेश यादव के बयानों पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने तीखी प्रतिक्रिया दी. रिजिजू ने सवाल उठाया कि क्या विपक्ष चाहता है कि सरकार छात्रों के आंदोलन को सुने और संसद में विधेयक लाए, या फिर प्रदर्शन दबाने के लिए आपातकाल (Emergency) लागू करे.

इस पर पलटवार करते हुए अखिलेश यादव ने कहा:

"मैंने आपातकाल अपनी आंखों से नहीं देखा, लेकिन उसकी गूंज हमने दिल्ली की सड़कों पर देखी है. बात कानून की नहीं है, आपकी नीयत साफ नहीं है. जिस दिन आपकी नीयत साफ हो जाएगी, परीक्षा प्रणाली भी स्वच्छ हो जाएगी."

'प्रधान' शब्द हटाकर आपने 'प्रधानमंत्री' को बचा लिया

कांग्रेस सांसद ने जांच की स्थिति पर उठाए सवाल

विपक्ष की ओर से चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने भी नीट-यूजी 2024 और हालिया घटनाओं को लेकर सरकार को घेरा. गोगोई ने कहा कि 2024 नीट पेपर लीक मामले में जिन 45 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी, उनमें से 44 को जमानत मिल चुकी है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह आंकड़ा दर्शाता है कि सरकार पेपर लीक और भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर कितनी गंभीर है.

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