देश

मुंबई झीलों का जलस्तर आज: मायानगरी को पानी सप्लाई करने वाली जलाशयों में 30 अगस्त तक कितना जमा हुआ पानी, BMC ने साझा की जानकारी

मुंबई को जलापूर्ति करने वाले सात प्रमुख जलाशयों में जलस्तर 95 प्रतिशत से अधिक के स्तर पर बना हुआ है. जलाशयों के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश की रफ्तार धीमी होने के कारण जलस्तर में मामूली बदलाव दर्ज किया गया है. बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार शहर में पानी का कुल स्टॉक संतोषजनक स्थिति में है.

मुंबई झीलों का जलस्तर आज: मायानगरी को पानी सप्लाई करने वाली जलाशयों में 30 अगस्त तक कितना जमा हुआ पानी, BMC ने साझा की जानकारी
Mumbai Water Lake

Mumbai Water Stock: मुंबई को पीने के पानी की आपूर्ति करने वाले सात प्रमुख जलाशयों में कुल जलभराव 95 प्रतिशत से अधिक के स्तर पर बना हुआ है. बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले दिनों की तुलना में जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश की रफ्तार धीमी पड़ने के कारण जलस्तर में मामूली गिरावट और स्थिरता दर्ज की गई है.

एक दिन पहले जहां कुल जल भंडारण 95.95 प्रतिशत तक दर्ज किया गया था, वहीं ताजा रिपोर्ट में जलस्तर 95 प्रतिशत से अधिक की सीमा में बना हुआ है. नगर निगम के हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग के अनुसार, वर्तमान जल भंडारण स्थिति मायानगरी के लिए काफी राहत देने वाली है.

बीएमसी का पोस्ट

प्रमुख जलाशयों में पानी का ताजा स्तर

मुंबई को जल आपूर्ति करने वाले सातों जलाशयों की क्षमता 14.47 लाख मिलियन लीटर है. फिलहाल इनमें लगभग 13.88 लाख मिलियन लीटर से अधिक उपयोगी जल उपलब्ध है.

झीलों के अनुसार स्थिति इस प्रकार है:

  • विहार और तानसा: विहार झील 100 प्रतिशत क्षमता के साथ पूरी तरह भरी हुई है, जबकि मोदक सागर और तानसा झीलें भी 98 से 99 प्रतिशत तक भरी हैं.

  • भाटसा और वैतरणा: मुंबई को सबसे ज्यादा पानी की आपूर्ति करने वाली भाटसा झील में जलस्तर लगभग 95.98 प्रतिशत है. मध्य वैतरणा और अपर वैतरणा में भी जल भंडारण 89 से 97 प्रतिशत के बीच दर्ज किया गया है.

  • तुलसी झील: मुंबई शहर के भीतर स्थित तुलसी झील में भी पानी का स्तर 98 प्रतिशत के करीब बना हुआ है.

बारिश धीमी होने से जलस्तर पर प्रभाव

मानसून की शुरुआती और मध्य अवधि में हुई भारी बारिश के कारण मुंबई की ज्यादातर झीलें समय से पहले ही लबालब हो गई थीं. हालांकि, पिछले 24 घंटों के दौरान कैचमेंट एरिया में मानसून की गतिविधियां सुस्त पड़ने के कारण नए पानी की आवक घटी है.

स्थानीय खपत और भाप बनने की प्रक्रिया के कारण झीलों के प्रतिशत में मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के आगामी दौर में हल्की से मध्यम बारिश से जलस्तर पुनः पूर्ण क्षमता तक पहुंच सकता है.

मुंबईकरों को पानी की चिंता से राहत

सातों झीलों में 95 प्रतिशत से अधिक जल संग्रहण होने से मुंबई शहर को आने वाले कई महीनों तक सुचारू जलापूर्ति की गारंटी मिल गई है. बीएमसी अधिकारियों का मानना है कि अगस्त के अंत तक इतना जल भंडार होना पूरे साल के जल प्रबंधन के लिहाज से सकारात्मक संकेत है.

जल आपूर्ति विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और नागरिकों से पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील की गई है.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 30, 2026 10:25 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).