Mumbai Water Lakes Update: महाराष्ट्र में सूखे का असर मुंबई की झीलों पर भी! लबालब होने से पहले कम होने लगा जलस्तर
बीएमसी के हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, शहर की पानी की जरूरतों को पूरा करने वाले सातों जलाशयों में फिलहाल कुल 13,98,722 मिलियन लीटर पानी ही उपलब्ध है, जबकि इनकी कुल क्षमता 14,47,363 मिलियन लीटर है.
Mumbai Water Lakes Update: महाराष्ट्र के कई हिस्सों में पड़ रहे सूखे का प्रभाव अब मुंबई को पानी आपूर्ति करने वाली झीलों पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है. बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) द्वारा 29 सितंबर को साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मुंबई की सभी सात झीलों में कुल 96.64 प्रतिशत पानी का स्टॉक दर्ज किया गया है. हालांकि मानसून के अंत तक झीलों के 100 प्रतिशत लबालब होने की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन राज्य में असमान बारिश और जल स्रोतों पर दबाव के कारण झीलों का जलस्तर पूरी तरह भरने से पहले ही धीरे-धीरे कम होने लगा है.
बीएमसी के ताजा आंकड़े और झीलों का जल स्तर
बीएमसी के हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, शहर की पानी की जरूरतों को पूरा करने वाले सातों जलाशयों में फिलहाल कुल 13,98,722 मिलियन लीटर पानी ही उपलब्ध है, जबकि इनकी कुल क्षमता 14,47,363 मिलियन लीटर है. यह भी पढ़े: Mumbai Lake Water Stock: मुंबई की झीलों में 26 सितंबर तक कितना जमा हुआ पानी? BMC ने साझा की ताजा स्थिति
बीएमसी पोस्ट
प्रमुख झीलों का स्थिति ब्योरा: मुंबई को सबसे अधिक पानी देने वाली भातसा झील में जल स्तर 98.58 प्रतिशत और मिडिल वैतरणा में 98.99 प्रतिशत है.
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अन्य जलाशयों का हाल: तानसा झील में 95.56 प्रतिशत, अपर वैतरणा में 96.60 प्रतिशत और मोड़क सागर में 82.70 प्रतिशत पानी बचा है, जो पूर्ण क्षमता से काफी नीचे है.
बीते वर्षों की तुलना में कमी
मानसून सत्र समाप्त होने के करीब पहुंचने के बावजूद झीलों का पूरी तरह न भर पाना चिंता का विषय बना हुआ है. आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्षों में इस समय तक अधिकांश झीलें ओवरफ्लो हो चुकी होती थीं. हालांकि, इस साल राज्य के कई इलाकों में कमजोर मानसून और सूखे जैसी स्थिति का असर जलग्रहण क्षेत्रों पर पड़ा है, जिससे पानी की आवक उम्मीद के मुताबिक नहीं हुई और अब जलस्तर घटने लगा है.
आने वाले दिनों में जल संकट की आशंका
बीएमसी अधिकारी स्थिति और दैनिक जल खपत पर कड़ी नजर रख रहे हैं. राज्य के आंतरिक हिस्सों में सूखे जैसे माहौल को देखते हुए शहर में अगले मानसून तक बिना किसी जल कटौती के पानी की निर्बाध आपूर्ति करना एक चुनौती हो सकता है. नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे पानी का इस्तेमाल सोच-समझकर करें और अनावश्यक बर्बादी से बचें ताकि आने वाले शुष्क महीनों में जल संकट का सामना न करना पड़े.