Mumbai Rains: मुंबई में भारी बारिश से कई इलाकों में जलभराव, सड़कों पर भरा पानी! सुबह-सुबह लोग परेशान (Watch Videos)
मुंबई में देरी से पहुंचे मानसून के बाद लगातार भारी बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है. पिछले 24 घंटों में शहर के कई हिस्सों में जलभराव देखा गया है, जबकि मुंबई को पानी सप्लाई करने वाली झीलों के कैचमेंट एरिया में 89 मिमी बारिश दर्ज की गई है.
Mumbai Rains: मुंबई और उसके आस-पास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव (वाटरलॉगिंग) की स्थिति पैदा हो गई है. मौसम विभाग और बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने लगातार हो रही बारिश को देखते हुए मुंबई, ठाणे, रायगढ़, पालघर और सिंधुदुर्ग जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' (Orange Warning) जारी किया है. इस बीच, मुंबई को पीने के पानी की आपूर्ति करने वाले जलाशयों के जलग्रहण क्षेत्रों (कैचमेंट एरिया) से राहत की खबर आई है, जहां पिछले 24 घंटों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है.
मुंबई और नवी मुंबई के कई इलाकों में भरा पानी
मंगलवार रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश के कारण मुंबई और नवी मुंबई के कई प्रमुख हिस्सों में सड़कों पर पानी जमा हो गया है. मुंबई के किंग सर्कल (King's Circle) इलाके से सुबह आई तस्वीरों में भारी जलभराव साफ देखा जा सकता है, जिससे सुबह के समय दफ्तर जाने वाले लोगों और वाहनों की रफ्तार पर काफी असर पड़ा है. स्थानीय प्रशासन सड़कों से पानी निकालने की कोशिशों में जुटा है.
मुंबई में भारी बारिश
मुंबई में भारी बारिश
नवी मुंबई बारिश
कैचमेंट एरिया में 24 घंटे के भीतर 89 मिमी बारिश
बीएमसी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार सुबह 6 बजे तक समाप्त हुए 24 घंटों में मुंबई की झीलों के कैचमेंट एरिया में कुल 89 मिमी बारिश दर्ज की गई है. जलाशयों के लिहाज से देखा जाए तो सबसे अधिक 55 मिमी बारिश मिडिल वैतरणा में हुई है. इसके बाद भटसा में 16 मिमी और मोदक सागर में 13 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है. हालांकि, मुंबई शहर में स्थित विहार और तुलसी झील के जलग्रहण क्षेत्र फिलहाल सूखे रहे हैं.
मानसून की स्थिति और अब तक का आंकड़ा
इस साल मुंबई में मानसून ने सामान्य तिथि के मुकाबले काफी देरी से दस्तक दी है. देरी से आए मानसून के कारण चालू सीजन में अब तक कैचमेंट एरिया में कुल मिलाकर केवल 108 मिमी बारिश ही दर्ज हो सकी है. शुरुआती हफ्तों में बारिश न होने की वजह से झीलों का जलस्तर काफी नीचे चला गया था, जिसके चलते प्रशासन को पानी की कटौती जैसे कदम उठाने पड़े थे.
मौसम विभाग का अनुमान
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, अरब सागर के ऊपर बने मजबूत सिस्टम और पश्चिमी हवाओं के सक्रिय होने के कारण मुंबई और तटीय कोंकण क्षेत्र में मानसून पूरी तरह से रफ्तार पकड़ चुका है. बीएमसी ने नागरिकों को सतर्क रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी है. आने वाले 24 से 48 घंटों में इन क्षेत्रों में मध्यम से तीव्र बारिश के दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है, जिससे झीलों के जलस्तर में और सुधार होने की उम्मीद है.