Mumbai Metro Line 13: मीरा-भाईंदर से वसई-विरार के बीच 25 किमी लंबे रूट पर जल्द दौड़ेगी मेट्रो, कुल होंगे 16 स्टेशन; जानें संभावित स्टेशनों के नाम
MMRDA द्वारा तैयार की गई परियोजना रिपोर्ट के अनुसार, इस कॉरिडोर की कुल लंबाई 25.03 किलोमीटर होगी. इसे दो मुख्य हिस्सों में विभाजित किया गया है:
Mumbai Metro Line 13: मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई मेट्रो लाइन 13 (मीरा-भाईंदर से वसई-विरार कॉरिडोर) को प्रशासनिक मंजूरी दे दी है. 17,724.99 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाली यह परियोजना मुंबई के पश्चिमी उपनगरों और पालघर जिले के बीच यातायात को सुगम बनाएगी.
25.03 किलोमीटर रूट का विवरण
MMRDA द्वारा तैयार की गई परियोजना रिपोर्ट के अनुसार, इस कॉरिडोर की कुल लंबाई 25.03 किलोमीटर होगी. इसे दो मुख्य हिस्सों में विभाजित किया गया है:
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एलिवेटेड (ऊंचा) मार्ग: 21.78 किलोमीटर
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भूमिगत (Underground) मार्ग: 3.25 किलोमीटर
16 स्टेशनों का ढांचा और प्रमुख क्षेत्र
इस पूरे रूट पर कुल 16 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें 13 एलिवेटेड और 3 भूमिगत स्टेशन शामिल हैं. यह मेट्रो लाइन मीरा रोड से शुरू होकर वसई खाड़ी पार करते हुए विरार तक जाएगी.
प्रस्तावित रूट के तहत आने वाले प्रमुख क्षेत्र और कनेक्टिविटी पॉइंट्स इस प्रकार हैं:
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मीरा रोड एवं कनेक्टिंग जंक्शन:
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नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम (यहां मेट्रो लाइन 9 के साथ इंटरचेंज मिलेगा).
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मीरा रोड वेस्ट/ईस्ट से जुड़ने वाले प्रमुख आवासीय क्षेत्र.
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वसई खाड़ी एवं नायगांव क्षेत्र:
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पांजू द्वीप (वसई खाड़ी पर बनने वाले 4.92 किमी लंबे डबल-डेकर ब्रिज के जरिए जुड़ाव).
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नायगांव रेलवे स्टेशन कनेक्टिंग पॉइंट.
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वसई-विरार एवं नालासोपारा क्षेत्र:
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वसई रोड वेस्ट/ईस्ट.
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नालासोपारा रेलवे स्टेशन जंक्शन.
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विरार रेलवे स्टेशन एवं आसपास के रिहायशी इलाके.
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चिखल डोंगरी (यहां 16वें स्टेशन के पास मेट्रो डिपो प्रस्तावित है).
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(नोट: MMRDA द्वारा विस्तृत टेंडर प्रक्रिया और सिविल कंस्ट्रक्शन प्लान के आधिकारिक प्रकाशन के साथ सभी 16 स्टेशनों के नाम सूचीबद्ध किए जाएंगे.)
परियोजना की मुख्य विशेषताएं
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डबल-डेकर ब्रिज: वसई खाड़ी पर 4.92 किलोमीटर लंबा छह लेन वाला integrated road-cum-metro ब्रिज बनेगा.
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लास्ट-माइल कनेक्टिविटी: यात्रियों की सुविधा के लिए सभी 16 स्टेशनों पर लोकल बस फीडर सेवाएं शुरू की जाएंगी.
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समय की बचत: मीरा-भाईंदर और वसई-विरार के बीच सड़क यात्रा का समय 50% तक घट जाएगा.
सरकार ने इस प्रोजेक्ट को अगले 5 वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है.