मुंबई झीलों का जलस्तर आज: 24 अगस्त तक जलाशयों में 95% से ज्यादा जमा हुआ पानी, पूर्ण क्षमता से महज कुछ फीसदी दूर
विहार और मोदक सागर झीलें अपनी पूर्ण 100 प्रतिशत क्षमता पर पहुंचकर ओवरफ्लो हो रही हैं. वहीं तानसा और तुलसी जैसी झीलों में भी जल भंडारण 99 प्रतिशत से अधिक हो चुका है. भातसा, अपर वैतरणा और मिडिल वैतरणा में भी जल स्तर में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है.
Mumbai Lakes Water Level Today: मुंबईवासियों के लिए जलापूर्ति के मोर्चे पर राहत की बड़ी खबर है. बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, शहर को पीने का पानी सप्लाई करने वाली सात झीलों और जलाशयों का कुल जलस्तर 95.53 प्रतिशत तक पहुंच गया है. जलग्रहण क्षेत्रों में जारी बारिश से झीलों में जल का प्रवाह लगातार बना हुआ है, जिसके बाद अधिकांश जलाशय अपनी पूर्ण क्षमता से ओवरफ्लो होने के बेहद करीब आ चुके हैं.
प्रमुख झीलों का वर्तमान जलस्तर
BMC के हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग के अनुसार, मुंबई को रोजाना पानी की आपूर्ति करने वाले सातों जलाशयों की कुल क्षमता करीब 14,47,363 मिलियन लीटर है. हालिया बारिश के चलते इन झीलों में उपयोगी जल भंडारण 13.82 लाख मिलियन लीटर से अधिक दर्ज किया गया है.
मुंबई झीलों का जलस्तर आज
विहार और मोदक सागर झीलें अपनी पूर्ण 100 प्रतिशत क्षमता पर पहुंचकर ओवरफ्लो हो रही हैं. वहीं तानसा और तुलसी जैसी झीलों में भी जल भंडारण 99 प्रतिशत से अधिक हो चुका है. भातसा, अपर वैतरणा और मिडिल वैतरणा में भी जल स्तर में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है.
पूरे साल की पानी की जरूरतों में मिलेगी मदद
मुंबई शहर को प्रतिदिन लगभग 3,950 मिलियन लीटर पेयजल की आपूर्ति की जाती है. मॉनसून के मौसम में इन झीलों का पूरी तरह से भरना शहर के लिए बेहद आवश्यक माना जाता है. यदि 1 अक्टूबर तक सातों झीलों में कुल जल भंडार 100 प्रतिशत तक रहता है, तो आने वाले पूरे साल के लिए मुंबई में बिना किसी जल कटौती के पानी की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकती है.
शहर के लिए राहत की स्थिति
बीते दिनों कैचमेंट एरिया में हुई अच्छी बारिश के कारण जलस्तर में यह तेजी आई है. मौसम विभाग द्वारा आगे भी छिटपुट से हल्की बारिश के पूर्वानुमान के बीच उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में बाकी झीलें भी अपनी शत-प्रतिशत क्षमता को छू लेंगी. इस वर्ष बेहतर स्थिति होने के चलते मुंबई के नागरिकों को गर्मियों के दौरान संभावित जल संकट से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.