मुंबई की झीलों में जलस्तर 96.41% पहुंचा, मायानगरी में रहने वालों की पानी की चिंता खत्म! लबालब भरने के करीब जलाशय
बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के ताजा आंकड़ों के अनुसार 8 सितंबर तक मुंबई को पानी आपूर्ति करने वाली सातों झीलों का जलस्तर 96.41 प्रतिशत तक पहुंच गया है. जलाशयों में 13.95 लाख मिलियन लीटर पानी जमा होने से शहर में पानी की कटौती का संकट खत्म हो गया है.
Mumbai Lakes Water Level Updates: मुंबई वासियों के लिए पेयजल आपूर्ति को लेकर एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है. बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के जल अभियंता विभाग द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 8 सितंबर की सुबह तक मुंबई को पानी आपूर्ति करने वाली सातों झीलों का कुल जलस्तर 96.41 प्रतिशत दर्ज किया गया है. जलग्रहण क्षेत्रों में हुई अच्छी बारिश के कारण झीलें अब पूरी तरह से लबालब भरने के करीब हैं, जिससे आने वाले महीनों में शहर में पानी की किल्लत का खतरा टल गया है.
झीलों में जमा हुआ 13.95 लाख मिलियन लीटर पानी
बीएमसी के भांडुप मास्टर कंट्रोल सेंटर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, शहर की सातों झीलों में कुल मिलाकर 13,95,392 मिलियन लीटर (ML) उपयोगी पानी का स्टॉक जमा हो चुका है. इन सभी सातों जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता 14,47,363 मिलियन लीटर है. यह भी पढ़े: मुंबई झीलों का जलस्तर आज: मायानगरी में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत, जलाशयों में पानी का स्टॉक 92.16% पहुंचा
BMC का पोस्ट
वर्तमान में जमा पानी की यह मात्रा मुंबई शहर को पूरे साल निर्बाध रूप से पेयजल की आपूर्ति करने के लिए पर्याप्त मानी जा रही है. पिछले कुछ दिनों में जलग्रहण (कैचमेंट) क्षेत्रों में हुई बारिश से जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
विभिन्न झीलों की स्थिति
मुंबई को पानी देने वाली प्रमुख झीलों में से बिहार (Vihar) और तुलसी (Tulsi) जैसी झीलें लगभग पूर्ण क्षमता तक पहुंच चुकी हैं. इसके अलावा तानसा (Tansa) और मोदक सागर (Modak Sagar) का जलस्तर भी 97 से 98 प्रतिशत से अधिक दर्ज किया गया है.
शहर को सबसे अधिक पानी की आपूर्ति करने वाली भातसा (Bhatsa) झील में उपयोगी जल भंडारण 96 प्रतिशत से अधिक हो गया है. वहीं अपर वैतरणा और मिडल वैतरणा जलाशयों में भी जलस्तर 92 से 96 प्रतिशत के बीच बना हुआ है.
मुंबईकरों को मिली बड़ी राहत
मानसून की शुरुआत में जलस्तर कम होने के कारण बीएमसी को शहर में जल कटौती लागू करनी पड़ी थी. हालांकि, जुलाई और अगस्त के महीनों में हुई मानसूनी बारिश के बाद जलाशयों की स्थिति में काफी सुधार आया है.
अब सातों झीलों का सामूहिक जलस्तर 96 प्रतिशत के पार पहुंचने के बाद बीएमसी अधिकारियों का मानना है कि शहर में पानी का पर्याप्त कोटा सुरक्षित हो चुका है. इससे मायानगरी के निवासियों को पानी की चिंता से बड़ी राहत मिली है.