मुंबई झीलों का जलस्तर आज: पिछले 24 घंटे की भारी बारिश से बढ़ा जल भंडार, कुल स्टॉक 77.62 फीसदी तक पहुंचा
मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाली सात झीलों—भाटसा, अपर वैतरणा, मिडिल वैतरणा, मोदक सागर, तानसा, विहार और तुलसी-में से तीन झीलें पूरी तरह भरकर ओवरफ्लो हो रही हैं.
मुंबई झीलों का जलस्तर आज: मुंबई और इसके आसपास के जलग्रहण क्षेत्रों में जारी मूसलाधार बारिश से मायानगरी को पानी की आपूर्ति करने वाले जलाशयों के जलस्तर में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार 24 जुलाई 2026 को सुबह 6 बजे समाप्त हुए पिछले 24 घंटों में मुंबई की 7 प्रमुख झीलों का कुल जलभंडार बढ़कर 77.62 प्रतिशत हो गया है.
बीएमसी के हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग के मुताबिक, 23 जुलाई सुबह 6 बजे से 24 जुलाई सुबह 6 बजे के बीच झीलों के कुल जलभंडार में 7.88 प्रतिशत (1,14,011 मिलियन लीटर) का भारी इजाफा हुआ है. यह भी पढ़े: मुंबई झीलों का जल स्तर आज: पिछले 24 घंटे में हुई झमाझम बारिश से जलाशयों का जलस्तर 69.74% पहुंचा
24 घंटे में जलस्तर में 7.88 फीसदी का बड़ा उछाल
बीएमसी की रिपोर्ट के अनुसार, 7 झीलों की कुल क्षमता 14,47,363 मिलियन लीटर है, जिसमें से वर्तमान में 11,23,443 मिलियन लीटर जल जमा हो चुका है. कैचमेंट एरिया में लगातार हो रही तेज बारिश के चलते महज एक दिन के भीतर जलभंडार में 7.88 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है.
यह बढ़ोतरी मुंबईकरों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है, क्योंकि मानसूनी बारिश से पहले शहर में जल संकट की आशंका बनी हुई थी.
तीन प्रमुख झीलें ओवरफ्लो, तानसा भी पूर्ण स्तर के करीब
मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाली सात झीलों—भाटसा, अपर वैतरणा, मिडिल वैतरणा, मोदक सागर, तानसा, विहार और तुलसी-में से तीन झीलें पूरी तरह भरकर ओवरफ्लो हो रही हैं.
ताजा आंकड़ों के अनुसार, मोदक सागर, विहार और तुलसी झीलें 100 प्रतिशत क्षमता तक भर चुकी हैं. वहीं तानसा झील में जलस्तर 98.77 प्रतिशत तक पहुंच गया है. शहर को सबसे ज्यादा पानी देने वाली भाटसा झील का जलस्तर 73.51 प्रतिशत, मिडिल वैतरणा का 75.14 प्रतिशत और अपर वैतरणा का जलस्तर 62.97 प्रतिशत दर्ज किया गया है.
मानसून के शेष दिनों में जल आपूर्ति सुचारू रहने की उम्मीद
मुंबई शहर को प्रतिदिन लगभग 4,100 मिलियन लीटर पीने के पानी की आवश्यकता होती है. पूरे साल निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 1 अक्टूबर तक इन सभी सातों झीलों में 100 प्रतिशत यानी करीब 14.47 लाख मिलियन लीटर पानी होना आवश्यक माना जाता है.
मौसम विभाग (IMD) द्वारा पालघर, ठाणे और मुंबई के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश की चेतावनी जारी रखी गई है. बीएमसी अधिकारियों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक कैचमेंट क्षेत्रों में इसी तरह बारिश जारी रही, तो जलभंडार जल्द ही अपने अधिकतम स्तर को छू लेगा.