मुंबई झीलों का जलस्तर आज: 22 अगस्त तक झीलों का जलस्तर 94% से हुआ अधिक, BMC ने साझा की जानकारी

मुंबई शहर और उसके उपनगरों को पेयजल आपूर्ति करने वाले जलाशयों के कैचमेंट क्षेत्रों में हुई लगातार बारिश से झीलों का जलस्तर काफी मजबूत स्थिति में पहुंच गया है. BMC के जल अभियंता विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 22 अगस्त तक मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाली सातों झीलों में कुल उपयोगी जल भंडारण क्षमता का लगभग 94.69% पानी भर चुका है

Mumbai Water Lake

Mumbai Lake Water Levels Today: मुंबई शहर और उसके उपनगरों को पेयजल आपूर्ति करने वाले जलाशयों के कैचमेंट क्षेत्रों में हुई लगातार बारिश से झीलों का जलस्तर काफी मजबूत स्थिति में पहुंच गया है. बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के जल अभियंता विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 22 अगस्त तक मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाली सातों झीलों में कुल उपयोगी जल भंडारण क्षमता का लगभग 94.69% पानी भर चुका है. इस बढ़ोतरी से आगामी महीनों में शहरवासियों को पानी की किल्लत से बड़ी राहत मिलेगी.

किन 7 झीलों से मुंबई को मिलता है पानी?

मुंबई की प्यास बुझाने के लिए पानी की आपूर्ति मुख्य रूप से सात अलग-अलग झीलों और बांधों से की जाती है. ये सात जलाशय निम्नलिखित हैं:  यह भी पढ़े: मुंबई की झीलों का जलस्तर आज: जलाशयों में 93.80 फीसदी जमा हुआ पानी का स्टॉक, BMC ने X पर साझा की जानकारी

  1. अपार वैतरणा (Upper Vaitarna) - नासिक जिले में स्थित.

  2. मोडक सागर (Modak Sagar) - ठाणे जिले में वैतरणा नदी पर बना जलाशय.

  3. तानसा (Tansa) - ठाणे जिले में स्थित प्रमुख जलाशय.

  4. मिडिल वैतरणा (Middle Vaitarna) - वैतरणा नदी पर निर्मित.

  5. भातसा (Bhatsa) - ठाणे जिले के शहापुर में स्थित, जो मुंबई को सबसे अधिक पानी की आपूर्ति करता है.

  6. विहार (Vihar) - संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान (मुंबई) के भीतर स्थित.

  7. तुलसी (Tulsi) - मुंबई शहर की सीमा में स्थित सबसे छोटी झील.

इनमें से दो झीलें (तुलसी और विहार) मुंबई शहर की सीमा में हैं, जबकि बाकी पांच पड़ोसी ठाणे और नासिक जिलों में स्थित हैं.

BMC का पोस्ट

मुंबई को प्रतिदिन कितने पानी की आवश्यकता होती है?

मुंबई महानगर की कुल दैनिक पेयजल मांग लगभग 4,200 मिलियन लीटर (MLD) है. इसके मुकाबले बीएमसी प्रतिदिन शहर में लगभग 3,850 से 3,950 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति करती है. पूरे वर्ष (365 दिन) बिना किसी कटौती के निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए 1 अक्टूबर तक सातों झीलों में कुल मिलाकर 14.47 लाख मिलियन लीटर जल भंडारण की आवश्यकता होती है.

तुलसी और विहार झीलें पूरी तरह भरीं

मानसून के दौरान अच्छी वर्षा के चलते विहार, तुलसी और मोडक सागर जैसे जलाशय अपनी 100% क्षमता तक पहुंच चुके हैं और ओवरफ्लो हो चुके हैं. तानसा और भातसा जैसी बड़ी झीलों में भी जलस्तर 94% से अधिक दर्ज किया गया है. बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, यदि मानसून के शेष समय में कैचमेंट क्षेत्रों में सामान्य बारिश जारी रहती है, तो आने वाले पूरे वर्ष के लिए मुंबई में पर्याप्त पानी का भंडार सुरक्षित रहेगा.

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