Mumbai Kamathipura Redevelopment: दिवाली से शुरू होगा कमाठीपुरा का री-डेलवपमेंट का काम, MHADA ने बिल्डरों के साथ किया समझौता

दक्षिण मुंबई के ऐतिहासिक कामाठीपुरा क्षेत्र के क्लस्टर पुनर्विकास का रास्ता साफ हो गया है. म्हाडा (MHADA) ने निर्माण कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, जिसके बाद इस वर्ष दिवाली से पुनर्विकास का काम शुरू हो जाएगा.

(Photo Credis WC)

 Mumbai Kamathipura Redevelopment:  दक्षिण मुंबई के ऐतिहासिक और घनी आबादी वाले 34 एकड़ में फैले कामाठीपुरा क्षेत्र के क्लस्टर पुनर्विकास (Cluster Redevelopment) की राह में अंतिम प्रशासनिक बाधा दूर हो गई है. महाराष्ट्र गृहनिर्माण एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MHADA) ने डेवलपर्स के कंसोर्टियम—भागीरथी हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड और माथी डेवलपर्स—के साथ निर्माण एवं विकास एजेंसी समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. इस महत्वपूर्ण समझौते के बाद लंबे समय से लंबित इस पुनर्विकास परियोजना का काम इस वर्ष दिवाली से औपचारिक रूप से शुरू होने जा रहा है.

700 से अधिक जर्जर इमारतें और 8 हजार से अधिक परिवार होंगे लाभांवित

डेवलपमेंट कंट्रोल एंड प्रमोशन रेगुलेशंस (DCPR-2034) के नियम 33(9) के तहत क्रियान्वित की जा रही इस क्लस्टर योजना के दायरे में लेन 1 से 15 तक की कुल 724 इमारतें शामिल हैं. इनमें 475 उपकर प्राप्त (cessed) और 249 गैर-उपकर (non-cessed) इमारतें शामिल हैं.  यह भी पढ़े:   MHADA Mumbai Lottery 2027: मुंबई में घर खरीदने का सुनहरा मौका, 2,000 से 2,500 किफायती घरों की लॉटरी; जनवरी-फरवरी में हो सकती है घोषणा

इस मास्टर प्लान से लगभग 8,001 पात्र आवासीय और व्यावसायिक किरायेदारों के साथ-साथ करीब 800 भू-स्वामियों को सीधा लाभ पहुंचेगा. पात्र आवासीय किरायेदारों को 500 वर्ग फीट के आधुनिक फ्लैट दिए जाएंगे, जबकि व्यावसायिक दुकानदारों को उनकी गतिविधियों के अनुरूप स्थान आवंटित किया जाएगा. इसके अलावा, म्हाडा को लगभग 44,000 वर्ग मीटर का हाउसिंग स्टॉक मिलेगा, जिससे सार्वजनिक आवास कोटा मजबूत होगा.

चौड़ी होंगी सड़कें और विकसित होंगी आधुनिक सुविधाएं

मास्टर प्लान के अनुसार, संकरी गलियों और पुरानी चालों से घिरे इस इलाके की परिवहन व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए फोरस रोड और स्टेबल स्ट्रीट जैसी प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण किया जाएगा. इससे आपातकालीन सेवाओं की पहुंच आसान होगी और यातायात जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी.

परियोजना में स्थानीय लघु उद्योगों (जैसे बीड़ी निर्माण, वस्त्र कार्यशालाएं और स्क्रैप रिसाइक्लिंग) को बनाए रखने के लिए भूतल (Ground Floor) पर विशेष कार्यस्थल भी निर्धारित किए गए हैं. नई इमारतों में सौर ऊर्जा प्रबंधन, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, रेनवाटर हार्वेस्टिंग और पाइप प्राकृतिक गैस (PNG) जैसी आधुनिक और टिकाऊ सुविधाएं होंगी.

इतिहास और कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण स्थान

18वीं शताब्दी के अंत में निर्माण श्रमिकों (कामाठियों) की बस्ती के रूप में बसा कामाठीपुरा समय के साथ कपड़ा मिल मजदूरों, कारीगरों और बाद में शहर के प्रमुख रेड-लाइट क्षेत्र के रूप में जाना जाने लगा. जर्जर हो चुकी इमारतों और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण इसका पुनर्विकास बेहद आवश्यक हो गया था.

कनेक्टिविटी के दृष्टिकोण से यह स्थान बेहद प्राइम है. प्रस्तावित भूकंप-रोधी गगनचुंबी इमारतें जगन्नाथ शंकर सेठ मेट्रो स्टेशन (लाइन 3) से महज 500 मीटर की दूरी पर होंगी और सीधे नागपाड़ा जंक्शन मेट्रो स्टेशन (लाइन 11) से जुड़ी होंगी. स्थानीय विधायक अमीन पटेल और म्हाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव जायसवाल ने इस परियोजना को निवासियों की सुरक्षा, गरिमा और बेहतर जीवन स्तर की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है.

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