Mumbai Byculla Zoo: रानी बाग में समुद्र के भीतर सैर का अहसास; ₹62 करोड़ की लागत से बन रहा अंडरवॉटर टनल एक्वेरियम, जनवरी 2027 तक होगा तैयार

मुंबई के भायखला स्थित ऐतिहासिक वीरमाता जीजाबाई भोसले वनस्पति उद्यान एवं चिड़ियाघर (रानी बाग) में पर्यटकों को जल्द ही 'समुद्र के भीतर पैदल सैर' का अनूठा अनुभव मिलने जा रहा है। बृहन्मुंबई नगर निगम लगभग ₹62 करोड़ की अनुमानित लागत से 5,500 वर्ग फीट क्षेत्र में एक अत्याधुनिक अंडरवॉटर एक्वेरियम विकसित कर रहा है, जिसमें 14 मीटर और 36 मीटर लंबी दो ऐक्रेलिक टनल शामिल होंगी.

File image of Rani Baug (Photo Credits: roamingwithroads.com)

मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में आने वाले पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों के लिए भायखला का 'रानी बाग' जल्द ही एक विश्वस्तरीय आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है. वीरमाता जीजाबाई भोसले बॉटनिकल गार्डन और चिड़ियाघर (Rani Baug) के परिसर में बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ₹62 करोड़ की लागत से वॉक-थ्रू अंडरवॉटर एक्वेरियम का निर्माण करा रहा है.

The Times of India की रिपोर्ट के अनुसार, इस परियोजना का लगभग आधा कार्य पूरा हो चुका है. बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े ने हाल ही में स्थल निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को जनवरी 2027 तक इस टनल एक्वेरियम को पूरा कर पर्यटकों के लिए खोलने का निर्देश दिया है. यह भी पढ़ें: Byculla Zoo Timing: ईद-ए-मिलाद पर खुला रहेगा मुंबई का भायखला चिड़ियाघर, अगले दिन गुरुवार को रहेगा बंद

दो ऐक्रेलिक टनल: 360 डिग्री कोण से दिखेंगे समुद्री जीव

इस परियोजना का मुख्य आकर्षण पारदर्शी ऐक्रेलिक शीशों से तैयार की जा रही दो विशाल सुरंगें हैं:

10 लाख लीटर क्षमता वाला लाइफ-सपोर्ट सिस्टम

समुद्री जीवों के प्राकृतिक आवास और स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए उन्नत इंजीनियरिंग तकनीक का उपयोग किया जा रहा है:

पेंग्विन एन्क्लोजर का भी विस्तार, पर्यटकों की संख्या में भारी उछाल

Mid-Day की रिपोर्ट के अनुसार, रानी बाग पहले से ही भारी संख्या में आगंतुकों को आकर्षित करता रहा है:

क्या लगेगा अलग से टिकट?

बीएमसी ने फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया है कि अंडरवॉटर एक्वेरियम में प्रवेश के लिए अलग से शुल्क लिया जाएगा या नहीं. चूंकि यह नया एक्वेरियम परिसर उसी क्षेत्र में विकसित हो रहा है जहां हम्बोल्ट पेंग्विन का बाड़ा मौजूद है, इसलिए नगर निगम दोनों सुविधाओं के लिए एक संयुक्त टिकटिंग मॉडल या नाममात्र के अतिरिक्त शुल्क के विकल्प पर विचार कर रहा है. अधिकारियों का मानना है कि जनवरी 2027 में शुरू होने के बाद यह परियोजना मुंबई के पर्यटन परिदृश्य में मील का पत्थर साबित होगी.

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