Mumbai Auto-Taxi Fare Hike: मुंबई वालों को महंगाई का एक और झटका, 1 सितंबर से बढ़ेगा ऑटो-टैक्सी का किराया

मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में रोजाना सफर करने वाले आम यात्रियों की जेब पर बोझ बढ़ने वाला है. मुंबई महानगर क्षेत्र परिवहन प्राधिकरण (MMRTA) ने ऑटो-रिक्शा और काली-पीली टैक्सियों के किराए में संशोधन को मंजूरी दे दी है.

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Mumbai Auto-Taxi Fare Hike:  मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में रोजाना सफर करने वाले आम यात्रियों की जेब पर बोझ बढ़ने वाला है. मुंबई महानगर क्षेत्र परिवहन प्राधिकरण (MMRTA) ने ऑटो-रिक्शा और काली-पीली टैक्सियों के किराए में संशोधन को मंजूरी दे दी है. नए स्वीकृत दरों के तहत मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण, वसई-विरार और पनवेल में 1 सितंबर से ऑटो और टैक्सी का न्यूनतम किराया बढ़ जाएगा.

नया किराया ढांचा: जानें कितना जेब पर पड़ेगा असर

MMRTA की बैठक में लिए गए फैसले के मुताबिक पहले 1.5 किलोमीटर की दूरी के लिए नया किराया तय किया गया है:

यह संशोधन खटुआ समिति (Khatua Committee) द्वारा निर्धारित फॉर्मूले के आधार पर किया गया है, जो ईंधन की कीमतों और जीवन यापन की लागत को ध्यान में रखकर किराए की गणना करती है.

बढ़ती परिचालन लागत और सीएनजी के दामों में वृद्धि वजह

परिवहन यूनियनों ने इस किराया वृद्धि का स्वागत करते हुए इसे चालकों की आजीविका के लिए जरूरी बताया है. मुंबई रिक्शामेन्स यूनियन के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में सीएनजी की कीमतें लगभग 86 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुकी हैं. इसके साथ ही वाहनों के रखरखाव, बीमा प्रीमियम और परमिट शुल्क में लगातार बढ़ोतरी के कारण चालकों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा था.

टैक्सी यूनियनों ने शुरुआती किराए में 4 रुपये तक की बढ़ोतरी की मांग की थी, हालांकि प्राधिकरण ने 2 रुपये की ही वृद्धि को अंतिम स्वीकृति दी है.

लाखों यात्रियों पर पड़ेगा प्रभाव

एमएमआर क्षेत्र में वर्तमान में लगभग 3 लाख पंजीकृत ऑटो-रिक्शा और करीब 30 हजार टैक्सियां संचालित होती हैं. ऐसे में सितंबर महीने की शुरुआत से लागू होने वाली इस बढ़ोतरी का सीधा असर रोजाना यात्रा करने वाले लाखों मुंबईकरों के दैनिक बजट पर पड़ेगा. दूसरी ओर, यात्री संगठनों ने प्रशासन से अपील की है कि वे चालकों के वित्तीय संकट और आम नागरिकों पर बढ़ते महंगाई के बोझ के बीच संतुलन बनाए रखें.

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