Mumbai AC Local Train: मुंबई की एसी लोकल ट्रेनों में छात्रों के लिए कंसेशन पास की मांग ने पकड़ा जोर, यात्री संगठन पहुंचे रेलवे प्रशासन के पास
Mumbai AC Local Train: मुंबई उपनगरीय रेलवे नेटवर्क में एयर-कंडीशंड (AC) लोकल ट्रेनों की बढ़ती संख्या के बीच विद्यार्थियों के लिए यात्रा रियायत की मांग एक बार फिर गरमा गई है. 5 अगस्त 2026 को एक प्रमुख यात्री संगठन ने रेलवे प्रशासन और रेलवे बोर्ड से मांग दोहराई है कि स्कूल और कॉलेज के छात्रों को एसी लोकल ट्रेनों के मंथली और क्वार्टरली पास पर रियायती दरें (कंसीशन) प्रदान की जाएं. यात्री संगठनों का तर्क है कि आधुनिक परिवहन सुविधाओं का विस्तार छात्रों की जेब पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ बनकर नहीं पड़ना चाहिए.
कल्याण स्टेशन पर घटना के बाद फिर उठा मुद्दा
यह मांग उस समय फिर से चर्चा में आई जब कल्याण रेलवे स्टेशन पर दो छात्रों को एसी लोकल का कंसेशन पास जारी करने से मना कर दिया गया. 'कल्याण-कसारा-कर्जत रेलवे पैसेंजर्स एसोसिएशन' ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मध्य रेलवे और मुंबई उपनगरीय रेलवे प्रशासन के समक्ष अपना ज्ञापन प्रस्तुत किया है. यह भी पढ़े: BEST Bus Strike Update: मुंबई में बेस्ट बस सेवाएं फिर शुरू, डिप्टी सीएम शिंदे के आश्वासन बाद कर्मचारियों ने खत्म की हड़ताल
संगठन के प्रतिनिधियों का कहना है कि सामान्य नॉन-एसी ट्रेनों (फर्स्ट क्लास और सेकंड क्लास) के लिए छात्रों को रियायती दर पर सीजन टिकट जारी किया जाता है, लेकिन एसी लोकल को 'प्रीमियम सेवा' श्रेणी में रखे जाने के कारण यह सुविधा नहीं दी जा रही है.
छात्रों और अभिभावकों पर बढ़ता वित्तीय बोझ
मुंबई और इसके आसपास के उपनगरों (जैसे ठाणे, कल्याण, डोंबिवली, कसारा और कर्जत) से रोजाना लाखों छात्र पढ़ाई के सिलसिले में दक्षिण मुंबई और मध्य मुंबई के कॉलेजों में आते-जाते हैं.
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टिकट दरों में अंतर: सामान्य फर्स्ट क्लास पास और एसी लोकल पास की दरों में बड़ा अंतर है.
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छात्रों की जरूरत: तेज गर्मी और अत्यधिक भीड़ के बीच छात्र सुरक्षित और आरामदायक सफर के लिए एसी लोकल का विकल्प चुनना चाहते हैं, लेकिन बिना रियायत के पूरा किराया चुकाना कई परिवारों के लिए आर्थिक रूप से कठिन है.
नियमित ट्रेनों में भीड़ कम करने में मिल सकती है मदद
यात्री संगठनों का मानना है कि यदि छात्रों को एसी लोकल में छूट दी जाती है, तो इससे सामान्य लोकल ट्रेनों के अत्यधिक भरे डिब्बों पर दबाव कम होगा.
हाल के वर्षों में मुंबई उपनगरीय नेटवर्क पर एसी लोकल के यात्रियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है. इसके बावजूद कई पीक-आवर्स के अलावा अन्य समय में एसी ट्रेनें पूरी क्षमता से नहीं चलतीं. यदि छात्रों को कंसेशन का लाभ मिलता है, तो एसी ट्रेनों की ऑक्यूपेंसी (सवारियों की संख्या) बढ़ेगी और रेलवे के राजस्व में भी निरंतरता बनी रहेगी.
आगे क्या है अपेक्षा?
यात्री संगठनों ने रेल मंत्रालय से अपील की है कि वे मुंबई के लाखों छात्रों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए नीतिगत निर्णय लें. फिलहाल रेलवे प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक नीतिगत फैसला नहीं आया है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी रेलवे बोर्ड समीक्षा बैठक में इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार किया जा सकता है.