Pune: पुणे में MPSC की तैयारी कर रहे छात्र ने लगाई फांसी; सुसाइड नोट में ₹2.5 लाख के कर्ज का जिक्र, भर्ती में देरी व पेपर लीक पर गहराया आक्रोश
महाराष्ट्र के पुणे में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे 25 वर्षीय छात्र प्रथमेश दिलीप देशमुख ने आर्थिक तंगी और बढ़ते कर्ज से तंग आकर नारायण पेठ स्थित अपने किराए के कमरे में आत्महत्या कर ली. पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें करीब 19 लोगों से लिए गए ₹2.5 लाख के कर्ज, कमरे के बकाया किराए और पारिवारिक लाचारी का विस्तृत ब्योरा दर्ज है.
पुणे: प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना लेकर पुणे पहुंचे एक और होनहार प्रतियोगी छात्र ने व्यवस्थागत विफलताओं और आर्थिक तंगी के आगे दम तोड़ दिया. शहर के नारायण पेठ इलाके में महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की तैयारी कर रहे 25 वर्षीय प्रथमेश दिलीप देशमुख ने बुधवार सुबह अपने किराए के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.
विश्रामबाग पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाली नारायण पेठ पुलिस चौकी ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पुलिस को कमरे से दो पन्नों का एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसने प्रतियोगी छात्रों के मानसिक व आर्थिक संकट को एक बार फिर उजागर कर दिया है. यह भी पढ़ें: Palghar: नालासोपारा के जिला परिषद स्कूल में मिड-डे मील बनाते समय फटा प्रेशर कुकर; 2 छात्र और महिला रसोइया झुलसे, एक गंभीर छात्र मुंबई रेफर
सुसाइड नोट में 19 लोगों से लिए कर्ज का हिसाब, कमरे का किराया भी था बकाया
Maharashtra Times की रिपोर्ट के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि प्रथमेश पर पढ़ाई और दैनिक खर्चों के चलते लगभग ₹2.5 लाख का कर्ज हो चुका था:
- कर्जदारों की सूची: सुसाइड नोट में प्रथमेश ने अपनी दयनीय आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए उन लगभग 19 परिचितों और मित्रों के नाम लिखे हैं, जिनसे उसने समय-समय पर पैसे उधार लिए थे.
- दैनिक खर्च और कमरे का किराया: पुणे में हॉस्टल, मेस और कोचिंग के बढ़ते खर्च के बीच उसके कमरे का किराया भी कई महीनों से बकाया चल रहा था.
- घर लौटने की कही थी बात: अत्यधिक मानसिक तनाव के चलते उसने कुछ दिन पहले अपने दोस्तों से यहां तक कहा था कि वह परीक्षा की तैयारी छोड़कर वापस गांव लौट जाना चाहता है.
सूखे से बर्बाद हुई सोयाबीन की फसल; परिवार पर पहले से था संकट
प्रथमेश मूल रूप से धाराशिव (उस्मानाबाद) जिले के परांडा तालुका स्थित खासापुरी गांव का निवासी था:
- पिता का पहले ही हो चुका था निधन: वह एक साधारण कृषक परिवार से था और अपने घर का इकलौता बेटा था. उसके परिवार में मां और चार बहनें हैं.
- फसल की बर्बादी से टूटा सहारा: इस वर्ष मराठवाड़ा क्षेत्र में सूखे और बेमौसम हालात के कारण उनके खेतों में सोयाबीन की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई थी. इसके चलते गांव से परिवार भी उसे पुणे में पढ़ाई के लिए जरूरी वित्तीय सहायता भेजने में पूरी तरह असमर्थ हो चुका था.
MPSC पेपर लीक और भर्ती में देरी पर छात्रों का फूटा गुस्सा
यह दुखद घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पूरे महाराष्ट्र में एमपीएससी परीक्षाओं को लेकर छात्रों का असंतोष चरम पर है:
- ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा में पेपर लीक विवाद: हाल ही में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के तहत ड्रग इंस्पेक्टर (ग्रुप-बी) परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने का मामला सामने आया था, जिसकी जांच मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही है.
- सड़कों पर छात्र आंदोलन: पुणे के अलका टॉकीज चौक और अन्य केंद्रों पर हजारों छात्र पिछले कई दिनों से भर्ती परीक्षाओं की समय-सारणी नियमित करने, परिणाम घोषित करने और भर्ती चक्र को पारदर्शी बनाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं.
- छात्र संगठनों का कहना है कि वर्षों तक कोचिंग में सीमित संसाधनों के साथ पढ़ाई करने वाले ग्रामीण युवाओं के लिए परीक्षाओं का बार-बार टलना या रद्द होना असहनीय आर्थिक व मानसिक बोझ बन जाता है.
विपक्ष ने सरकार को घेरा; सिस्टम पर खड़े किए सवाल
प्रथमेश की मौत के बाद राज्य में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है:
- रोहित पवार ने साधा निशाना: एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने सोशल मीडिया पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि पेपर लीक और भर्ती में धांधली के चलते ग्रामीण छात्रों के सपने चकनाचूर हो रहे हैं. उन्होंने मांग की कि सरकार आयोग से दागी अधिकारियों को हटाए और पीड़ित छात्र के परिवार को उचित आर्थिक सहायता प्रदान करे.
- प्रतियोगी संगठनों की अपील: छात्र नेताओं ने पुणे में पढ़ाई कर रहे अभ्यर्थियों से किसी भी हाल में ऐसा आत्मघाती कदम न उठाने की अपील करते हुए कहा कि वे मिलकर अपने हक और न्याय की लड़ाई लड़ेंगे.
पुलिस कर रही है सुसाइड नोट की पड़ताल
पुणे पुलिस के पुलिस उपायुक्त (जोन 1) कृषिकेश रावले ने बताया कि विश्रामबाग थाने में आकस्मिक मौत (ADR) का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस सुसाइड नोट में दर्ज नामों और वित्तीय लेन-देन की पुष्टि कर रही है, साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि क्या किसी व्यक्ति द्वारा कर्ज वापसी को लेकर छात्र पर कोई अनुचित दबाव बनाया जा रहा था। मामले की विस्तृत जांच जारी है.
(यदि आप या आपका कोई परिचित गंभीर मानसिक तनाव या अवसाद से जूझ रहा है, तो राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन 'KIRAN' के टोल-फ्री नंबर 1800-599-0019 अथवा आपातकालीन सहायता नंबर 112 पर संपर्क करें. )