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भोपाल: वैक्सीन लगने के 9 दिन बाद वॉलंटियर की मौत, भारत बायोटेक ने दी ये सफाई

दरअसल मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भोपाल के एक निजी अस्पताल में भारत बायोटेक की कोवैक्सीन के तीसरे ट्रायल के दौरान टीका लगवाने वाले 42 वर्षीय वालंटियर की कुछ दिनों बाद ही कथित तौर पर 21 दिसंबर को मौत हो गई थी. कोवैक्सीन के लिए चल रहे नैदानिक परीक्षण (क्लीनिकल ट्रायल) में भाग लेने वाले व्यक्ति की मौत के बाद वैक्सीन पर सवाल खड़े होने लगे, जिसके बाद अब कंपनी ने सफाई दी है.

भोपाल: वैक्सीन लगने के 9 दिन बाद वॉलंटियर की मौत, भारत बायोटेक ने दी ये सफाई
वैक्सीन (Photo Credits: IANS)

भोपाल:- मध्य प्रदेश में भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन कोवैक्सिन के तीसरे चरण के ट्रायल में हिस्सा लेने वाले वालंटियर की कथित रूप से मौत के मामले में कंपनी का बयान सामने आया है. भारत बायोटेक ने इस आरोप को पूरी तरह से खारिज कर दिया है कि व्यक्ति की मौत कोरोना वैक्सीन के डोज के कारण ही हुई है. हैदराबाद स्थित कंपनी ने शनिवार को स्पष्ट किया कि यह मृत्यु वैक्सीन से संबंधित नहीं है, बल्कि व्यक्ति की मौत कार्डियो रेस्पिरेटरी फेल होने के कारण हुई है. इसके अलावा जांच में जहर के कारण मौत की वजह बताई जा रही है.

भारत बायोटेक ने एक बयान में कहा, गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल द्वारा जारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार और भोपाल पुलिस की जांच रिपोर्ट में जो बताया गया है, उसके अनुसार व्यक्ति की मौत कार्डियो रेस्पिरेटरी फेल होने के कारण हुई है. इसके अलावा जांच में जहर भी मौत की वजह बताई जा रही है. कंपनी ने कहा कि वैक्सीन की डोज के नौवें दिन वालंटियर की मौत इस बात को स्पष्ट करती है कि यह ट्रायल से जुड़ा मामला नहीं है. कंपनी ने कहा, "प्रारंभिक समीक्षाओं के नौ दिनों के बाद स्वयंसेवक का निधन हो गया, यह दर्शाता है कि मृत्यु अध्ययन डोजिंग से संबंधित नहीं है.

दरअसल मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भोपाल के एक निजी अस्पताल में भारत बायोटेक की कोवैक्सीन के तीसरे ट्रायल के दौरान टीका लगवाने वाले 42 वर्षीय वालंटियर की कुछ दिनों बाद ही कथित तौर पर 21 दिसंबर को मौत हो गई थी. कोवैक्सीन के लिए चल रहे नैदानिक परीक्षण (क्लीनिकल ट्रायल) में भाग लेने वाले व्यक्ति की मौत के बाद वैक्सीन पर सवाल खड़े होने लगे, जिसके बाद अब कंपनी ने सफाई दी है. मोदी सरकार का बड़ा ऐलान, 16 जनवरी से देश में शुरू होगा कोरोना टीकाकारण का अभियान.

कंपनी ने स्पष्टीकरण देने के साथ ही मृतक के परिवार के साथ सहानुभूति भी व्यक्त की है. कंपनी ने कहा, हमारी सहानुभूति मृतक के परिवार के साथ है. भारत बायोटेक की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि तीसरे चरण के ट्रायल के सभी मानदंडों को पूरा किया गया था और सात दिनों के पोस्ट कॉल में वांलटियर में कोई प्रभाव भी नहीं पाया गया था और व्यक्ति स्वस्थ था तथा उसकी सारी रिपोर्ट भी ठीक थी.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 09, 2021 11:23 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).