MHADA Mumbai Lottery 2026 Delay: म्हाडा मुंबई लॉटरी में देरी से आवेदकों के करोड़ों रुपये फंसे, ब्याज के बढ़ते बोझ के बीच जल्द लकी ड्रॉ कराने की मांग

मुंबई में म्हाडा के 2,640 किफायती घरों की लॉटरी में लगातार हो रही देरी से हजारों आवेदक परेशान हैं. आवेदकों की लगभग 375 करोड़ रुपये की बयाना राशि म्हाडा के पास फंसी हुई है, जिस पर हाउसिंग अथॉरिटी को भारी ब्याज मिलने का अनुमान है.

(Photo Credis WC)

MHADA Mumbai Lottery 2026 Delay: महाराष्ट्र गृहनिर्माण व क्षेत्रविकास प्राधिकरण (MHADA) की मुंबई लॉटरी 2026 में हो रही लगातार देरी ने हजारों मध्यमवर्गीय परिवारों को वित्तीय संकट में डाल दिया है. मुंबई में 2,640 किफायती घरों के लिए निकाली गई इस लॉटरी के अनिश्चितकाल के लिए टलने से आवेदकों के लगभग 375 करोड़ रुपये म्हाडा के पास ब्लॉक हैं. आवेदकों का आरोप है कि जहां एक तरफ वे इस राशि पर भारी ब्याज चुका रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इस बड़ी रकम के जमा रहने से म्हाडा को 10 से 12 करोड़ रुपये का ब्याज मिलने का अनुमान है. परेशान आवेदकों ने अब मांग की है कि म्हाडा या तो तुरंत लॉटरी की तारीख घोषित करे या उनकी फंसी हुई रकम पर ब्याज दे.

दो बार बढ़ाई गई अंतिम तारीख

इस लॉटरी योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG), मध्यम आय वर्ग (MIG) और उच्च आय वर्ग (HIG) श्रेणियों में 2,640 घरों के लिए कुल 75,927 वैध आवेदन प्राप्त हुए हैं. शुरुआत में यह ड्रॉ 15 मई को होना तय हुआ था.  यह भी पढ़े:  MHADA Lottery 2026: मुंबई में 120 फ्लैट्स की ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया टली, नई तारीख का इंतज़ार; जानें देरी की वजह और पूरी डिटेल

हालांकि, उम्मीद से कम प्रतिक्रिया मिलने के कारण आवेदन की समय सीमा को दो बार बढ़ाकर 28 मई 2026 किया गया. इसके बाद विधान परिषद (MLC) चुनावों के कारण लागू आदर्श आचार संहिता की वजह से इस ड्रॉ को आगे के लिए टालना पड़ा.

आवेदकों पर बढ़ा कर्ज और ब्याज का आर्थिक बोझ

लॉटरी की तारीख तय न होने से आवेदकों की बयाना राशि (EMD) म्हाडा के पास ही जमा है. कई मध्यमवर्गीय परिवारों ने यह रकम दोस्तों से उधार लेकर, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) समय से पहले तुड़वाकर या क्रेडिट कार्ड के जरिए जुटाई थी.

गोरेगांव की रहने वाली एक आवेदक अश्विनी (बदला हुआ नाम) ने बताया कि उन्होंने 50,000 रुपये की बयाना राशि का इंतजाम करने के लिए अपने गहने गिरवी रखे थे. उन्होंने कहा कि ड्रॉ 15 मई को होना था और अब लगभग दो महीने बीत चुके हैं. म्हाडा हमारे पैसों पर ब्याज कमा रहा है, जबकि हम साहूकारों को ब्याज दे रहे हैं.

इसी तरह कांदिवली के प्रकाश रसाल ने बताया कि उन्होंने 1 लाख रुपये की बयाना राशि के लिए अपनी एफडी तुड़वा दी थी. उन्हें उम्मीद थी कि घर न मिलने पर एक हफ्ते में पैसे वापस आ जाएंगे, लेकिन अब करीब तीन महीनों से उनके पैसे ब्लॉक हैं.

जुलाई के पहले हफ्ते में ड्रॉ होने की संभावना

इस मामले पर जब म्हाडा के एक अधिकारी से संपर्क किया गया, तो उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वर्तमान में राज्य विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है. अथॉरिटी लॉटरी की तारीख की घोषणा करने से पहले मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों से समय मिलने का इंतजार कर रही है. अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जुलाई के पहले सप्ताह के दौरान कंप्यूटर आधारित लॉटरी ड्रॉ आयोजित किया जा सकता है.

मौजूदा नियमों के मुताबिक, जिन आवेदकों को लॉटरी में घर नहीं मिलता, उन्हें ड्रॉ के एक सप्ताह के भीतर उनकी बयाना राशि वापस कर दी जाती है. लेकिन जब तक मुख्य ड्रॉ ही नहीं होता, तब तक हजारों आवेदकों को अपनी गाढ़ी कमाई वापस पाने के लिए इंतजार करना होगा.

Share Now