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चलती ट्रेन में जवान द्वारा चार हत्याएं करने को लेकर उठे कई सवाल

सोमवार सुबह आरपीएफ के जिस जवान ने चलती ट्रेन में चार लोगों की हत्या की थी, उसका एक वीडियो वायरल हो रहा है.

चलती ट्रेन में जवान द्वारा चार हत्याएं करने को लेकर उठे कई सवाल
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

सोमवार सुबह आरपीएफ के जिस जवान ने चलती ट्रेन में चार लोगों की हत्या की थी, उसका एक वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में वह पाकिस्तान, मीडिया, मोदी और योगी का जिक्र कर रहा है.रेलवे का कहना है आरोपी मानसिक रूप से बीमार है.रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के कांस्टेबल चेतन सिंह ने 31 जुलाई की सुबह जयपुर-मुंबई सेंट्रल सुपरफास्ट एक्सप्रेस में करीब 40 मिनट तक यात्रियों के बीच खौफ पैदा कर दिया. उसने अपनी ऑटोमैटिक राइफल से 12 राउंड फायरिंग की. इस फायरिंग में रेलवे सुरक्षा बल के एएसआई टीकाराम मीणा (57 वर्षीय) और तीन यात्रियों की मौत हो गई.

34 साल के आरोपी कांस्टेबल चेतन सिंह के पास जो ऑटोमैटिक राइफल थी उसमें 20 राउंड गोलियां थीं. चेतन ने बोगियों में घूम घूमकर 12 राउंड फायरिंग की. ट्रेन जब पालघर से निकली तो बी-5 कोच में टॉयलेट के पास चेतन ने रिपोर्टिंग ऑफिसर टीकाराम मीणा पर गोलियां चलाईं.

घूम-घूमकर फायरिंग की

इसके बाद आरोपी कांस्टेबल ने बी-5 कोच के दूसरे सिरे पर बैठे एक यात्री अब्दुल कादर मोहम्मद हुसैन (64 वर्षीय) पर फायरिंग की. हुसैन पर फायरिंग के बाद वह पैंट्री कार की ओर बढ़ा और एक यात्री पर फायरिंग की. इस यात्री की पहचान नहीं हो पाई है. फिर चेतन सिंह एस-6 कोच की ओर गया और वहां यात्री असगर अब्बास अली (48 वर्षीय) पर गोलियां बरसा दीं.

जीआरपी का कहना है कि यह घटना सोमवार सुबह 5 बजे हुई और फायरिंग के बाद ट्रेन जब मीरा रोड के पास पहुंची तो चेतन सिंह ने जंजीर खींची. वह भागने लगा तो जीआरपी और आरपीएएफ के जवानों ने उसे दबोच लिया और उसका हथियार जब्त कर लिया.

जीआरपी कमिश्नर रविंद्र शिवसे ने मीडिया को बताया कि हत्या के मकसद का पता लगाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि एडीजी (आरपीएफ) के नेतृत्व में कमेटी बनाई गई है जो घटना की जांच करेगी.

जीआरपी अधिकारियों का कहना है कि चार लोगों की हत्या करने से कुछ घंटे पहले चेतन सिंह की सूरत रेलवे स्टेशन पर कुछ यात्रियों के साथ और उसके बाद पालघर के पास एएसआई मीणा से बहस हुई थी. एक अधिकारी ने मीडिया को बताया, ''हम सिंह और मीणा के बीच लड़ाई का कारण पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं.''

इंडियन एक्सप्रेस अखबार ने सूत्रों के हवाले से लिखा कि चेतन सिंह की यात्रियों के साथ दोबारा बहस हो गई थी. इसके बाद मीणा ने दखल दिया और चेतन सिंह ने कथित तौर पर उन्हें सामने से गोली मार दी. उसने पास ही खड़े अब्दुल कादर को भी गोली मार दी.

दो समुदायों के मुद्दे पर हिंसक हुआ आरोपी?

गोलीबारी का कारण अभी तक आधिकारिक तौर पर पता नहीं चल पाया है, लेकिन मुंबई में पश्चिमी रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस अखबार को बताया कि कथित तौर पर समुदायों पर बहस के बाद लड़ाई छिड़ गई थी.

आरोपी चेतन सिंह का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है. जिसमें वह एक शव के पास खड़े होकर कहता दिख रहा, "....पाकिस्तान से ऑपरेट हुए हैं ये, और मीडिया यही कवरेज दिखा रही है, उनको सब पता चल रहा है ये क्या कर रहे हैं...अगर वोट देना है, अगर हिंदुस्तान में रहना है तो मैं कहता हूं मोदी और योगी, ये दो हैं."

इस वीडियो को फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबैर ने ट्विटर पर साझा किया था. लेकिन उनका कहना है कि भारत सरकार के कहने पर ट्विटर ने इस वीडियो को हटा लिया है. इसके बाद उन्होंने अपनी टाइमलाइन पर एक थ्रेड साझा किया है जिसमें बताया कि उन्हें ट्विटर से इस वीडियो के बारे में सूचना मिली है कि वह वीडियो भारत के आईटी कानून, 2000 का उल्लंघन करता है.

आरोपी की मानसिक स्थिति खराब होने पर सवाल

अधिकारियों ने कहा कि वे वीडियो की प्रामाणिकता की जांच कर रहे हैं. पश्चिम रेलवे के प्रवक्ता सुमित ठाकुर ने एक बयान में कहा, "इसकी जगह और और प्रामाणिकता स्थापित नहीं की जा सकती. इसे मॉर्फ भी किया जा सकता है. मामले की जांच चल रही है."

पश्चिमी रेलवे के प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त पीसी सिन्हा ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, "जाहिर तौर पर वह गर्म दिमाग वाला माना जाता है. लेकिन फिर हमें उसके पिछले पांच साल के रिकॉर्ड में ऐसा कोई उदाहरण नहीं मिला. उसका रिकॉर्ड साफ-सुथरा रहा है और इसीलिए जब उसने छह महीने पहले अनुरोध किया था तो मैंने उसे मुंबई में तैनात किया था."

जबकि सिन्हा ने पहले पत्रकारों से कहा था कि आरोपी चेतन सिंह "मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित हैं." इस पर भी सवाल उठ रहे हैं कि अगर सिंह किसी मानसिक रोग से पीड़ित था तो उसे विभाग ने हथियार रखने की इजाजत क्यों दी थी. जीआरपी कमिश्नर रविंद्र शिवसे ने कहा, "हमारी जांच अभी भी प्रारंभिक चरण में है. हम इसे सत्यापित करने का प्रयास कर रहे हैं."

आरोपी चेतन सिंह उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले का रहने वाला है और वह अपनी पत्नी, बेटा और बेटी के साथ मथुरा में एक किराए के मकान में रहता था. उसके पिता आरपीएफ में एएसआई थे और ड्यूटी के दौरान उनकी हार्ट अटैक से मौत हो गई थी. साल 2009 में उसे पिता की नौकरी मिली थी.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 01, 2023 12:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).