Mumbai Malaria Surge 2026: मुंबई में मलेरिया का प्रकोप; मरीजों की संख्या 9,298 पार, 3 साल बाद संक्रमण से 2 मौतें दर्ज

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में इस साल मानसून के दौरान मच्छर जनित बीमारियों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. महाराष्ट्र राज्य स्वास्थ्य विभाग और बृहन्मुंबई नगर निगम के ताजा आंकड़ों के अनुसार, साल 2026 में अब तक मलेरिया के 9,298 मामले सामने आ चुके हैं, जो पिछले वर्ष (2025) के कुल मामलों के 91.5 प्रतिशत के बराबर है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

मुंबई: मानसूनी बारिश और जगह-जगह जलभराव के बीच मुंबई में वेक्टर-जनित बीमारियों ने चिंताजनक रूप ले लिया है. The Times of India की रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों से खुलासा हुआ है कि मुंबई में इस साल 15 सितंबर तक मलेरिया संक्रमण के कुल 9,298 मामले सामने आ चुके हैं.

सबसे चिंता की बात यह है क बीते तीन सालों (2023, 2024 और 2025) में शून्य मौतों के बाद इस साल मलेरिया से 2 लोगों की जान जा चुकी है. नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक, मानसून अवधि (जून से 15 सितंबर) में ही 5,984 मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 4,304 था.

पिछले 7 वर्षों में मलेरिया के मामले और मौतें

स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि 2022 के बाद से शहर में मलेरिया के मामलों में लगातार तीव्र वृद्धि हो रही है:

वर्ष मलेरिया के कुल मामले मौतें
2020 5,015 0
2021 5,162 0
2022 3,985 2
2023 7,319 0
2024 7,939 0
2025 10,163 0
2026* 9,298 2

*नोट: 2026 के आंकड़े सितंबर के मध्य तक के हैं.

राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 में दर्ज 3,985 मामलों की तुलना में वर्ष 2025 तक मामलों में 155% से अधिक का उछाल आया. हालांकि, राहत की बात यह है कि मौजूदा आंकड़ा मुंबई के ऐतिहासिक चरम (साल 2004 में 14,756 मामले और 23 मौतें) से अब भी कम है.

मामलों में बढ़ोतरी की मुख्य वजहें

नागरिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने बीमारी के प्रसार के लिए कई ढांचागत और मौसमी कारणों को जिम्मेदार ठहराया है:

गंभीर स्ट्रेन 'प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम' में 535% का इजाफा

बीएमसी के हालिया विश्लेषण से एक और गंभीर पहलू सामने आया है:

मरीजों में बदले लक्षण: 5 दिनों तक उतर नहीं रहा बुखार

बॉम्बे अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. गौतम भंसाली के अनुसार, इस सीजन में मलेरिया के क्लीनिकल लक्षणों में भी बदलाव देखा जा रहा है:

2025 बनाम 2026: मानसूनी बीमारियों का तुलनात्मक रुझान

बीएमसी के 15 सितंबर तक के तुलनात्मक डेटा से पता चलता है कि जहां डेंगू और लेप्टोस्पायरोसिस में गिरावट आई है, वहीं मलेरिया और स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामले तेजी से बढ़े हैं:

बीमारी 2025 (मानसून अवधि) 2026 (मानसून अवधि) रुझान
मलेरिया 4,304 5,984 ▲ 39% की वृद्धि
डेंगू 2,377 2,161 ▼ गिरावट
लेप्टोस्पायरोसिस 493 277 ▼ गिरावट
स्वाइन फ्लू (H1N1) 65 488 ▲ भारी उछाल

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे घरों के आसपास पानी जमा न होने दें, कूलरों व गमलों की नियमित सफाई करें और बुखार आने पर बिना डॉक्टरी सलाह के खुद दवाएं लेने के बजाय तुरंत रक्त जांच कराएं.

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