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TMC vs TMC: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर बड़ी बगावत, ऋतब्रत बनर्जी 59 विधायकों के समर्थन पत्र के साथ पहुंचे विधानसभा, ममता-अभिषेक गुट को बताया अल्पसंख्यक (Watch Videos)

पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के भीतर एक बड़ा संगठनात्मक और राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है। हावड़ा जिले के उलुबेरिया (पूर्वा) निर्वाचन क्षेत्र से निष्कासित टीएमसी विधायक ऋतब्रत बनर्जी बुधवार, 3 जून 2026 को पार्टी के 59 विधायकों के समर्थन पत्र के साथ राज्य विधानसभा पहुंचे. उन्होंने दावा किया कि उनका गुट ही राज्य में वास्तविक और मुख्य तृणमूल कांग्रेस है, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के प्रति निष्ठा रखने वाला समूह अब अल्पसंख्यक हो चुका है.

TMC vs TMC: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर बड़ी बगावत, ऋतब्रत बनर्जी 59 विधायकों के समर्थन पत्र के साथ पहुंचे विधानसभा, ममता-अभिषेक गुट को बताया अल्पसंख्यक (Watch Videos)
ऋतब्रत बनर्जी (Photo Credits: File Image)

कोलकाता, 3 जून: पश्चिम बंगाल (West Bengal) की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर आंतरिक कलह अब एक बड़े राजनीतिक विभाजन में बदलती नजर आ रही है. हावड़ा जिले के उलुबेरिया (पूर्वा) विधानसभा क्षेत्र से निष्कासित टीएमसी विधायक ऋतब्रत बनर्जी (TMC MLA Ritabrata Banerjee) बुधवार सुबह पार्टी के 59 साथी विधायकों के हस्ताक्षर वाले समर्थन पत्र के साथ राज्य विधानसभा परिसर पहुंचे. उन्होंने मीडिया के सामने दावा किया कि उनका गुट ही राज्य में वास्तविक और मुख्य दल का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Former Chief Minister Mamata Banerjee) और पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) के नेतृत्व वाला धड़ा अब सदन में अल्पसंख्यक बन चुका है. यह भी पढ़ें: INDIA Bloc Meet: दिल्ली में 8 जून को होने वाली 'इंडिया' गठबंधन की बैठक में शामिल होंगे ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी; क्या सीआईडी पूछताछ में होंगे शामिल?

विधानसभा में विधायकों का जुटना शुरू, बड़ी बैठक की तैयारी

आधिकारिक विवरण के अनुसार, ऋतब्रत बनर्जी सुबह करीब 10:30 बजे विधानसभा परिसर में दाखिल हुए. उनके पहुंचने के तुरंत बाद, नए प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वाले पार्टी के अन्य बागी विधायक एक-एक करके उनके साथ जुड़ने लगे.

वहाँ मौजूद एक महिला विधायक ने संकेत दिया कि उत्तरी कोलकाता के एन्टैली से निष्कासित एक अन्य टीएमसी विधायक संदीपान साहा भी किसी भी समय विधानसभा पहुंचने वाले हैं. उन्होंने बताया कि संदीपान के आने के बाद बागी गुट के विधायकों की एक संक्षिप्त बैठक होगी, जिसके बाद आवश्यक कानूनी व प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे और औपचारिक रूप से मीडिया को पूरी स्थिति से अवगत कराया जाएगा.

ऋतब्रत बनर्जी का अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला

इससे पहले मंगलवार को भी ऋतब्रत बनर्जी ने विधानसभा परिसर में बिना कोई सीधा ऐलान किए इस बड़े सियासी उलटफेर के संकेत दे दिए थे. उन्होंने 30 मई को सोनारपुर में जनता द्वारा कथित तौर पर किए गए हमले के बाद केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की सुरक्षा मांगने को लेकर अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला बोला था.

ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, "वह किस तरह के जननेता हैं? 24 मई को पार्टी की करारी हार के बाद उन्होंने खुद को 26 दिनों तक घर में बंद रखा। अब वह अपने लिए केंद्रीय बलों की सुरक्षा मांग रहे हैं.  उन्होंने पहले दावा किया था कि जनता उनकी रक्षा के लिए मौजूद है, तो अब वह सुरक्षा घेरा क्यों तलाश रहे हैं?" इसके साथ ही उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर आई-पैक (I-PAC) पर पूरी तरह निर्भर रहने और तृणमूल कांग्रेस को एक कॉर्पोरेट प्रबंधन शैली में चलाने का गंभीर आरोप लगाया.

हस्ताक्षर मिलान मामले और निलंबन की पृष्ठभूमि

इस बड़े राजनीतिक संकट की शुरुआत सोमवार को हुई, जब ऋतब्रत बनर्जी और संदीपान साहा दोनों को तृणमूल कांग्रेस से निलंबित कर दिया गया था. यह निलंबन मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा मीडिया को दी गई उस जानकारी के कुछ ही मिनटों के भीतर घोषित किया गया था, जिसमें उन्होंने बताया था कि विधानसभा के एक महत्वपूर्ण दस्तावेज में टीएमसी विधायकों के हस्ताक्षरों के मिलान न होने (Signature Mismatch) के मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस के सीआईडी (CID) विभाग ने जांच शुरू कर दी है.

यह जांच तब शुरू हुई जब इन दोनों निष्कासित विधायकों ने खुद विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) रथिन बोस के कार्यालय को इस कथित विसंगति के बारे में औपचारिक रूप से सूचित किया था, जिसने अब राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ ले लिया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 03, 2026 01:43 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).