Maharashtra Wedding: महाराष्ट्र के नांदेड़ में शादी का अनोखा ‘शगुन’, दूल्हे के परिवार ने गांव के 3,465 लोगों को 1-1 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा उपहार में दिया
महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में एक अनोखी शादी चर्चा का विषय बनी हुई है. यहां दूल्हे के परिवार ने शादी के पारंपरिक रिटर्न गिफ्ट या मिठाइयां बांटने के बजाय अपने पूरे गांव के 3,465 निवासियों को 1-1 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर उपहार में दिया है. इसके तहत पूरे गांव को 34.6 करोड़ रुपये का सामूहिक सामाजिक सुरक्षा कवच मिला है.
Maharashtra Wedding Innovation: महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र से पारंपरिक शादी समारोहों से हटकर एक बेहद प्रेरणादायक और अनोखा मामला सामने आया है. नांदेड़ जिले के एक दूल्हे और उसके परिवार ने अपनी शादी की खुशियों को पूरे गांव के लिए एक सुरक्षा कवच में बदल दिया. 20 मई को संपन्न हुए विवाह के बाद, दूल्हे सिद्धेश्वर पेठकर और उनके परिवार ने अपने पैतृक गांव बहादरपुरा के सभी 3,465 निवासियों को 1-1 लाख रुपये का आकस्मिक दुर्घटना बीमा (Accidental Insurance Cover) उपहार में दिया है. सामूहिक रूप से यह पूरी योजना कुल 34.6 करोड़ रुपये के ग्रुप एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर में तब्दील होती है.
मिठाइयों और रिटर्न गिफ्ट की जगह दिया बीमा कवच
नांदेड़ से लगभग 55 किलोमीटर दूर कंधार तालुका में स्थित बहादरपुरा गांव में इस अनोखी पहल को अंजाम दिया गया. पेठकर परिवार ने शादी में आने वाले मेहमानों या ग्रामीणों को पारंपरिक रिटर्न गिफ्ट, बर्तन या मिठाइयां बांटने के बजाय स्थानीय ग्राम पंचायत के नाम पर एक ग्रुप एक्सीडेंट पॉलिसी खरीदने का फैसला किया. प्रशासनिक देरी और कागजी कार्रवाई से बचने के लिए, परिवार ने खुद गांव की मतदाता सूची (Voters' List) संकलित की और उसे सीधे बीमा कंपनी को सौंप दिया, जिससे ग्रामीणों को किसी व्यक्तिगत भागदौड़ का सामना नहीं करना पड़ा.
ग्रामीण और कृषि आपदाओं से मिलेगा सुरक्षा कवच
नांदेड़ के ग्रामीण और कृषि प्रधान क्षेत्रों में आए दिन सांप के काटने, बिजली गिरने और खेती के दौरान होने वाले गंभीर हादसों के कारण कई परिवार अपनों को खो देते हैं. बीमा न होने के कारण ऐसे परिवारों पर अचानक बड़ा आर्थिक संकट आ जाता है.
दूल्हे के बड़े भाई अनूप पेठकर ने बताया कि वे अपनी शादी की यादों के साथ-साथ गांव के लिए एक ठोस सुरक्षा छोड़ना चाहते थे. यह बीमा पॉलिसी आगामी एक वर्ष के लिए वैध रहेगी, और भविष्य में इसके नवीनीकरण (Renewal) पर बाद में विचार किया जाएगा. परिवार ने प्रीमियम की गुप्त रखी गई राशि पर कहा कि वे इस पहल से केवल गांव को एक व्यावहारिक सुरक्षा ढांचा देना चाहते थे, न कि कोई प्रचार पाना.
इलाके में तारीफ, सरपंच ने बताया अनुकरणीय मॉडल
तकरीबन 4,500 मेहमानों की उपस्थिति वाली इस बड़ी शादी में लिया गया यह फैसला अब पूरे तालुका में चर्चा का विषय बना हुआ है. गांव के निवासी मोहन शेकापुरे ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे पूरे गांव को शगुन के रूप में सुरक्षा की चादर मिल गई है, क्योंकि गांव में अधिकांश लोगों के पास पहले से कोई बीमा कवर नहीं था.
बहादरपुरा के सरपंच बलीराम पेठकर ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र का पहला और ऐतिहासिक मामला बताया. उन्होंने कहा कि यह मॉडल दिखाता है कि कैसे एक निजी पारिवारिक उत्सव का उपयोग पूरे समुदाय की भलाई और सुरक्षा के लिए किया जा सकता है.