Maharashtra Weather Alert: महाराष्ट्र में फिर लौटेगा बारिश का दौर, IMD ने पुणे समेत कई जिलों के लिए जारी किया 'येलो अलर्ट'; चेक करें चेतावनी वाले जिले
महाराष्ट्र में लंबे शुष्क दौर के बाद 20 सितंबर से फिर बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, हालांकि बारिश मुख्य रूप से स्थानीय स्तर पर सीमित रहने के आसार हैं.
Maharashtra Weather Alert: महाराष्ट्र में लंबे समय तक चले शुष्क मौसम (Dry Spell) के बाद 20 सितंबर से एक बार फिर बारिश और बिजली चमकने की गतिविधियां शुरू होने की संभावना है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है. हालांकि, मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह बारिश पूरे राज्य में एक समान होने के बजाय कुछ विशिष्ट और सीमित स्थानों पर ही दर्ज की जाएगी.
अगस्त के महीने में कमजोर मानसून के कारण मराठवाड़ा और विदर्भ के कुछ हिस्सों में असंतुलित बारिश हुई थी, जिससे कृषि गतिविधियों पर असर पड़ा है. यह भी पढ़े: Pune Weather Today: पुणे में आज हल्की बूंदाबांदी के साथ शुरू होगा दिन, दोपहर में बारिश की संभावना बढ़ेगी
महाराष्ट्र में फिर लौटेगा बारिश का दौर
पुणे और घाट क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश के आसार
पुणे जिले के लिए 20 से 23 सितंबर के दौरान गरज-चमक, हल्की से मध्यम बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है.
वहीं, पुणे के घाट इलाकों में अधिक तीव्र मौसमी गतिविधि देखी जा सकती है. 23 सितंबर तक घाट क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने घाट क्षेत्रों में यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
मराठवाड़ा और अन्य जिलों पर भी नजर
मराठवाड़ा के नांदेड और लातूर जिलों में अगले पांच दिनों के दौरान गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है. लातूर में 21 से 23 सितंबर के बीच हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
इसके अलावा बीड, हिंगोली और धाराशिव जिलों में भी 20 और 21 सितंबर को गरज-चमक और तेज हवाएं चलने का अनुमान है. मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ के कुछ बिखरे हुए स्थानों पर भी हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है.
येलो अलर्ट का मतलब और मौसम प्रणाली
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 'येलो अलर्ट' का अर्थ पूरे जिले में एक समान भारी बारिश होना नहीं है. यह एक ही जिले की अलग-अलग तहसीलों या गांवों में सीमित (Localised) रूप से होने वाली मौसमी हलचल को दर्शाता है.
मौसम विभाग ने बताया कि यह बदलाव मराठवाड़ा से दक्षिण-पूर्वी अरब सागर की ओर फैली एक ट्रफ रेखा (Weather Trough), नमी के प्रवेश और स्थानीय स्तर पर तापमान बढ़ने के कारण हो रहा है. बंगाल की खाड़ी के ऊपर भी एक नई मौसमी प्रणाली विकसित हो रही है, जिसका असर आने वाले दिनों में धीरे-धीरे देखने को मिल सकता है.
नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अचानक आने वाले तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे आश्रय लेने से बचें