Maharashtra SIR Campaign: महाराष्ट्र में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को मिली रफ्तार, 87.79% फॉर्म वितरित, 60.44% रिकॉर्ड हुए डिजिटाइज

यह अभियान बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) द्वारा घर-घर जाकर चलाया जा रहा है. इसका उद्देश्य प्रत्येक मतदाता का सत्यापन करना और मतदाता सूची से डुप्लीकेट, मृत तथा अन्य अमान्य प्रविष्टियों को हटाना है. चुनाव अधिकारियों के अनुसार, फॉर्म वितरण की उच्च दर अभियान की व्यापक पहुंच को दर्शाती है, जबकि समानांतर रूप से हो रहा डिजिटाइजेशन मतदाता रिकॉर्ड को तेजी से अपडेट करने में मदद करेगा.

Maharashtra SIR Campaign: महाराष्ट्र में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान के तहत चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने की दिशा में बड़ी प्रगति दर्ज की है. राज्यभर में अब तक 87.79 प्रतिशत मतदाता-विशिष्ट गणना फॉर्म (Enumeration Forms) वितरित किए जा चुके हैं, जबकि प्राप्त फॉर्मों में से 60.44 प्रतिशत का डिजिटाइजेशन भी पूरा हो चुका है. Maharashtra SIR Form Online: महाराष्ट्र SIR फॉर्म भरने की डेडलाइन 8 अगस्त तक बढ़ी, घर बैठे ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

यह अभियान बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) द्वारा घर-घर जाकर चलाया जा रहा है. इसका उद्देश्य प्रत्येक मतदाता का सत्यापन करना और मतदाता सूची से डुप्लीकेट, मृत तथा अन्य अमान्य प्रविष्टियों को हटाना है. चुनाव अधिकारियों के अनुसार, फॉर्म वितरण की उच्च दर अभियान की व्यापक पहुंच को दर्शाती है, जबकि समानांतर रूप से हो रहा डिजिटाइजेशन मतदाता रिकॉर्ड को तेजी से अपडेट करने में मदद करेगा.

घर-घर जाकर हो रहा सत्यापन, तेजी से हो रही डिजिटल एंट्री

विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान दो चरणों में संचालित किया जा रहा है. पहले चरण में बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का भौतिक सत्यापन कर रहे हैं, जबकि दूसरे चरण में एकत्रित जानकारी को चुनाव आयोग के डिजिटल डेटाबेस में दर्ज किया जा रहा है.

निर्धारित कार्यक्रम के तहत BLO राज्य की सभी विधानसभा सीटों पर मतदाताओं के घर पहुंच रहे हैं. वे पहले से उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर मतदाता-विशिष्ट फॉर्म सौंप रहे हैं, नागरिकों को स्वयं अथवा पारिवारिक विवरण दर्ज करने में सहायता कर रहे हैं और आवश्यक दस्तावेज भी एकत्र कर रहे हैं.

इसके बाद सभी दस्तावेजों का स्थानीय प्रशासनिक केंद्रों पर तेजी से डिजिटाइजेशन किया जा रहा है ताकि सत्यापन प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके. अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा चरण में 60 प्रतिशत से अधिक रिकॉर्ड डिजिटाइज होने से प्रारूप मतदाता सूची (Draft Electoral Roll) जारी होने के बाद दावों और आपत्तियों के निपटारे में आसानी होगी.

क्यों चलाया जा रहा है विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान?

यह विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान राज्य में त्रुटिरहित और अद्यतन मतदाता सूची तैयार करने की व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा है. महाराष्ट्र में पिछले दो दशकों से इस स्तर पर पूर्ण गहन पुनरीक्षण नहीं किया गया था.

तेजी से बढ़ते शहरीकरण, आंतरिक पलायन और प्रशासनिक बदलावों के कारण नियमित वार्षिक संशोधनों के बावजूद मतदाता सूची में कई कमियां रह गई थीं. मौजूदा अभियान में 2002-2004 के पुनरीक्षण रिकॉर्ड जैसे ऐतिहासिक संदर्भों का उपयोग कर निवास और पारिवारिक संबंधों का सत्यापन किया जा रहा है, ताकि पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रहें और अमान्य प्रविष्टियों को हटाया जा सके.

आगे क्या होगा?

घर-घर जाकर फॉर्म एकत्र करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव आयोग प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित करेगा. इसके बाद नागरिकों को नए नाम जोड़ने, गलत प्रविष्टियों पर आपत्ति दर्ज कराने या आवश्यक संशोधन कराने का अवसर दिया जाएगा. सभी दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी.

चुनाव अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि जिन्हें गणना फॉर्म प्राप्त हो चुके हैं, वे उन्हें जल्द से जल्द सही जानकारी के साथ भरकर जमा करें, ताकि आगामी चुनावों में उनका नाम मतदाता सूची में सही रूप से शामिल हो सके.

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