Maharashtra RTO Marathi Rule: क्या मराठी न बोलने पर रद्द होंगे ऑटो और टैक्सी चालकों के लाइसेंस? परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने स्पष्ट किए नियम

महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा, कैब और टैक्सी चालकों के लिए व्यावहारिक मराठी भाषा सीखने की तीन महीने की समय-सीमा 15 अगस्त को समाप्त हो गई है. राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने स्पष्ट किया है कि सरकार का उद्देश्य किसी की आजीविका छीनना नहीं है, लेकिन आरटीओ अधिकारियों के समक्ष मराठी बोलने से इनकार करने वाले और नियम का पालन न करने वाले चालकों के खिलाफ लाइसेंस व परमिट निलंबन जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी.

मुंबई: महाराष्ट्र (Maharashtra) में गैर-मराठी भाषी ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और ऐप-आधारित कैब चालकों के लिए व्यावहारिक मराठी भाषा सीखने की दी गई तीन महीने की समय-सीमा (15 अगस्त 2026) समाप्त हो गई है. इस पृष्ठभूमि में राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक (State Transport Minister Pratap Sarnaik) ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (Regional Transport Office) (RTO) में लाइसेंस या परमिट नवीनीकरण के दौरान यदि कोई चालक जानबूझकर मराठी बोलने से मना करता है, तो उसके खिलाफ नियमों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

परिवहन मंत्री ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि महाराष्ट्र मोटर वाहन नियम, 1989 के तहत चालकों के लिए यात्रियों से मराठी में संवाद करने का प्रावधान पहले से मौजूद है. गैर-मराठी चालकों द्वारा स्थानीय भाषा न जानने के कारण यात्रियों के साथ होने वाले विवादों और पुलिस शिकायतों के बाद इस नियम को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया गया है.

आरटीओ में होगा मौखिक टेस्ट, ऐप-आधारित कैब भी दायरे में

संशोधित महाराष्ट्र मोटर वाहन नियम (Maharashtra Motor Vehicles Rules) के अनुसार:

'मराठी पाठ्यक्रम अभियान': 1.4 लाख चालकों ने सीखी भाषा

मंत्री प्रताप सरनाइक ने बताया कि सरकार ने टकराव टालने और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ऑटो यूनियनों के साथ परामर्श करके 'हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे मराठी भाषा पाठ्यक्रम' शुरू किया था:

महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी अनिवार्य

 

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नियमों के उल्लंघन पर क्या कार्रवाई होगी?

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकार का उद्देश्य किसी भी चालक की रोजी-रोटी छीनना नहीं है, लेकिन कानून का पालन अनिवार्य है.

अधिसूचित नियमों के तहत:

  1. अस्थायी निलंबन: यदि कोई चालक निर्धारित अवसर मिलने के बाद भी बुनियादी मराठी ज्ञान हासिल करने में विफल रहता है, तो उसका ड्राइविंग ऑथराइजेशन तीन महीने तक के लिए निलंबित किया जा सकता है.
  2. लाइसेंस/परमिट रद्दीकरण: लगातार गैर-अनुपालन और जानबूझकर नियमों की अवहेलना करने पर, विधिवत नोटिस और सुनवाई का अवसर देने के बाद चालक का परमिट या ऑथराइजेशन स्थायी रूप से रद्द किया जा सकता है.
  3. शुरुआती जुर्माना: जांच अभियानों के दौरान नियमों की अनदेखी करने वाले चालकों पर नियमानुसार चालान की कार्रवाई भी की जा सकती है.

आरटीओ अधिकारियों की समीक्षा बैठक

15 अगस्त की डेडलाइन बीतने के बाद जमीनी स्तर पर जांच और कार्यान्वयन की रूपरेखा तय करने के लिए परिवहन विभाग तथा आरटीओ अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई है.

बैठक में यह सुनिश्चित करने के दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे कि भाषा मूल्यांकन की प्रक्रिया पारदर्शी हो, जिससे आम चालकों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न हो और यात्रियों के साथ संवाद सुगम बनाया जा सके.

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