महाराष्ट्र मानसून आफत: रत्नागिरी रेलवे स्टेशन की छत का एक बड़ा हिस्सा ढहा, निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर उठे सवाल (Watch Video)
महाराष्ट्र में जारी मूसलाधार मानसूनी बारिश के बीच रविवार रात रत्नागिरी रेलवे स्टेशन की छत का लगभग 50 फीट का हिस्सा ढह गया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन महज दो साल पहले हुए जीर्णोद्धार के बाद हुए इस हादसे ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
रत्नागिरी: महाराष्ट्र (Maharashtra) के बड़े हिस्से में कहर बरपा रही भारी मानसूनी बारिश (Rain) के बीच कोंकण क्षेत्र के रत्नागिरी रेलवे स्टेशन ( Ratnagiri Railway Station) से एक बड़ा हादसा सामने आया है. रविवार रात लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण रत्नागिरी रेलवे स्टेशन की छत का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, खराब मौसम के कारण उस समय प्रभावित क्षेत्र में यात्रियों की आवाजाही बेहद कम थी, जिसके चलते एक बड़ा और दर्दनाक हादसा होने से टल गया. घटना में किसी भी नागरिक के हताहत या घायल होने की सूचना नहीं है. यह भी पढ़ें: Mumbai Heavy Rains: BMC की घोषणा, मुंबई में भारी बारिश के खतरे के बीच प्राइवेट ऑफिसों में Work From Home, सरकारी कर्मचारियों को आधे दिन की छुट्टी का ऐलान
दो साल पहले हुआ था रिनोवेशन, गुणवत्ता पर उठे सवाल
स्टेशन से सामने आए दृश्यों और वीडियो में देखा जा सकता है कि रेलवे स्टेशन के बाहरी परिसर (आउटर एरिया) में छत का लगभग 50 फीट लंबा हिस्सा ढहकर फर्श पर बिखरा पड़ा है. इस घटना के बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) और उसके द्वारा नियुक्त की गई एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि इस रेलवे स्टेशन का बड़े पैमाने पर जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण महज दो साल पहले ही किया गया था.
स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने रोष जताते हुए कहा कि पिछले साल भी मानसून के दौरान इसी स्टेशन की छत से पानी टपकने (Leakage) की शिकायतें आई थीं, जिसे लेकर व्यापक जनआलोचना हुई थी. इसके बावजूद प्रशासन ने कूटनीतिक सुधार नहीं किए, जिसका नतीजा इस बड़ी लापरवाही के रूप में सामने आया है.
भारी बारिश के बीच रत्नागिरी रेलवे स्टेशन की छत गिरी
छह जिलों में रेड अलर्ट, जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त
यह छत हादसा ऐसे समय में हुआ है जब समूचा महाराष्ट्र इस समय भारी मानसूनी बारिश, जलभराव और भूस्खलन (Landslides) की चपेट में है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग सहित राज्य के 6 तटीय जिलों के लिए 'रेड अलर्ट' (Red Alert) जारी किया है.
प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से प्रभावित जिलों के सभी स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश घोषित कर दिया है. नागरिकों को कड़ाई से सलाह दी गई है कि वे बहुत जरूरी काम न होने पर अपने घरों से बाहर न निकलें और तटीय क्षेत्रों से पूरी तरह दूर रहें.
यातायात सेवाएं ठप, रेल और सड़क संपर्क प्रभावित
मूसलाधार बारिश का सबसे बड़ा असर राज्य के परिवहन ढांचे पर पड़ा है:
- लोकल ट्रेनें प्रभावित: मुंबई का उपनगरीय लोकल ट्रेन नेटवर्क पटरियों पर पानी भरने के कारण अपने निर्धारित समय से काफी देरी से चल रहा है.
- हाईवे और रेल कॉरिडोर बंद: कोंकण और मध्य महाराष्ट्र में हुए भूस्खलन के कारण मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और मुंबई-गोवा राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात कूटनीतिक रूप से बाधित हुआ है. कई जगहों पर मलबे के कारण रेल पटरियों को भी बंद करना पड़ा है.
बारिश जनित हादसों में कई मौतें, मुआवजे का ऐलान
इस मानसूनी आफत ने राज्य में कई मासूम जिंदगियां भी ली हैं. मुंबई के एक उपनगरीय इलाके की चॉल में स्थित तीन मंजिला इमारत ढह जाने से एक महिला और तीन बच्चों सहित चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई.
राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इन मौतों पर गहरा शोक व्यक्त किया है. सरकार ने अपनी कूटनीतिक आपदा नीति के तहत पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की तत्काल वित्तीय सहायता (Financial Assistance) देने की घोषणा की है. इसके अतिरिक्त, राज्य के अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश और आंधी के दौरान पेड़ गिरने से दो लोगों की जान चली गई. आपदा प्रबंधन की टीमें प्रभावित इलाकों में बहाली के काम में जुटी हुई हैं.