List Of Education Ministers Of India: भारत के सभी शिक्षा मंत्रियों की पूरी सूची, कार्यकाल और शैक्षणिक योग्यता; जानें आजादी के बाद किसने कितने समय संभाली जिम्मेदारी
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद फिलहाल शिक्षा मंत्रालय का प्रभार किसे मिलेगा, इस पर सभी की नजरें हैं. नए शिक्षा मंत्री के सामने प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा मजबूत करने, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन जैसी कई बड़ी चुनौतियां होंगी.
List of Education Ministers of India: Tenure and Qualifications: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के 25 जुलाई को इस्तीफा देने के बाद एक बार फिर देश के शिक्षा मंत्रालय पर सबकी नजरें टिक गई हैं. कथित प्रतियोगी परीक्षा अनियमितताओं और छात्र आंदोलनों के बीच उनके इस्तीफे के बाद अब नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति को लेकर चर्चा तेज हो गई है. ऐसे में आइए जानते हैं कि आजादी के बाद से अब तक भारत के शिक्षा मंत्री कौन-कौन रहे हैं, उनका कार्यकाल कितना रहा और उनकी शैक्षणिक योग्यता क्या थी.
भारत के शिक्षा मंत्रियों की पूरी सूची
| शिक्षा मंत्री | कार्यकाल | शैक्षणिक योग्यता |
|---|---|---|
| मौलाना अबुल कलाम आजाद | 1947–1958 | स्वशिक्षित इस्लामी विद्वान, पत्रकार और लेखक |
| डॉ. के. एल. श्रीमाली | 1958–1963 | एमए (दर्शनशास्त्र), कोलंबिया यूनिवर्सिटी से पीएचडी |
| हुमायूं कबीर | 1963 | एमए (अंग्रेजी), ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से PPE |
| एम. सी. छागला | 1963–1966 | ऑक्सफोर्ड से बीए (इतिहास), बार-एट-लॉ |
| फखरुद्दीन अली अहमद | 1966–1967 | सेंट स्टीफंस कॉलेज, बार-एट-लॉ |
| डॉ. त्रिगुणा सेन | 1967–1969 | इंजीनियरिंग में पीएचडी, म्यूनिख यूनिवर्सिटी |
| डॉ. वी. के. आर. वी. राव | 1969–1971 | कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में पीएचडी |
| सिद्धार्थ शंकर रे | 1971–1972 | एलएलबी, बार-एट-लॉ |
| प्रो. एस. नुरुल हसन | 1972–1977 | ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से डीफिल (इतिहास) |
| प्रताप चंद्र चुंदर | 1977–1979 | बीए, एलएलबी, डीफिल |
| डॉ. करण सिंह | 1979–1980 | एमए, दिल्ली यूनिवर्सिटी से पीएचडी |
| बी. शंकरानंद | 1980 | बीए, एलएलबी |
| एस. बी. चव्हाण | 1980–1984 | बीए, एलएलबी |
| के. सी. पंत | 1984–1985 | एमएससी |
| पी. वी. नरसिम्हा राव | 1985–1988 | बीए, एलएलबी |
| पी. शिव शंकर | 1988–1989 | बीए, एलएलबी |
| वी. पी. सिंह | 1989–1990 | बीए, बीएससी, एलएलबी |
| राज मंगल पांडे | 1990–1991 | बीए, एलएलबी |
| अर्जुन सिंह | 1991–1994 | बीए, एलएलबी |
| माधवराव सिंधिया | 1995–1996 | ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमए |
| पी. वी. नरसिम्हा राव | 1996 | बीए, एलएलबी |
| एस. आर. बोम्मई | 1996–1998 | बीए, एलएलबी |
| डॉ. मुरली मनोहर जोशी | 1998–2004 | एमएससी, भौतिकी में पीएचडी |
| अर्जुन सिंह | 2004–2009 | बीए, एलएलबी |
| कपिल सिब्बल | 2009–2012 | बीए, एलएलबी, हार्वर्ड लॉ स्कूल से एलएलएम |
| एम. एम. पल्लम राजू | 2012–2014 | बीई, एमबीए |
| स्मृति ईरानी | 2014–2016 | 12वीं तक शिक्षा |
| प्रकाश जावड़ेकर | 2016–2019 | बीकॉम (ऑनर्स) |
| डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक' | 2019–2021 | एमए, पीएचडी |
| धर्मेंद्र प्रधान | 2021–2026 | उत्कल यूनिवर्सिटी से मानवशास्त्र (Anthropology) में एमए |
शिक्षा मंत्रालय का बदलता स्वरूप
आजादी के बाद शिक्षा मंत्रालय ने देश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई है. वर्ष 1985 से 2020 तक इस मंत्रालय का नाम मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD) रहा. इसके बाद राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 लागू होने के साथ इसका नाम फिर से शिक्षा मंत्रालय कर दिया गया.
देश के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद ने UGC, AICTE और साहित्य अकादमी जैसी महत्वपूर्ण संस्थाओं की नींव रखने में अहम योगदान दिया. वहीं बाद के वर्षों में उच्च शिक्षा के विस्तार, शिक्षा का अधिकार कानून, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और डिजिटल लर्निंग जैसे बड़े सुधारों पर अलग-अलग शिक्षा मंत्रियों ने काम किया.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आगे क्या?
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद फिलहाल शिक्षा मंत्रालय का प्रभार किसे मिलेगा, इस पर सभी की नजरें हैं. नए शिक्षा मंत्री के सामने प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा मजबूत करने, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन जैसी कई बड़ी चुनौतियां होंगी.