Karnataka Leopard Attack: कर्नाटक के दावणगेरे में रेस्क्यू के दौरान तेंदुए ने वनकर्मी पर किया हमला; हाईवे पर कार की टक्कर से घायल हुआ था जानवर, वीडियो वायरल
कर्नाटक के दावणगेरे जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग पर कार की टक्कर से घायल हुए एक तेंदुए के रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अचानक अप्रत्याशित घटना सामने आई। सड़क किनारे घायल अवस्था में पड़े तेंदुए को प्राथमिक उपचार के लिए ट्रैंक्विलाइजर (बेहोशी का इंजेक्शन) दिया गया था, लेकिन दवा का पूरा असर होने से पहले ही उसने बचाव कार्य में जुटे एक वनकर्मी पर झपट्टा मारकर उसे जमीन पर गिरा दिया. अन्य वनकर्मियों ने तुरंत डंडे से ध्यान भटकाकर साथी कर्मी को सुरक्षित बचाया.
दावणगेरे (कर्नाटक): कर्नाटक (Karnataka) के दावणगेरे जिले (Davanagere District) से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक घायल तेंदुए (Leopard) को बचाने पहुंचे वन विभाग के दल पर तेंदुए द्वारा अचानक हमले का मामला सामने आया है. यह घटना उस समय हुई जब कार की टक्कर से घायल हुए तेंदुए को सुरक्षित पकड़ने के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा था.
अधिकारियों ने तेंदुए को काबू में करने के लिए बेहोशी का इंजेक्शन (Tranquilliser) दिया था, लेकिन दवा का असर पूरी तरह शुरू होने से पहले ही उसने पास खड़े एक वनकर्मी पर छलांग लगा दी. इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से सामने आया है.
हाईवे पर कार की टक्कर से घायल हुआ था तेंदुआ
घटना दावणगेरे तालुक के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग 48 की बताई जा रही है:
- सड़क पार करते समय हादसा: सड़क पार करने के दौरान एक अज्ञात तेज रफ्तार कार ने तेंदुए को टक्कर मार दी थी.
- नाली में पड़ा मिला जानवर: टक्कर लगने के बाद गंभीर रूप से घायल तेंदुआ सड़क किनारे गिर गया। राहगीरों और हाईवे पेट्रोलिंग पुलिस की सूचना पर वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची.
- इलाज के लिए रेस्क्यू की तैयारी: जानवर की गंभीर स्थिति को देखते हुए पशु चिकित्सकों और वनकर्मियों के दल ने उसे सुरक्षित रूप से अस्पताल पहुंचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया.
ट्रैंक्विलाइजर का असर होने से पहले किया हमला
घटना के वायरल वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि वनकर्मी जाल और उपकरणों के साथ तेंदुए के पास बढ़ रहे थे:
- अचानक झपट्टा: जैसे ही पहली खुराक दी गई और एक वनकर्मी आगे बढ़ा, तेंदुए ने अचानक उस पर झपट्टा मारा और उसे सड़क पर गिरा दिया.
- सहकर्मियों की सूझबूझ से बची जान: स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद अन्य वनकर्मियों ने फुर्ती दिखाई और डंडे से तेंदुए का ध्यान भटकाया. इससे गिरे हुए वनकर्मी को संभलकर पीछे हटने का अवसर मिल गया.
- घास की ओर गया तेंदुआ: हमले के तुरंत बाद तेंदुआ पीछे हटा और सड़क किनारे घास वाले हिस्से की ओर रेंग गया.
कर्नाटक में तेंदुए के हमले का वीडियो
वन विभाग ने सुरक्षित पकड़ा, इलाज जारी
शुरुआती अफरा-तफरी के बाद वन विभाग के विशेषज्ञों ने अतिरिक्त सावधानी बरतते हुए अभियान को आगे बढ़ाया:
- सुरक्षित रेस्क्यू: दूसरी प्रक्रिया के तहत तेंदुए को पूरी तरह बेहोश कर पिंजरे में सुरक्षित बंद किया गया.
- चिकित्सा सुविधा में शिफ्ट: दुर्घटना के कारण तेंदुए के पिछले हिस्से में गंभीर चोटें आई थीं. उसे गहन उपचार और निगरानी के लिए वन्यजीव अस्पताल/जूलॉजिकल पार्क भेजा गया है.
- घायल कर्मी की स्थिति: तेंदुए के हमले में मामूली रूप से घायल हुए वनकर्मी को भी प्राथमिक चिकित्सा दी गई है.
वन्यजीव रेस्क्यू अभियानों में सुरक्षा प्रोटोकॉल की चुनौती
यह घटना दर्शाती है कि घायल हिंसक वन्यजीवों के बचाव अभियान कितने जोखिम भरे होते हैं. वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रैंक्विलाइजर गन से दी गई दवा को जानवर के शरीर पर पूरी तरह प्रभावी होने में कुछ समय लगता है. डर और दर्द के कारण जानवर अंतिम पलों में अप्रत्याशित रूप से आक्रामक हो सकता है, जिसके लिए रेस्क्यू दलों को सख्त दूरी और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य होता है.