यूपी के कुशीनगर में बाढ़ का खतरा: वाल्मीकिनगर बैराज से छोड़ा गया 2.80 लाख क्यूसेक पानी; VIDEO
त्तर प्रदेश के कुशीनगर में नारायणी नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन हाई अलर्ट पर है. वाल्मीकिनगर बैराज से 2.80 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद तटीय इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. स्थिति से निपटने के लिए SDRF की टीमों और बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है.
Kushinagar Flood Alert: कुशीनगर (उत्तर प्रदेश). पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण नारायणी (गंडक) नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वाल्मीकिनगर बैराज से लगभग 2.80 लाख क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया है. संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने और राहत-बचाव कार्यों के लिए कुशीनगर जिले में राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीम तैनात कर दी गई है.
बैराज से छोड़ा गया पानी, 5 घंटे बाद दिखेगा असर
कुशीनगर के अपर जिला मजिस्ट्रेट (ADM) पवन कुमार ने बताया कि दोपहर लगभग 1 बजे वाल्मीकिनगर बैराज से 2,80,000 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है. बैराज से छोड़े गए पानी का असर कुशीनगर के तटीय इलाकों में लगभग 5 घंटे बाद देखने को मिलता है. यह भी पढ़े: Bihar Flood Alert: बिहार में फिर गहराया बाढ़ का संकट, नेपाल में भारी बारिश से नदियां उफान पर
कुशीनगर में बाढ़ का खतरा
प्रशासन जलस्तर के रुख पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कदम उठाए जा सकें.
7 अति-संवेदनशील गांवों पर विशेष नजर
अपर जिला मजिस्ट्रेट के अनुसार, जिले के 7 गांव ऐसे हैं जो अत्यधिक संवेदनशील श्रेणी में आते हैं. यदि बैराज से पानी का डिस्चार्ज 4 लाख क्यूसेक से अधिक होता है, तो ये गांव पूरी तरह जलमग्न हो जाते हैं.
इसी खतरे को ध्यान में रखते हुए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं ताकि निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके.
बाढ़ चौकियां और राहत शिविर सक्रिय
संभावित आपदा से निपटने के लिए जिले की सभी बाढ़ चौकियों और राहत शिविरों को पूर्ण रूप से ऑपरेशनल कर दिया गया है.
प्रशासन ने तटीय इलाकों के ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है. इसके साथ ही, निचले इलाकों में मौजूद पशुओं को सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर ले जाने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं ताकि जन-धन की हानि को रोका जा सके.