Krishna Janmashtmi Celebration: जन्माष्टमी पर भक्ति में डूबा मथुरा, बारिश ने बढ़ाया उत्साह, श्रीकृष्ण जन्मभूमि और बांके बिहारी मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

पूरे शहर में "राधे-राधे" और "जय श्रीकृष्ण" के जयकारे गूंजते रहे. श्रद्धालुओं का कहना था कि शाम की हल्की बारिश ने कान्हा के जन्मोत्सव की खुशियों को और भी यादगार बना दिया.

Krishna Janmashtmi Celebration: मथुरा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया. शुक्रवार शाम हुई हल्की बारिश ने दिनभर की उमस से राहत दिलाई और भक्तों के उत्साह को और बढ़ा दिया. भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर हजारों श्रद्धालु मथुरा और वृंदावन पहुंचे, जिससे पूरा शहर भक्ति के रंग में रंगा नजर आया.

बारिश के बावजूद मंदिरों में उमड़ी भारी भीड़

शाम के समय अचानक आसमान में काले बादल छा गए और कुछ ही देर में हल्की बारिश शुरू हो गई. बारिश से बचने के लिए कई श्रद्धालु दुकानों, मंदिरों के बरामदों और अन्य सुरक्षित स्थानों पर रुके, लेकिन जैसे ही बारिश थमी, भक्त फिर से मंदिरों की ओर बढ़ने लगे. श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं. शहर की प्रमुख सड़कों और बाजारों में भारी भीड़ के कारण ट्रैफिक भी प्रभावित रहा. भूतेश्वर चौराहा, जन्मभूमि लिंक रोड, भरतपुर गेट, गोविंद नगर तिराहा और महाविद्या कॉलोनी के आसपास जाम की स्थिति रही. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती की गई.

बांके बिहारी मंदिर में विशेष आयोजन

वृंदावन के प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में मध्यरात्रि जन्मोत्सव की खास तैयारियां की गईं. आगरा में तैयार किया गया 21 किलो का ड्राई फ्रूट केक भगवान को अर्पित किया गया, जिसे बाद में प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं में वितरित किया जाएगा. रात 12 बजे भगवान का पंचामृत, केसर और उत्तराखंड से लाई गई विशेष जड़ी-बूटियों से भव्य अभिषेक किया जाएगा. इसके बाद ठाकुरजी को नए वस्त्र पहनाकर बाल स्वरूप में मोरपंख से विशेष श्रृंगार किया जाएगा.

मंदिर की साल में केवल एक बार होने वाली मंगल आरती भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही. इस विशेष आरती में केवल 600 श्रद्धालुओं को प्रवेश की अनुमति दी गई. सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और पुलिस कर्मियों के लिए भी विशेष पास जारी किए गए.

27 सांस्कृतिक मंचों पर गूंजा ब्रज का रंग

कृष्ण उत्सव 2026 के तहत उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने मथुरा में 27 भव्य सांस्कृतिक मंच तैयार किए, जहां विभिन्न राज्यों की लोक नृत्य, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया.

पूरे शहर में "राधे-राधे" और "जय श्रीकृष्ण" के जयकारे गूंजते रहे. श्रद्धालुओं का कहना था कि शाम की हल्की बारिश ने कान्हा के जन्मोत्सव की खुशियों को और भी यादगार बना दिया.

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