Kolkata Doctor Rape Murder: CISF करेगी आरजी कर अस्पताल की सुरक्षा, गृह मंत्रालय ने दिए निर्देश
गृह मंत्रालय ने यह निर्देश सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद जारी किए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह अस्पताल में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त कदम उठाए.
कोलकाता: आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 9 अगस्त को एक 31 वर्षीय महिला डॉक्टर के साथ हुए कथित बलात्कार और हत्या के मामले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया. इस जघन्य अपराध के बाद, देशभर में डॉक्टरों और चिकित्सा समुदाय में सुरक्षा को लेकर भारी आक्रोश फैल गया. अब, इस घटना के मद्देनजर, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कोलकाता के इस अस्पताल की सुरक्षा को सख्त करने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को तैनात करने का आदेश दिया है.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई
गृह मंत्रालय ने यह निर्देश सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद जारी किए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह अस्पताल में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त कदम उठाए. इसके बाद गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को एक पत्र भेजा, जिसमें RG कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में CISF कर्मियों की तैनाती का निर्देश दिया गया.
अस्पताल और हॉस्टल की सुरक्षा की तैयारी
CISF की एक टीम ने अस्पताल का सर्वेक्षण किया. इस टीम में एक DIG रैंक का अधिकारी शामिल था. टीम ने उस स्थल का निरीक्षण किया जहां यह जघन्य अपराध हुआ था. अब, CISF की एक सशस्त्र टीम को जल्द ही अस्पताल परिसर और रेजिडेंट्स होस्टल की सुरक्षा के लिए तैनात किया जाएगा. इस कदम का उद्देश्य अस्पताल के डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों को सुरक्षा प्रदान करना है.
देशभर में डॉक्टर कर रहे हड़ताल
इस घटना के बाद, देशभर में डॉक्टरों के विभिन्न संगठनों ने सुरक्षा की मांग को लेकर हड़ताल शुरू कर दी थी. डॉक्टरों का कहना है कि उनकी सुरक्षा के लिए एक केंद्रीय कानून की जरूरत है. सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों की सुरक्षा और सुविधाओं के लिए एक राष्ट्रीय प्रोटोकॉल तैयार करने के लिए 10 सदस्यीय टास्क फोर्स गठित करने की घोषणा की है. कोर्ट ने यह भी अपील की कि डॉक्टर अदालत पर भरोसा रखें और अपने काम पर लौट जाएं.
गुरुवार को होगी अगली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार और RG कर अस्पताल के अधिकारियों से इस मामले में तेजी से कार्रवाई न करने और मामले को नजरअंदाज करने पर सवाल उठाए. कोर्ट ने कहा कि FIR दर्ज करने में देरी और अस्पताल के प्रिंसिपल को जल्दबाजी में किसी अन्य अस्पताल में पुनर्नियुक्त करने के कारणों की जांच की जाएगी. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जांच के लिए CBI से रिपोर्ट मांगी है और साथ ही पश्चिम बंगाल सरकार से भी अस्पताल में हुई अव्यवस्था पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है. इस मामले की अगली सुनवाई 22 अगस्त को होगी.
क्या है पूरा मामला
9 अगस्त को एक पोस्टग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर के साथ ड्यूटी के दौरान कथित तौर पर बलात्कार और हत्या कर दी गई थी. बाद में, उस महिला का अर्धनग्न शव कोलकाता के इस सरकारी अस्पताल के सेमिनार हॉल में पाया गया. अगले दिन आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया. इसके बाद, कलकत्ता हाई कोर्ट ने इस मामले की जांच कोलकाता पुलिस से केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने का आदेश दिया. CBI मामले की जांच कर रही है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 21, 2024 06:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

