घाटी में पीएचडी छात्र की मौत पर अलगाववादियों का कश्मीर बंद आह्रान
जम्मू एवं कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में मुठभेड़ के दौरान पीएचडी के छात्र की मौत के विरोध में अलगाववादियों द्वारा बुलाए गए बंद से कश्मीर घाटी में जनजीवन प्रभावित है.
श्रीनगर: जम्मू एवं कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में मुठभेड़ के दौरान पीएचडी के छात्र की मौत के विरोध में अलगाववादियों द्वारा बुलाए गए बंद से कश्मीर घाटी में जनजीवन प्रभावित है. सईद अली गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और यासीन मलिक की अध्यक्षता वाले अलगाववादी समूह संयुक्त प्रतिरोध नेतृत्व (जेआरएल) ने गुरुवार को हिजबुल कमांडर मनान बशीर वानी की हत्या के विरोध में बंद का आह्रान किया. वानी पीएचडी छोड़ आतंकी गुट से जुड़ गया था.
जनवरी में आतंकवादी संगठन में शामिल होने से पहले वानी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का पीएचडी छात्र था. वह कुपवाड़ा जिले के लोलाब इलाके का रहने वाला था, जहां हजारों लोगों ने उसके जनाजे में हिस्सा लिया. क्षेत्र में विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए प्रतिबंध लगाए गए हैं.
हंदवाड़ा की शतगुंड़ गांव में आतंकवादियों के होने की जानकारी मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने गुरुवार को खोज अभियान शुरू किया, जहां मुठभेड़ में वानी वह एक अन्य कश्मीरी आतंकवादी आशिक जरगार मारे गए. घाटी में दुकानें, सार्वजनिक परिवहन, कारोबार और शैक्षणिक संस्थान बंद हैं. एहतियात के तौर पर कश्मीर के बारामूला और जम्मू के बनिहाल के बीच रेल सेवाएं रोक दी गई हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 12, 2018 01:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

