Karnataka River Tragedy: कर्नाटक नदी हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हुई, सीएम सिद्धारमैया ने किया 5 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान
पुलिस के मुताबिक, तटीय इलाकों में पानी का स्तर कम होने पर लोग अक्सर नदी और समुद्र के उथले हिस्सों में शेलफिश इकट्ठा करने जाते हैं. प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि परिवार अनजाने में नदी के गहरे हिस्से में पहुंच गया, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ. कारवार की डिप्टी कमिश्नर के. लक्ष्मी प्रिया ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम को मौके पर भेज दिया गया है.
Karnataka River Tragedy: कर्नाटक के कारवार जिले में शेलफिश इकट्ठा करने के दौरान नदी में डूबने से हुए दर्दनाक हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है. यह हादसा भटकल इलाके की तत्तेहक्कलु नदी में हुआ, जहां एक ही परिवार के कई सदस्य शेलफिश इकट्ठा करने गए थे.
स्थानीय लोगों ने तीन लोगों को सुरक्षित बचा लिया, जबकि एक अन्य व्यक्ति अब भी लापता बताया जा रहा है. प्रशासन और बचाव दल उसकी तलाश में जुटे हुए हैं. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है. Karnataka Dog Attack: विजयपुरा में 3 साल के मासूम पर आवारा कुत्ते का जानलेवा हमला; रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो आया सामने
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “कारवार जिले के भटकल स्थित तत्तेहक्कलु तट के पास एक ही परिवार के कई लोगों के डूबने की घटना बेहद दुखद और पीड़ादायक है. मैं दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं.” उन्होंने आगे कहा, “मानवीय आधार पर राज्य सरकार हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को 5 लाख रुपये की सहायता राशि देगी.”
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि कुछ लोग अब भी लापता हैं और उनकी तलाश के लिए व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. मृतकों में आठ लोगों की पहचान लक्ष्मी मादेव नाइक (38), लक्ष्मी शिवराम नाइक (39), मालती जट्टप्पा नाइक (38), मस्तम्मा मंजूनाथ नाइक (43), लक्ष्मी नाइक, लक्ष्मी अन्नप्पा नाइक (44), ज्योति नाइक और उमेश मंजूनाथ नाइक के रूप में हुई है. सभी मृतक एक ही परिवार के सदस्य थे और भटकल तालुक के शिराली के पास पडुशिराली गांव के शारदाहोले इलाके के निवासी थे.
जानकारी के अनुसार, 14 लोगों का समूह नदी में शेलफिश इकट्ठा करने गया था. इसी दौरान कुछ लोग नदी के गहरे हिस्से में चले गए और तेज बहाव में फंस गए. घटना के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग नदी किनारे जमा हो गए और लापता लोगों की सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना करते नजर आए.
पुलिस के मुताबिक, तटीय इलाकों में पानी का स्तर कम होने पर लोग अक्सर नदी और समुद्र के उथले हिस्सों में शेलफिश इकट्ठा करने जाते हैं. प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि परिवार अनजाने में नदी के गहरे हिस्से में पहुंच गया, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ. कारवार की डिप्टी कमिश्नर के. लक्ष्मी प्रिया ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम को मौके पर भेज दिया गया है और स्थानीय पुलिस भी राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई है. उन्होंने कहा कि पानी का स्तर और कम होने के बाद सर्च ऑपरेशन तेज किया जाएगा.