Karnataka: कर्नाटक के बागलकोट में हैवानियत, क्रिकेट की गेंद महिला को लगने पर दो मासूमों को स्कूल की खिड़की से बांधकर चप्पलों से पीटा
कर्नाटक के बागलकोट जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां स्कूल मैदान में क्रिकेट खेल रहे दो बच्चों की गेंद दुर्घटनावश एक महिला को लग गई. इससे गुस्साए कुछ वयस्कों ने दोनों बच्चों को स्कूल की खिड़की से बांधकर चप्पलों और थप्पड़ों से बेरहमी से पीटा. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
बागलकोट: कर्नाटक (Karnataka) के बागलकोट जिले (Bagalkot District) से बच्चों के खिलाफ क्रूरता और तालिबानी सजा देने का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां के केरूर इलाके में रविवार को क्रिकेट (Cricket) खेल रहे दो मासूम बच्चों की गेंद दुर्घटनावश पास से गुजर रही एक महिला को लग गई. इस मामूली बात पर कुछ स्थानीय वयस्कों का गुस्सा इस कदर भड़का कि उन्होंने दोनों बच्चों को पकड़कर स्कूल की लोहे की खिड़कियों से बांध दिया और फिर चप्पलों तथा हाथों से उनकी बेरहमी से पिटाई की. सोमवार, 22 जून 2026 को पुलिस ने इस घटना की पुष्टि की और बताया कि पीड़ित बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. यह भी पढ़ें: Andhra Pradesh Shocker: बीमार पत्नी और 2 मासूम बच्चों को जहर देकर व्यक्ति ने की खुदकुशी, टीवी स्क्रीन पर छोड़ा 'डेथ नोट'
मामूली विवाद में कानून हाथ में लिया
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार को एक सरकारी स्कूल के मैदान में कुछ बच्चे रोजाना की तरह क्रिकेट खेल रहे थे. खेल के दौरान एक बच्चे ने शॉट मारा और गेंद अनजाने में पास खड़ी एक महिला को जा लगी. महिला को कोई गंभीर चोट नहीं आई थी, लेकिन वहां मौजूद कुछ लोग इस बात पर बच्चों से झगड़ने लगे.
मामला देखते ही देखते इतना बढ़ गया कि वयस्कों के एक समूह ने स्वयंभू कानून रक्षक (Vigilante) की तरह व्यवहार करना शुरू कर दिया. उन्होंने 14 वर्षीय एक पीड़ित और उसके साथी बच्चे को दबोच लिया. इसके बाद दोनों मासूमों को स्कूल की खिड़कियों से रस्सी के सहारे बांध दिया गया, ताकि वे भाग न सकें, और फिर सरेआम उनकी पिटाई की गई.
माता-पिता की शिकायत पर मुकदमा दर्ज
इस अमानवीय कृत्य के बाद डरे-सहमे बच्चे किसी तरह अपने घर पहुंचे और परिजनों को आपबीती बताई. बच्चों के शरीर पर चोट के निशान देखने के बाद माता-पिता उन्हें तुरंत स्थानीय अस्पताल ले गए और इसके बाद केरूर पुलिस स्टेशन में मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई.
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ितों के माता-पिता की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है. पुलिस ने इस बर्बरता में शामिल मुख्य आरोपियों की पहचान रेणुका शरणार, बसवराज शरणार और अभि लामानी के रूप में की है. पुलिस इन सभी के खिलाफ कानून की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई कर रही है.
स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश
इस घटना का पता चलते ही पूरे केरूर इलाके के निवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया है. स्थानीय लोगों ने मासूम बच्चों के खिलाफ इस तरह की बर्बर हिंसा के इस्तेमाल पर कड़े सवाल उठाए हैं. सोशल मीडिया पर भी लोग आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
केरूर थाना पुलिस के अनुसार, मामले की गहनता से जांच की जा रही है. पुलिस घटनास्थल के आसपास मौजूद चश्मदीदों के बयान दर्ज कर रही है और साक्ष्य जुटा रही है. पुलिस अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी तरह के आपसी विवाद या दुर्घटना की स्थिति में कानून को अपने हाथ में न लें और मामले को कानूनी व प्रशासनिक माध्यमों से ही सुलझाएं.