Karnataka Bandh On August 13: कर्नाटक बंद 13 अगस्त? क्या स्कूल, बैंक, बसें और अस्पताल रहेंगे खुले? जानें क्या-क्या रहेगा प्रभावित
कावेरी जल बंटवारे को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच लंबे समय से विवाद चलता आ रहा है. हर बार पानी की कमी के दौरान यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक तनाव का कारण बनता है. इस बार भी CWMA के आदेश के बाद राज्य में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं.
Karnataka Bandh On August 13: कावेरी जल विवाद को लेकर कई कन्नड़ संगठनों ने 13 अगस्त (गुरुवार) को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक राज्यव्यापी कर्नाटक बंद का आह्वान किया है. यह बंद कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) के उस आदेश के विरोध में बुलाया गया है, जिसमें कर्नाटक को 15 दिनों तक प्रतिदिन 12,000 क्यूसेक पानी तमिलनाडु को छोड़ने का निर्देश दिया गया है. Karnataka Gutkha-Pan Ban: कर्नाटक सरकार का बड़ा फैसला, प्रदेश में गुटखा-पान मसाला की बिक्री पर एक साल के लिए लगा बैन
क्यों बुलाया गया है कर्नाटक बंद?
CWMA ने कर्नाटक को 12 अगस्त सुबह 8 बजे से अगले 15 दिनों तक बिलिगुंडलु (Biligundlu) में तमिलनाडु के लिए प्रतिदिन 12,000 क्यूसेक पानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. इसी फैसले के विरोध में कन्नड़ संगठनों, किसान संगठनों और कई अन्य संस्थाओं ने राज्यव्यापी बंद का समर्थन किया है. कन्नड़ चलवली वटल पक्ष के संयोजक वटल नागराज ने लोगों से बंद का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी हाल में बंद सफल बनाया जाएगा.
क्या स्कूल रहेंगे बंद?
नहीं. फिलहाल कर्नाटक में स्कूल खुले रहने की संभावना है. कर्नाटक एसोसिएटेड मैनेजमेंट्स ऑफ स्कूल्स (KAMS) ने पहले स्कूल बंद रखने की अपील की थी, लेकिन बाद में शैक्षणिक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए इसे वापस ले लिया. हालांकि, स्कूल प्रबंधन, शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारियों से बंद के समर्थन में काली पट्टी (Black Ribbon) पहनने की अपील की गई है.
क्या बैंक, अस्पताल और सार्वजनिक परिवहन चालू रहेंगे?
बंद के दौरान अस्पताल, मेडिकल स्टोर और अन्य आवश्यक सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होने की उम्मीद है. इसके अलावा बैंक और सार्वजनिक परिवहन सेवाएं भी फिलहाल सामान्य रूप से चलने की संभावना है. हालांकि, प्रदर्शन में भागीदारी के आधार पर कुछ इलाकों में यातायात और बाजारों पर आंशिक असर पड़ सकता है.
डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने क्या कहा?
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि राज्य सरकार की जिम्मेदारी किसानों के हितों की रक्षा करना है, लेकिन साथ ही अदालत और संबंधित प्राधिकरण के आदेशों का पालन भी करना होगा. उन्होंने कहा कि राज्य में पानी की उपलब्धता की समीक्षा की जा रही है और सिंचाई मंत्री तथा अधिकारियों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय की जाएगी.
कानूनी विकल्पों पर करेगी सरकार चर्चा
जल संसाधन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने बताया कि डीके शिवकुमार वरिष्ठ वकीलों, अधिकारियों और जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों के साथ बैठक कर कानूनी विकल्पों पर चर्चा करेंगे. मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, CWMA ने अपनी 55वीं बैठक में कावेरी वाटर रेगुलेशन कमेटी (CWRC) के फैसले को बरकरार रखा है और कर्नाटक को 15 दिनों तक प्रतिदिन 12,000 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्देश दिया है.
कावेरी विवाद फिर बना तनाव की वजह
कावेरी जल बंटवारे को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच लंबे समय से विवाद चलता आ रहा है. हर बार पानी की कमी के दौरान यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक तनाव का कारण बनता है. इस बार भी CWMA के आदेश के बाद राज्य में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं.