Junk Food Ban: स्कूलों और 50 मीटर के दायरे में वड़ा पाव, समोसा और कोल्ड ड्रिंक्स पर रोक; महाराष्ट्र एफडीए का बड़ा फैसला
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने राज्य के सभी स्कूलों के भीतर और 50 मीटर के दायरे में वड़ा पाव, समोसा, कोल्ड ड्रिंक्स, चॉकलेट्स और आइसक्रीम जैसे जंक फूड की बिक्री, वितरण और विज्ञापन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है.
मुंबई: महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (Maharashtra Food and Drug Administration) (FDA) ने बच्चों में स्वस्थ खान-पान की आदतों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक बड़ा फैसला लिया है. एफडीए ने राज्य भर के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों के परिसरों के भीतर तथा उनके 50 मीटर के दायरे (परिसर) में अत्यधिक वसा, ट्रांस फैट, चीनी और नमक वाले खाद्य पदार्थों (Junk Food/HFSS) की बिक्री, मुफ्त वितरण और विज्ञापन पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया है.
एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा कि नियमों का पालन न करने वाले स्कूल प्रधानाचार्यों (Principals) और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यह भी पढ़ें: Energy Drinks Label: पेप्सी, रेड बुल और मोंस्टर को लेबल से 'एनर्जी ड्रिंक' शब्द हटाने के लिए 90 दिनों का अल्टीमेटम; FSSAI का बड़ा फैसला
किन खाद्य पदार्थों पर लगा प्रतिबंध?
एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों के दायरे को स्पष्ट करते हुए कहा कि डीप-फ्राई और प्रसंस्कृत (Processed) श्रेणी में आने वाले जंक फूड को पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है.
इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- तले हुए और फास्ट फूड: वड़ा पाव, समोसा, चिप्स, और चाइनीज व्यंजन (अजीनोमोटो युक्त)
- मीठे और ठंडे पेय: कोल्ड ड्रिंक्स, कैफीन युक्त पेय और अत्यधिक शर्करा वाले जूस
- मीठे खाद्य पदार्थ: चॉकलेट्स, आइसक्रीम और अन्य प्रसंस्कृत मिठाइयां
मुंढे ने कहा कि स्कूलों की कैंटीन, हॉस्टल किचन और मिड-डे मील प्रदाताओं को अब एफएसएसएआई (FSSAI) लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा तथा उन्हें फल, हरी सब्जियां, अंकुरित अनाज और दूध जैसे पौष्टिक विकल्पों को प्राथमिकता देनी होगी.
स्कूल प्रबंधन की जवाबदेही और राज्यव्यापी निरीक्षण
एफडीए के आदेशानुसार यह नियम राज्य के करीब 1.08 लाख स्कूलों और उनमें पढ़ने वाले 2 करोड़ से अधिक छात्रों पर लागू होगा.
- निरीक्षण और कार्यशालाएं: एफडीए की टीमें जल्द ही पूरे राज्य में निरीक्षण अभियान शुरू करेंगी. नियमों को सुचारू रूप से लागू करने के लिए जिला और तालुका स्तर पर कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा.
- अभिभावकों में जागरूकता: स्कूलों को अपने परिसरों में खाद्य सुरक्षा बोर्ड लगाने और माता-पिता के बीच संतुलित आहार के प्रति जागरूकता फैलाने का निर्देश दिया गया है.
खाद्य सुरक्षा और अन्य प्रशासनिक कार्रवाइयां
प्रेस वार्ता के दौरान एफडीए आयुक्त ने एमपीएससी (MPSC) खाद्य एवं औषधि निरीक्षक परीक्षा से जुड़ी शिकायतों पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने स्पष्ट किया कि 21 जुलाई को प्राप्त ईमेल शिकायत और 24 जुलाई को दर्ज बयान के आधार पर सभी दस्तावेज स्वतंत्र संस्था MPSC को अग्रसारित कर दिए गए हैं.
इसके अलावा, एफडीए ने खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों के उल्लंघन पर मुंबई के भेंडी बाजार और उमरखाड़ी क्षेत्रों में तीन भोजनालयों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं. निरिक्षण के दौरान रसोई में गंदगी, पीने के पानी और तेल के परीक्षण रिकॉर्ड न होना तथा शाकाहारी व मांसाहारी भोजन का सही रखरखाव न करने जैसी कमियां पाई गई थीं.