Job Coming in India: भारत में नौकरियों की बहार, 2030 तक डेटा सेंटर सेक्टर में पैदा होंगे 1 लाख रोजगार, NLB की रिपोर्ट
एनएलबी सर्विसेज (NLB Services) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, भारत का तेजी से बढ़ता डेटा सेंटर उद्योग साल 2030 तक करीब 1 लाख कुशल पेशेवरों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए तैयार है.
Job Coming in India: भारत का तेजी से विस्तार करता डेटा सेंटर (डेटा रखने का सुरक्षित केंद्र) उद्योग देश में रोजगार के सबसे बड़े स्रोतों में से एक बनकर उभर रहा है. मंगलवार को जारी एक नई रिपोर्ट के अनुसार, साल 2030 तक इस क्षेत्र में लगभग 1 लाख कुशल पेशेवरों (skilled professionals) की जरूरत होगी. यह भी पढ़े: भारत में महिलाओं के लिए नौकरी के अवसरों में 48 प्रतिशत की शानदार वृद्धि, फ्रेशर्स की सबसे ज्यादा डिमांड: रिपोर्ट
एनएलबी सर्विसेज (NLB Services) द्वारा तैयार किए गए आंकड़ों से पता चलता है कि भारत की स्थापित डेटा सेंटर क्षमता वर्तमान के लगभग 1.5 गीगावॉट (GW) से बढ़कर इस दशक के अंत तक लगभग 6.5 गीगावॉट होने का अनुमान है. वहीं, इस दौरान इसका बाजार मूल्य 22 अरब डॉलर से अधिक हो जाने की उम्मीद है.
126 अरब डॉलर से अधिक का निवेश
इस उभरते हुए क्षेत्र में अब तक कुल निवेश प्रतिबद्धताएं 126 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर चुकी हैं. इसके साथ ही यह उद्योग देश में सबसे तेजी से बढ़ते बुनियादी ढांचा (infrastructure) क्षेत्रों में से एक बन गया है.
हालांकि, उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने चेतावनी भी दी है. उनका कहना है कि यदि शैक्षणिक संस्थान, संबंधित उद्योग और नीति निर्माता मिलकर भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कार्यबल तैयार नहीं करते हैं, तो कौशल की कमी (skills gap) इस क्षेत्र की विकास योजनाओं के लिए चुनौती बन सकती है.
युवाओं के लिए राष्ट्र निर्माण का अवसर
एनएलबी सर्विसेज के सीईओ सचिन अलग ने इस अवसर पर कहा:
"देश के डेटा सेंटर और एआई (AI) बुनियादी ढांचे का यह विस्तार महज इंफ्रास्ट्रक्चर की कहानी नहीं है. यह हमारे युवा कार्यबल के लिए राष्ट्र निर्माण का एक बड़ा अवसर है. जैसे-जैसे देश डिजिटल बदलाव की ओर कदम बढ़ा रहा है, वैसे-वैसे एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लाउड ऑपरेशंस, ऑटोमेशन, पावर सिस्टम्स और क्रिटिकल फैसिलिटीज मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखने वाले नए दौर के पेशेवरों की मांग तेजी से बढ़ रही है."
उन्होंने आगे जोड़ा कि यह केवल नौकरियों को भरने के बारे में नहीं है, बल्कि एक ऐसा कार्यबल तैयार करने के बारे में है जो आने वाले दशकों तक भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को गति दे सके.
इन क्षेत्रों में बढ़ेगी सबसे अधिक मांग
डिजिटल मोर्चे पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल ने कई खास भूमिकाओं के लिए मांग बढ़ा दी है. इनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित क्षेत्र शामिल हैं:
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एआई इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग (AI Infrastructure Engineering)
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क्लाउड ऑपरेशंस (Cloud Operations)
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प्लेटफॉर्म इंजीनियरिंग (Platform Engineering)
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डेवऑप्स (DevOps) और एमएलऑप्स (MLOps)
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डेटा सेंटर ऑटोमेशन (Data Centre Automation)
रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले समय में एआई वर्कलोड का हिस्सा भारत की कुल डेटा सेंटर क्षमता का लगभग 30 प्रतिशत रहने का अनुमान है. ऐसे में इस क्षेत्र में कदम रखने वाले नए इंजीनियरों के लिए एआई इंफ्रास्ट्रक्चर की बुनियादी समझ होना बेहद जरूरी हो जाएगा.
फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में भी नए अवसर
सिर्फ डिजिटल ही नहीं, बल्कि फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर (भौतिक बुनियादी ढांचे) से जुड़े क्षेत्र में भी कुशल पेशेवरों की मांग लगातार बढ़ रही है. इसके तहत नीचे दिए गए विशेष पदों के लिए भर्ती के नए रास्ते खुल रहे हैं:
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एआई इंफ्रास्ट्रक्चर ऑपरेशंस इंजीनियर
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लिक्विड कूलिंग इंजीनियर (Liquid Cooling Engineers)
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एनर्जी ऑप्टिमाइजेशन स्पेशलिस्ट
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क्रिटिकल फैसिलिटीज इंजीनियर
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पावर सिस्टम्स एक्सपर्ट
डेटा सेंटरों की अगली पीढ़ी को सुचारू रूप से चलाने के लिए उन्नत कूलिंग तकनीक, बेहतर ऊर्जा प्रबंधन और मजबूत बुनियादी ढांचे की आवश्यकता होती है. यही वजह है कि इन तकनीकी विशेषज्ञों की भूमिका आने वाले समय में सबसे महत्वपूर्ण होने वाली है.