Jamui Horror Reel Controversy: 'अगर रील नहीं बनाता तो क्या पकड़ा जाता?'; जमुई छेड़छाड़ कांड और एनकाउंटर पर सम्राट चौधरी का बयान हुआ वायरल
सोशल मीडिया पर वायरल हुए जमुई मामले के वीडियो में सम्राट चौधरी ने बढ़ते 'रील कल्चर' पर तंज कसते हुए कहा कि आज लोग रील बनाकर खुद को हीरो समझने लगे हैं, और अगर आरोपी ने यह रील नहीं बनाई होती तो क्या वह पकड़ा जाता?
पटना/जमुई: जमुई में स्कूली छात्रा के साथ हुई दरिंदगी और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए जाने की घटना पर मचे भारी जन-आक्रोश के बीच सरकार की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है. Jansatta की रिपोर्ट के अनुसार, पटना के ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान सम्राट चौधरी ने जमुई की घटना और सोशल मीडिया पर अपराधियों द्वारा बनाई जाने वाली 'रील' की प्रवृत्ति पर खुलकर अपनी बात रखी.
आरोपी की गिरफ्तारी और पुलिस कार्रवाई का उल्लेख करते हुए उनके द्वारा दिया गया बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है. यह भी पढ़ें: Jamui Class 10 Girl Molestation Case: जमुई में छात्रा से छेड़छाड़ का मुख्य आरोपी नंदन यादव पुलिस मुठभेड़ में घायल; पैर में लगी गोली, कुल 5 गिरफ्तार
"रील बनाने के चक्कर में लोग मारे जा रहे हैं": बयान के मुख्य अंश
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने युवाओं और समाज में बढ़ते सोशल मीडिया क्रेज पर सीधा प्रहार किया:
- रील हीरो बनने की मानसिकता: "आजकल रील हीरो ज्यादा हो गए हैं. दो दिन से मैं देख रहा था कि बस रीले बन रहा था. मैं बार-बार अपराधियों से कहता हूं कि मेरी पुलिस को चैलेंज क्यों करते हो? चैलेंज करोगे तो 24 घंटे के अंदर जवाब मिलेगा ही, दूसरा कोई विकल्प नहीं है."
- अपराध से कोई हीरो नहीं बनता: उन्होंने आगे कहा, "अपना सामान्य जीवन जिओ, कोई मना नहीं कर रहा है. लेकिन कोई आपराधिक कृत्य करके समाज का हीरो नहीं बन सकता. आजकल रील बनाने के चक्कर में लोग मारे जा रहे हैं. आज की जो घटना है, उसने अगर रील नहीं बनाई होती तो क्या पकड़ा जाता?"
जमुई छेड़छाड़ कांड और एनकाउंटर पर सम्राट चौधरी का बयान हुआ वायरल
हाफ एनकाउंटर के बाद मुख्य आरोपी नंदन यादव गिरफ्तार
जमुई जिले में 10वीं की छात्रा के साथ हुई बर्बरता का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने व्यापक धरपकड़ अभियान चलाया था:
- गमछा बांधकर की थी बदसलूकी: वायरल वीडियो में मुंह पर गमछा बांधकर नाबालिग छात्रा के साथ अमानवीय व्यवहार और मारपीट करने वाले मुख्य आरोपी की पहचान नंदन यादव के रूप में हुई थी.
- पुलिस मुठभेड़: गिरफ्तारी के दौरान जब आरोपी ने भागने और पुलिस टीम को चकमा देने की कोशिश की, तो पुलिस ने आत्मरक्षा में कार्रवाई करते हुए उसके पैर में गोली मार दी (हाफ एनकाउंटर).
- घायल अवस्था में उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया और मामले से जुड़े अन्य सह-आरोपियों को भी हिरासत में लिया गया है.
"अपराधी की कोई जाति नहीं होती": जातिगत राजनीति पर दो टूक
जमुई मामले को लेकर राज्य के सियासी गलियारों में शुरू हुई बयानबाजी पर भी सम्राट चौधरी ने स्पष्ट संदेश दिया:
- उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस घिनौने अपराध को जातिगत चश्मे से देखने की कोशिश कर रहे हैं, जो पूरी तरह गलत है.
- "मैं कभी किसी जाति या धर्म के पीछे नहीं पड़ता। मेरा स्पष्ट मानना है कि अपराधी सिर्फ अपराधी होता है, उसकी कोई जाति नहीं होती. जब भी कोई कानून को हाथ में लेगा या पुलिस को चुनौती देगा, कानून के तहत उसे कड़ा सबक सिखाया जाएगा."
क्या था पूरा जमुई कांड?
जमुई जिले में कोचिंग से लौट रही एक छात्रा को सुनसान रास्ते पर कुछ युवकों ने घेर लिया था. आरोपियों ने न केवल उसके साथ गंभीर बदसलूकी और मारपीट की, बल्कि इस पूरी घटना का मोबाइल फोन से वीडियो (रील) रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया.
वीडियो वायरल होते ही पूरे राज्य में आक्रोश फैल गया और विपक्षी दलों ने कानून-व्यवस्था व महिला सुरक्षा को लेकर सरकार पर तीखे हमले शुरू कर दिए थे. इसी पृष्ठभूमि में पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को चिह्नित कर त्वरित कार्रवाई को अंजाम दिया.