Jamui Horror Reel Controversy: 'अगर रील नहीं बनाता तो क्या पकड़ा जाता?'; जमुई छेड़छाड़ कांड और एनकाउंटर पर सम्राट चौधरी का बयान हुआ वायरल

सोशल मीडिया पर वायरल हुए जमुई मामले के वीडियो में सम्राट चौधरी ने बढ़ते 'रील कल्चर' पर तंज कसते हुए कहा कि आज लोग रील बनाकर खुद को हीरो समझने लगे हैं, और अगर आरोपी ने यह रील नहीं बनाई होती तो क्या वह पकड़ा जाता?

सम्राट चौधरी (Photo Credits: Instagram)

पटना/जमुई: जमुई में स्कूली छात्रा के साथ हुई दरिंदगी और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए जाने की घटना पर मचे भारी जन-आक्रोश के बीच सरकार की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है. Jansatta की रिपोर्ट के अनुसार, पटना के ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान सम्राट चौधरी ने जमुई की घटना और सोशल मीडिया पर अपराधियों द्वारा बनाई जाने वाली 'रील' की प्रवृत्ति पर खुलकर अपनी बात रखी.

आरोपी की गिरफ्तारी और पुलिस कार्रवाई का उल्लेख करते हुए उनके द्वारा दिया गया बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है. यह भी पढ़ें: Jamui Class 10 Girl Molestation Case: जमुई में छात्रा से छेड़छाड़ का मुख्य आरोपी नंदन यादव पुलिस मुठभेड़ में घायल; पैर में लगी गोली, कुल 5 गिरफ्तार

"रील बनाने के चक्कर में लोग मारे जा रहे हैं": बयान के मुख्य अंश

NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने युवाओं और समाज में बढ़ते सोशल मीडिया क्रेज पर सीधा प्रहार किया:

जमुई छेड़छाड़ कांड और एनकाउंटर पर सम्राट चौधरी का बयान हुआ वायरल

हाफ एनकाउंटर के बाद मुख्य आरोपी नंदन यादव गिरफ्तार

जमुई जिले में 10वीं की छात्रा के साथ हुई बर्बरता का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने व्यापक धरपकड़ अभियान चलाया था:

"अपराधी की कोई जाति नहीं होती": जातिगत राजनीति पर दो टूक

जमुई मामले को लेकर राज्य के सियासी गलियारों में शुरू हुई बयानबाजी पर भी सम्राट चौधरी ने स्पष्ट संदेश दिया:

क्या था पूरा जमुई कांड?

जमुई जिले में कोचिंग से लौट रही एक छात्रा को सुनसान रास्ते पर कुछ युवकों ने घेर लिया था.  आरोपियों ने न केवल उसके साथ गंभीर बदसलूकी और मारपीट की, बल्कि इस पूरी घटना का मोबाइल फोन से वीडियो (रील) रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया.

वीडियो वायरल होते ही पूरे राज्य में आक्रोश फैल गया और विपक्षी दलों ने कानून-व्यवस्था व महिला सुरक्षा को लेकर सरकार पर तीखे हमले शुरू कर दिए थे. इसी पृष्ठभूमि में पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को चिह्नित कर त्वरित कार्रवाई को अंजाम दिया.

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