Jamui Class 10 Girl Molestation Case: जमुई में छात्रा से छेड़छाड़ का मुख्य आरोपी नंदन यादव पुलिस मुठभेड़ में घायल; पैर में लगी गोली, कुल 5 गिरफ्तार
बिहार के जमुई जिले में कोचिंग से लौट रही 10वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा और उसके सहपाठी के साथ मारपीट व सरेराह छेड़छाड़ के बहुचर्चित मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मामले का मुख्य आरोपी नंदन यादव पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही मामले में पकड़े गए आरोपियों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है.
जमुई (बिहार): बिहार के जमुई में 10वीं कक्षा की छात्रा के साथ सरेराह हुई बर्बरता और छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी पर सीधा एक्शन लिया है. रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को गिरफ्तारी अभियान के दौरान हुई पुलिस मुठभेड़ में मुख्य अभियुक्त नंदन यादव के पैर में गोली लगी है.
जमुई के पुलिस अधीक्षक (SP) विश्वजीत दयाल ने मुठभेड़ और मुख्य आरोपी के घायल होने की पुष्टि की है. पुलिस ने नंदन यादव को हिरासत में लेकर कड़ी सुरक्षा के बीच स्थानीय सदर अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया है। मुठभेड़ के दौरान उसके एक अन्य साथी को भी दबोचा गया है.
कोचिंग से लौटते वक्त रास्ता रोककर की थी दरिंदगी
यह शर्मनाक घटना 19 सितंबर (शनिवार) की शाम को घटी थी:
- घटनास्थल: 10वीं कक्षा के दो नाबालिग छात्र-छात्रा जमुई शहर में कोचिंग क्लास खत्म होने के बाद दोपहिया वाहन से लौट रहे थे। जमुई-लखीसराय मुख्य मार्ग के पास मवारा पहाड़ी इलाके में घात लगाए 6 से 7 मनचलों ने उन्हें जबरन रोक लिया.
- मारपीट और छेड़छाड़: आरोपियों ने पहले छात्र के साथ बेरहमी से मारपीट की और फिर नकाबपोश युवकों ने छात्रा को खींचकर उसके साथ अश्लील हरकतें व छेड़छाड़ की. छात्र हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाता रहा, लेकिन आरोपियों ने उनकी एक न सुनी.
- आरोपियों ने खुद ही इस घिनौनी वारदात का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड किया और बाद में इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया.
मुख्य आरोपी नंदन यादव पुलिस मुठभेड़ में घायल
वायरल वीडियो से हरकत में आई पुलिस, SIT का गठन
शुरुआत में बदनामी और डर के चलते पीड़ित पक्ष ने थाने में शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। 21 सितंबर को जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया:
- The Week की रिपोर्ट के मुताबिक, जमुई पुलिस ने वायरल फुटेज में दिख रहे वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर के जरिए दोनों पीड़ित छात्रों को खोज निकाला और उनके घर जाकर बयान दर्ज किए.
- मामले की गंभीरता को देखते हुए जमुई एसडीपीओ दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया.
- पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पहले तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया और मंगलवार की मुठभेड़ के बाद नंदन यादव सहित अब तक कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. वीडियो विश्लेषण के आधार पर कुल 7 हमलावरों की पहचान की गई है.
पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले 120 सोशल मीडिया हैंडल्स पर FIR
नाबालिग पीड़िता के अधिकारों और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बिहार पुलिस ने वीडियो प्रसारित करने वालों पर भी सख्त रुख अपनाया है:
- पुलिस ने ऐसे करीब 120 सोशल मीडिया अकाउंट्स और प्रोफाइल संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है, जिन्होंने पीड़िता का चेहरा और पहचान उजागर करते हुए वीडियो शेयर किया था.
- पुलिस प्रशासन ने चेतावनी जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) की धारा 23 के तहत किसी भी नाबालिग पीड़िता की पहचान किसी भी रूप में उजागर करना गैर-कानूनी और दंडनीय अपराध है. आम जनता और सोशल मीडिया यूजर्स से इस वीडियो को आगे न भेजने की अपील की गई है.
राजनीतिक हलकों में आक्रोश, सख्त सजा की मांग
इस घटना को लेकर सियासी गलियारों में भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं. विपक्षी दलों ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए, जबकि सरकार और पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस टीम फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है.