Jammu and Kashmir: जम्मू-कश्मीर पर सीएम पुष्कर सिंह धामी का बयान, बोले, दो विधान, दो प्रधान स्वीकार्य नहीं
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव को लेकर विपक्षी खेमे की नीयत पर सवाल उठाए. धामी के मुताबिक कुछ लोगों को घाटी की तरक्की पसंद नहीं आ रही है. साथ ही दावा किया कि जम्मू कश्मीर में अमन चैन और शांति का राज है.
देहरादून, 24 अगस्त : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव को लेकर विपक्षी खेमे की नीयत पर सवाल उठाए. धामी के मुताबिक कुछ लोगों को घाटी की तरक्की पसंद नहीं आ रही है. साथ ही दावा किया कि जम्मू कश्मीर में अमन चैन और शांति का राज है. सीएम धामी ने कहा- जम्मू-कश्मीर की रक्षा के लिए उत्तराखंड के अनेक जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी है. अब जम्मू-कश्मीर में विकास की गति तेज हुई है, लेकिन कुछ लोगों को यह रास नहीं आ रहा है. वे लगातार जम्मू-कश्मीर को पहली वाली स्थिति में पहुंचाने में जुटे हुए हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा, “कुछ लोग यह बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं कि वहां कैसे अब विकास का पहिया तेजी से घूम रहा है. लोगों के बीच अमन चैन शांति है. वहां पर कानून का राज कायम है. लोगों का कानून-व्यवस्था में विश्वास बढ़ा है. पहले वहां दो विधान था, लेकिन हमने इस व्यवस्था को समाप्त कर जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाने का काम किया है, इसे कुछ लोग बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं. वो चाहते हैं कि जम्मू-कश्मीर को फिर से पहले वाली स्थिति में पहुंचा दिया जाए, जिससे हम किसी भी कीमत पर होने नहीं देंगे.” यह भी पढ़ें : सिपाही भर्ती परीक्षा का प्रश्न पत्र ‘आउट’ कराने के नाम पर ठगी करने वाला गिरफ्तार
सीएम धामी ने पुरजोर तरीके से कहा कि एक देश में दो विधान स्वीकार नहीं होगा. बोले, “वहां (जम्मू-कश्मीर) दो प्रधान, दो विधान जैसी व्यवस्था नहीं होनी चाहिए. देश एक ही है, तो ऐसी स्थिति में दो प्रधान और दो विधान की व्यवस्था को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है.”
उन्होंने आगे कहा, “हमें हार का बिल्कुल भी डर नहीं है, लेकिन हमारी एक खासियत है कि हम कभी-भी राजनीति को राष्ट्रनीति से बढ़कर नहीं मानते हैं. हम हमेशा से यह मानते हुए आए हैं कि देश प्रथम है और उसके बाद ही कुछ और है.”
उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग द्वारा जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किए जाने के बाद घाटी में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. तमाम राजनीतिक दलों के नेता चुनावी तैयारियों में जुटे हुए हैं. धारा 370 निरस्त होने के बाद से घाटी में पहली बार चुनाव होने जा रहा है. जिसे लेकर स्थानीय लोगों में उत्साह भी देखने को मिल रहा है तो सियासी दल भी गुणा भाग करने में जुट गए हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 24, 2024 04:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

