Jagdeep Dhankhar Resign: 21 जुलाई 2025 को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर अपने इस्तीफे की जानकारी दी और कहा कि वह अब चिकित्सीय सलाह के अनुसार स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं. धनखड़ का इस्तीफा संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन आया, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि उनके इस्तीफे के बाद अगला उपराष्ट्रपति कैसे चुना जाएगा?
उपराष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया क्या है?
भारत में उपराष्ट्रपति का चुनाव संविधान के अनुच्छेद 66 के अंतर्गत होता है. यह एक प्रत्यक्ष चुनाव नहीं होता, बल्कि संसद के सदस्य ही उपराष्ट्रपति का चुनाव करते हैं.
कौन करता है वोट?
- लोकसभा और राज्यसभा के सभी निर्वाचित और मनोनीत सांसद इस चुनाव में वोट डालते हैं.
- कुल मतदाता: 788 सांसद (543 लोकसभा + 245 राज्यसभा सदस्य)
- राज्यसभा के 245 सदस्यों में 12 मनोनीत सदस्य भी शामिल होते हैं.
उम्मीदवार के लिए क्या योग्यता चाहिए?
- भारतीय नागरिक होना चाहिए.
- न्यूनतम आयु: 35 वर्ष.
- राज्यसभा का सदस्य बनने की योग्यता हो.
- 15,000 रुपये की जमानत राशि जमा करनी होती है.
- यदि उम्मीदवार को 1/6 वोट नहीं मिलते, तो जमानत राशि जब्त हो जाती है.
वोटिंग की प्रक्रिया कैसी होती है?
- यह चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अंतर्गत होता है.
- वोटिंग में सिंगल ट्रांसफरेबल वोट सिस्टम अपनाया जाता है.
- सांसद वोट डालते समय प्राथमिकता के अनुसार रैंकिंग देते हैं.
उदाहरण: अगर तीन उम्मीदवार हैं – A, B, C – तो सांसद बैलेट पेपर पर A के सामने 1, B के सामने 2 और C के सामने 3 अंक लिख सकता है.
उपराष्ट्रपति चुनाव में गुप्त मतदान होता है. सांसद अपनी पसंद किसी दबाव या खुलासे के डर के बिना जाहिर कर सकते हैं.
चुनाव कितने दिनों में होता है?
संविधान के मुताबिक, उपराष्ट्रपति पद खाली होने के 60 दिनों के भीतर नया चुनाव कराना अनिवार्य है. यानी अब सितंबर 2025 के अंत तक देश को नया उपराष्ट्रपति मिल सकता है.
जब तक नया उपराष्ट्रपति नहीं बनता, कौन संभालता है जिम्मेदारी?
जब तक नया उपराष्ट्रपति नहीं चुना जाता, तब तक राज्यसभा के उपसभापति ही उच्च सदन के कार्यवाहक सभापति की भूमिका निभाते हैं. वर्तमान में यह जिम्मेदारी हरिवंश नारायण सिंह के पास है. ध्यान देने वाली बात यह है कि उपराष्ट्रपति किसी भी सदन का सदस्य नहीं होता. अगर कोई सांसद उपराष्ट्रपति चुना जाता है, तो वह अपने सांसद पद से स्वतः इस्तीफा दे देता है.













QuickLY