Jagannath Rath Yatra: पुरी और अहमदाबाद में रथयात्रा की भव्य शुरुआत, पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं, कहा- 'यह हमारी आध्यात्मिक विरासत की अनूठी अभिव्यक्ति'
ओडिशा के पुरी और गुजरात के अहमदाबाद में विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथयात्रा धूमधाम से शुरू हो गई है. इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए इस उत्सव को भारत की अटूट आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया है.
नई दिल्ली/पुरी: देश के सबसे बड़े और आस्था के प्रतीक माने जाने वाले त्योहारों में से एक, विश्व प्रसिद्ध 'जगन्नाथ रथ यात्रा' (Jagannath Rath Yatra) की शुरुआत गुरुवार, 16 जुलाई 2026 को धार्मिक उल्लास के साथ हो गई है. इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने देश और दुनिया भर के श्रद्धालुओं को बधाई दी है. पीएम मोदी ने इस रथयात्रा को देश की कालातीत आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की एक 'तेजस्वी अभिव्यक्ति' करार दिया और समाज में शांति, एकजुटता व समृद्धि की कामना की. ओडिशा के पुरी में महाप्रभु जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के दर्शन के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है. यह भी पढ़ें: Jagannath Rath Yatra 2026 Wishes: जगन्नाथ रथ यात्रा के इन मनमोहक WhatsApp Stickers, GIF Greetings, HD Images, Wallpapers को भेजकर दें शुभकामनाएं
पीएम मोदी ने कहा- 'रथयात्रा की परंपराएं देती हैं निस्वार्थ सेवा की प्रेरणा'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट साझा कर देशवासियों को बधाई संदेश दिया. उन्होंने अपने संदेश में इस ऐतिहासिक उत्सव के सामाजिक और आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित किया.
प्रधानमंत्री ने लिखा:
"रथयात्रा के पवित्र अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं. यह भारत की शाश्वत आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की एक तेजस्वी अभिव्यक्ति है. रथयात्रा से जुड़ी परंपराओं ने भारत और दुनिया भर में पीढ़ियों को प्रेरित किया है. ये परंपराएं विनम्रता, सामूहिक भागीदारी और निस्वार्थ सेवा की भावना को आत्मसात करती हैं. महाप्रभु जगन्नाथ सभी को उत्तम स्वास्थ्य, प्रसन्नता और समृद्धि का आशीर्वाद दें. वे हमारे सभी प्रयासों को शक्ति प्रदान करें और हमारे समाज में एकजुटता की भावना को और गहरा करें. जय जगन्नाथ!"
पीएम मोदी ने दी रथ यात्रा की शुभकामनाएं
पुरी में मौसी के घर निकले महाप्रभु; उमड़ा आस्था का सैलाब
सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार, ओडिशा के पुरी (Puri) में यह पवित्र उत्सव हर साल बेहद भव्य रूप में मनाया जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह साल का एकमात्र ऐसा अवसर होता है जब जगन्नाथ मंदिर के गर्भगृह से मुख्य विग्रह (देवता) बाहर निकलते हैं और पुरी की सड़कों पर आकर भक्तों को दर्शन देते हैं. इससे समाज के हर वर्ग के लोगों को महाप्रभु के साक्षात दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर मिलता है.
इस भव्य जुलूस के दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा को तीन विशाल और खूबसूरती से सजाए गए लकड़ी के रथों पर विराजमान किया जाता है. हजारों-लाखों श्रद्धालु भारी जयकारों, शंखध्वनि और पारंपरिक भजनों के बीच इन रथों को खींचते हैं. यह वार्षिक यात्रा जगन्नाथ मंदिर से शुरू होकर गुंडिचा मंदिर (Gundicha Temple) तक जाती है, जिसे भगवान की मौसी का घर माना जाता है, जहां वे कुछ दिन विश्राम करते हैं.
अहमदाबाद में भी निकली देश की दूसरी सबसे बड़ी रथयात्रा
ओडिशा के पुरी के साथ-साथ गुजरात के अहमदाबाद (Ahmedabad) में भी आषाढ़ी दूज (Ashadhi Bij) के पावन मौके पर भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली गई. जमालपुर इलाके में स्थित करीब 400 साल पुराने ऐतिहासिक श्री जगन्नाथजी मंदिर से इस यात्रा का शुभारंभ हुआ. यह रथयात्रा अहमदाबाद के विभिन्न पुराने और प्रमुख हिस्सों से गुजरती हुई देर शाम वापस मंदिर परिसर में संपन्न होगी.
पुरी के बाद अहमदाबाद की इस रथयात्रा को भारत की दूसरी सबसे बड़ी जगन्नाथ रथयात्रा माना जाता है. इस उत्सव में हिस्सा लेने और भगवान के रथ की एक झलक पाने के लिए गुजरात समेत देश के अन्य राज्यों से आए लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बलों द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.