भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा जारी यूनीक डिसएबिलिटी आईडी (UDID) कार्ड देश के दिव्यांग नागरिकों के लिए एक केंद्रीय पहचान दस्तावेज के रूप में कार्य करता है. यह कार्ड पूरे देश में दिव्यांगता के एकमात्र और प्रमाणित प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाता है. इसके जरिए विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और यात्रा लाभों तक पहुंच बेहद आसान हो जाती है. इस डिजिटल कार्ड के आने से अब दिव्यांगजनों को अलग-अलग सामाजिक सेवाओं और राज्य प्रायोजित कार्यक्रमों के लिए कई तरह के दस्तावेज साथ रखने की आवश्यकता समाप्त हो गई है.
रेलवे यात्रा में मिलती है 75 प्रतिशत तक की छूट
प्रशासनिक सुविधा से इतर, UDID कार्ड पात्र दिव्यांग यात्रियों को यात्रा के दौरान रियायतें दिलाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. भारतीय रेलवे द्वारा इस कार्ड धारकों को रेल किराए में 75 प्रतिशत तक की भारी छूट प्रदान की जाती है. किराए में मिलने वाली छूट की यह सटीक मात्रा दिव्यांगता की प्रकृति (Type of Disability) और यात्री द्वारा चुनी गई यात्रा श्रेणी (Class of Travel) के आधार पर तय की जाती है.
क्या है UDID कार्ड और इसमें क्या होता है खास?
UDID कार्ड एक एकीकृत दिव्यांगता पहचान पत्र (Unified Disability Identity) के रूप में कार्य करता है. इस कार्ड में धारक की विशिष्ट दिव्यांगता के प्रकार और अक्षमता के प्रतिशत (Percentage of Impairment) से संबंधित सभी विवरण डिजिटल रूप से दर्ज होते हैं. इस डिजिटल एकीकरण की मदद से सरकारी एजेंसियां पात्रता का सत्यापन आसानी से कर लेती हैं. इसके परिणामस्वरूप दिव्यांग छात्रों को छात्रवृत्ति, सहायक उपकरण, कौशल विकास पहल और अन्य कल्याणकारी सेवाओं का लाभ बिना किसी देरी के मिल जाता है.
पात्रता मानदंड और जरूरी दस्तावेज
UDID कार्ड प्राप्त करने के लिए आवेदक में किसी मान्यता प्राप्त मेडिकल बोर्ड द्वारा प्रमाणित कम से कम 40 प्रतिशत या उससे अधिक की दिव्यांगता होना अनिवार्य है. इसके आवेदन के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
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पहचान का प्रमाण (जैसे आधार कार्ड)
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हाल ही में खींचा गया पासपोर्ट आकार का फोटोग्राफ
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वैध पते का प्रमाण (Address Proof)
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एक पंजीकृत मोबाइल नंबर
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मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी किया गया वैध दिव्यांगता प्रमाणपत्र
कुछ विशेष मामलों में, अंतिम प्रमाणन और प्रतिशत निर्धारण के लिए आवेदकों को निर्दिष्ट सरकारी अस्पताल में औपचारिक चिकित्सा परीक्षण (Medical Examination) से भी गुजरना पड़ सकता है.
ऑनलाइन आवेदन करने की आसान प्रक्रिया
इस कार्ड को बनवाने की पूरी प्रक्रिया एक केंद्रीकृत ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से संचालित होती है, जिसे इन चरणों में पूरा किया जा सकता है:
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पंजीकरण: सबसे पहले आधिकारिक UDID पोर्टल swavlambancard.gov.in पर जाएं और ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें.
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दस्तावेज अपलोड: आवश्यक पहचान पत्र, फोटो और दिव्यांगता से जुड़े दस्तावेजों को पोर्टल पर डिजिटल रूप से अपलोड करें.
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सत्यापन: आवेदन को इलेक्ट्रॉनिक रूप से संबंधित जिला चिकित्सा प्राधिकरण (District Medical Authority) के पास जांच के लिए भेजा जाता है.
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मेडिकल समीक्षा: यदि प्राधिकरण को क्लिनिकल मूल्यांकन की आवश्यकता लगती है, तो आवेदक को निर्दिष्ट अस्पताल में चिकित्सा परीक्षण के लिए सूचित किया जाता है.
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कार्ड जारी होना: आवेदन स्वीकृत होने के बाद UDID कार्ड जनरेट हो जाता है, जिसे सीधे पोर्टल से डाउनलोड या प्रिंट किया जा सकता है.
भविष्य में मिलने वाले लाभ और पहुंच
रेलवे यात्रा के लिए इस कार्ड का उपयोग करने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए इसे बुकिंग सिस्टम से जोड़ा गया है. टिकट आरक्षण (Reservation) के समय यात्री अपने UDID कार्ड से जुड़े विवरण दर्ज करके सीधे छूट का विकल्प चुन सकते हैं. यात्रा के दौरान पात्रता की पुष्टि के लिए यात्रियों को अपने साथ इस कार्ड की भौतिक (Physical) या डिजिटल प्रति रखना आवश्यक है. वर्तमान में विभिन्न राज्य सरकारें भी स्थानीय स्तर पर अतिरिक्त कल्याण भत्ते और सुगमता सेवाएं प्रदान कर रही हैं, इसलिए कार्ड में अपनी जानकारी को हमेशा अपडेट रखना बेहद जरूरी है.













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