मुंबई झीलों का जलस्तर आज: महानगरी को पानी सप्लाई करने वाली जलाशयों में 1 सितंबर तक 95.87% पानी जमा, BMC ने जारी किया ताजा अपडेट

मुंबई को पीने के पानी की आपूर्ति करने वाली सातों झीलों में 1 सितंबर तक कुल जलस्तर 95.87 प्रतिशत तक पहुंच गया है. बीएमसी (BMC) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, झीलों में इस समय 13.87 लाख मिलियन लीटर उपयोगी जल भंडार उपलब्ध है.

Mumbai Lake Water Levels Today: मुंबई में मानसून की अच्छी बारिश के कारण शहर को पानी की आपूर्ति करने वाली सातों झीलों और जलाशयों का कुल जलस्तर 1 सितंबर (मंगलवार) सुबह 6 बजे तक 95.87 प्रतिशत तक पहुंच गया है. बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, इस समय सातों झीलों में कुल 13,87,618 मिलियन लीटर (ML) उपयोगी पानी का स्टॉक उपलब्ध है.

मुंबई की कुल उपयोगी जल क्षमता 14,47,363 मिलियन लीटर है. झीलों में मौजूद वर्तमान जल भंडार मुंबई शहर की कई महीनों की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी है.     मुंबई झीलों का जलस्तर आज: मायानगरी में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत, पानी सप्लाई करने वाली झीलों में 95.95 फीसदी स्टॉक जमा

बीएमसी ने साझा की जानकारी

सातों झीलों में जलस्तर की स्थिति

बीएमसी (BMC) के आंकड़ों के अनुसार, मुंबई को पानी देने वाली झीलों में पानी का स्तर इस प्रकार दर्ज किया गया है:

इनमें से सबसे बड़ी झील भातसा है, जो मुंबई की कुल जल आपूर्ति में सबसे बड़ा योगदान देती है.

पिछले वर्षों से तुलना

यदि पिछले वर्षों के आंकड़ों से तुलना की जाए, तो इस वर्ष 1 सितंबर तक जलस्तर पिछले दो वर्षों के मुकाबले मामूली रूप से कम है.

बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, अंतर मामूली है और सातों झीलों में पानी का कुल संग्रह मुंबईवासियों की दैनिक आपूर्ति के लिहाज से सुरक्षित और संतोषजनक स्थिति में है.

मुंबई में जल आपूर्ति नेटवर्क

मुंबई शहर को पेयजल की आपूर्ति पश्चिमी घाट और संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में स्थित सात प्रमुख झीलों से की जाती है. इन झीलों से कच्चा पानी भांडुप स्थित मास्टर कंट्रोल सेंटर और जल शोधन संयंत्रों में लाया जाता है. वहां से पूरे शहर में पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से शुद्ध पेयजल वितरित किया जाता है.

हर साल जून से सितंबर के दौरान होने वाली मानसूनी बारिश ही इन झीलों को फिर से भरती है. वर्तमान में झीलों की मजबूत स्थिति से मुंबई को आने वाले महीनों में किसी बड़े जल संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा.

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