Ladki Bahin Yojana Updates: महाराष्ट्र सरकार की बेहद लोकप्रिय और महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना' को लेकर राज्य सरकार ने एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है. योजना के तहत जिन महिलाओं के आवेदन तकनीकी कारणों, ई-केवायसी (e-KYC) प्रक्रिया अधूरी रहने या दस्तावेजों की विसंगति के कारण अपात्र या होल्ड पर डाल दिए गए थे, उन्हें सरकार ने न्याय देने के लिए नया आदेश जारी किया है. अब ऐसी महिलाओं के दस्तावेजों की जिला स्तर पर सघन जांच (Verification) शुरू कर दी गई है, ताकि वास्तविक रूप से जरूरतमंद और पात्र महिलाओं को योजना का लाभ दोबारा शुरू किया जा सके.
अपात्र आवेदनों की जिला स्तर पर दोबारा जांच शुरू
महिला एवं बाल विकास विभाग के ताजा निर्देशों के अनुसार, राज्य भर में लगभग 65 से 70 लाख आवेदनों में तकनीकी त्रुटियां पाई गई थीं, जिसके बाद उनके बैंक खातों में 1,500 रुपये की मासिक किस्त जानी बंद हो गई थी. इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन पात्र महिलाओं के नाम तकनीकी कारणों से कट गए थे, वे अब अपने संबंधित जिला महिला विकास विभाग या स्थानीय प्रशासनिक कार्यालय में जाकर आवश्यक दस्तावेज जमा कर सकती हैं. अधिकारियों को इन दस्तावेजों की दोबारा मैन्युअल जांच करने के निर्देश दिए गए हैं. यह भी पढ़े: Ladki Bahin Yojana May Installment Date: लाडकी बहन योजना की मार्च-अप्रैल की क़िस्त के बाद अब मई के 1500 रुपये का इंतजार, जानें कब खाते में ट्रांसफर होगी रकम
e-KYC और आधार लिंकिंग को लेकर स्थिति साफ
योजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए सरकार ने लाभार्थियों के लिए बैंक खाते को आधार से लिंक करना और ई-केवायसी की प्रक्रिया को अनिवार्य किया था. हाल ही में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सार्वजनिक मंचों से स्पष्ट किया है कि प्रशासन उन महिलाओं की मदद करेगा जो तकनीकी रूप से अक्षम हैं. ई-केवायसी की समय सीमा समाप्त होने के बावजूद, जो महिलाएं वास्तव में इस मापदंड को पूरा करती हैं, उन्हें वेरिफिकेशन के बाद सूची में वापस जोड़ा जा रहा है.
विपक्ष के आरोपों और वित्तीय बोझ पर सरकार का रुख
विपक्षी दलों और सत्तापक्ष के ही कुछ नेताओं द्वारा योजना के कारण राज्य के खजाने पर बढ़ रहे वित्तीय बोझ और विकास कार्यों में आ रही कथित रुकावटों के आरोपों पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. शिवसेना प्रवक्ता और वरिष्ठ नेताओं ने स्पष्ट किया है कि इस योजना को किसी भी परिस्थिति में बंद नहीं किया जाएगा. सरकार ने बजट में इसके लिए पर्याप्त वित्तीय प्रावधान किए हैं और अपात्रों की छंटनी के बाद अब केवल वास्तविक लाभार्थियों को ही इसका फायदा दिया जा रहा है, जिससे सरकारी धन का सही इस्तेमाल सुनिश्चित हो सके.
लाभार्थी ऐसे चेक करें अपना स्टेटस
यदि किसी महिला की मार्च या अप्रैल की किस्तें रुकी हुई हैं, तो वे आधिकारिक वेबसाइट ladakibahin.maharashtra.gov.in या 'नारी शक्ति दूत' ऐप पर जाकर अपने आवेदन का लाइव स्टेटस चेक कर सकती हैं. यदि स्टेटस में 'अपात्र' (Ineligible) या 'त्रुटि' (Error) दिखाई दे, तो वे अपने पास के ग्राम पंचायत, आंगनवाड़ी केंद्र या सेतु कार्यालय में जाकर सुधार की प्रक्रिया को तुरंत पूरा करवा सकती हैं.













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