Ladki Bahin Yojana Helpline Number: लाडकी बहनों को बड़ी राहत, e-KYC की समस्याओं के लिए हेल्पलाइन नंबर 181 जारी, 24 लाख महिलाओं को मिलेगी राहत

महाराष्ट्र सरकार ने 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना' के लाभार्थियों के लिए हेल्पलाइन नंबर 181 शुरू किया है. यह कदम विशेष रूप से e-KYC प्रक्रियाओं में तकनीकी सुधार और रुकी हुई किस्तों के समाधान के लिए उठाया गया है.

Ladki Bahin Yojana Helpline Number:  महाराष्ट्र सरकार ने 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना' के तहत लाभ ले रही लाखों महिलाओं को बड़ी राहत दी है. योजना से जुड़ी तकनीकी समस्याओं और e-KYC में होने वाली गलतियों को सुधारने के लिए सरकार ने आधिकारिक तौर पर 181 हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया है.

महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने इस सेवा की शुरुआत की घोषणा करते हुए बताया कि प्रशिक्षित ऑपरेटर अब लाभार्थियों को सीधे मार्गदर्शन प्रदान करेंगे. इस हेल्पलाइन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सरकारी दफ्तरों या आंगनवाड़ी केंद्रों के बार-बार चक्कर लगाने से बचाना है. यह भी पढ़े:  Ladki Bahin Yojana Updat: महाराष्ट्र सरकार को बड़ा झटका, संक्रांति पर लाडकी बहन योजना की पेंडिंग किस्त के पैसे नहीं होंगे जारी, राज्य EC ने लगाई रोक

e-KYC में 'डबल नेगेटिव' प्रश्न से बढ़ी उलझन

योजना के तहत लगभग 24 लाख लाभार्थियों की मासिक किस्तें रुकने का मुख्य कारण e-KYC फॉर्म में पूछा गया एक पेचीदा सवाल था. मराठी भाषा में पूछे गए सवाल, "तुमच्या घरातले कोणी सरकारी नोकरीत नाही ना?" (आपके घर में कोई सरकारी नौकरी में नहीं है ना?), ने महिलाओं को असमंजस में डाल दिया.

इस 'डबल नेगेटिव' (दोहरे नकारात्मक) वाक्य के कारण हजारों महिलाओं ने गलती से 'हो' (हाँ) का विकल्प चुन लिया. सिस्टम ने इसे इस तरह स्वीकार किया कि उनके परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी है, जिसके चलते वे अपात्र घोषित हो गईं. हेल्पलाइन 181 के माध्यम से महिलाएं अब इस त्रुटि को सुधारने के लिए सहायता ले सकेंगी.

हेल्पलाइन 181 की मुख्य विशेषताएं

जमीनी स्तर पर सत्यापन और भविष्य की तैयारी

हेल्पलाइन के साथ-साथ सरकार ने लगभग एक लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करने के निर्देश दिए हैं. यह अभियान उन 24 लाख महिलाओं के रिकॉर्ड को मैन्युअल रूप से ठीक करने के लिए चलाया जा रहा है जिनका भुगतान तकनीकी कारणों से रुक गया है.

हाल ही में सामाजिक न्याय विभाग ने 393.25 करोड़ रुपये का फंड भी मंजूर किया है. इससे यह सुनिश्चित होगा कि स्थानीय चुनावों की आचार संहिता के कारण रुकी हुई जनवरी 2026 की किस्त और अन्य बकाया राशि फरवरी 2026 तक पात्र महिलाओं के खातों में पहुंच जाए.

महत्वपूर्ण सलाह:

हेल्पलाइन पर कॉल करने से पहले लाभार्थी अपना आधार कार्ड और एप्लिकेशन आईडी (Application ID) साथ रखें. अधिक कॉल वॉल्यूम के कारण लाइन व्यस्त होने पर सुबह जल्दी या देर शाम को कॉल करने की सलाह दी गई है.

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