EPFO वेतन सीमा बढ़कर ₹25,000 हुई, जानें पीएफ कटौती, पेंशन और बीमा कवर पर क्या पड़ेगा असर
पुरानी ₹15,000 की सीमा पर अधिकतम बीमा कवर ₹7 लाख [यानी (₹15,000 × 35) + ₹1,75,000] था. अब ₹25,000 की नई सीमा के आधार पर अधिकतम बीमा राशि बढ़कर ₹10.5 लाख [यानी (₹25,000 × 35) + ₹1,75,000] तक पहुंच सकती है. श्रम मंत्रालय जल्द ही इसकी विस्तृत अधिसूचना जारी करेगा.
EPFO Wage Ceiling Raised: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत अनिवार्य सामाजिक सुरक्षा कवरेज की वेतन सीमा (Wage Ceiling) को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. पिछले 12 वर्षों में पहली बार किए गए इस संशोधन से औपचारिक क्षेत्र के लगभग 51 लाख से 1 करोड़ अतिरिक्त कर्मचारियों को अनिवार्य पीएफ, पेंशन और जीवन बीमा योजना का लाभ मिलेगा. जो कर्मचारी ₹15,000 से ₹25,000 के वेतन दायरे में आते हैं, वे अब सीधे तौर पर ईपीएफओ के दायरे में आ जाएंगे.
पीएफ कटौती और टेक-होम सैलरी पर असर
ईपीएफ नियम के तहत कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का योगदान 12-12 प्रतिशत बना रहेगा, लेकिन अब इसकी गणना बढ़ी हुई वेतन सीमा पर की जाएगी. यह भी पढ़े: EPFO Registrations: नौकरीपेशा युवाओं में Gen Z का दबदबा, FY26 में नए रजिस्ट्रेशन में 79% हिस्सेदारी
उदाहरण के लिए, ₹25,000 मूल वेतन पाने वाले कर्मचारी का अनिवार्य ईपीएफ अंशदान पहले ₹15,000 की सीमा के आधार पर ₹1,800 प्रति माह कटता था, जो अब बढ़कर ₹3,000 प्रति माह हो जाएगा. जिन कर्मचारियों का वेतन सीटीसी (Cost to Company) ढांचे पर आधारित है, उनकी टेक-होम सैलरी (हाथ में आने वाला वेतन) में कुछ कमी हो सकती है, हालांकि इससे उनके सेवानिवृत्ति कोष (Retirement Corpus) में तेजी से बढ़ोतरी होगी.
नियोक्ता (Employer) का न्यूनतम वैधानिक अंशदान भी अब बढ़कर ₹3,000 प्रति कर्मचारी तक हो जाएगा.
ईपीएस (EPS) पेंशन योगदान में बढ़ोतरी
नियोक्ता के 12 प्रतिशत अंशदान में से 8.33 प्रतिशत हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में और शेष 3.67 प्रतिशत हिस्सा ईपीएफ खाते में जमा होता है.
पुराने ₹15,000 के नियम के तहत ईपीएस में अधिकतम योगदान ₹1,250 प्रति माह तय था. नई ₹25,000 की सीमा लागू होने से ईपीएस में नियोक्ता का मासिक योगदान बढ़कर लगभग ₹2,083 हो जाएगा. केंद्र सरकार पेंशन योजना में 1.16 प्रतिशत की अपनी सब्सिडी जारी रखेगी. पेंशन योग्य वेतन आधार बढ़ने से भविष्य में कर्मचारियों की मासिक पेंशन राशि में भी वृद्धि होगी.
EDLI जीवन बीमा कवर बढ़कर ₹10.5 लाख संभव
कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा (EDLI) योजना के तहत मिलने वाला जीवन बीमा कवर भी इस फैसले से मजबूत होगा. सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर नॉमिनी को बीमा राशि दी जाती है, जिसकी गणना पिछले 12 महीनों के औसतन वेतन का 35 गुना और ईपीएफ बैलेंस का 50 प्रतिशत (अधिकतम ₹1.75 लाख) जोड़कर की जाती है.
पुरानी ₹15,000 की सीमा पर अधिकतम बीमा कवर ₹7 लाख [यानी (₹15,000 × 35) + ₹1,75,000] था. अब ₹25,000 की नई सीमा के आधार पर अधिकतम बीमा राशि बढ़कर ₹10.5 लाख [यानी (₹25,000 × 35) + ₹1,75,000] तक पहुंच सकती है. श्रम मंत्रालय जल्द ही इसकी विस्तृत अधिसूचना जारी करेगा.
सरकार का बजट और कवरेज का दायरा
इससे पहले सितंबर 2014 में वेतन सीमा को ₹6,500 से बढ़ाकर ₹15,000 किया गया था. न्यूनतम वेतन और जीवन यापन की लागत में वृद्धि के कारण कई कर्मचारी इस सामाजिक सुरक्षा चक्र से बाहर रह गए थे.
नए संशोधन से दो प्रमुख वर्गों को सीधा फायदा होगा—पहला, वे कर्मचारी जो ₹15,000 से अधिक वेतन होने के कारण अब तक पीएफ से बाहर थे, और दूसरा, वे जो पीएफ के सदस्य तो थे लेकिन वेतन सीमा के कारण पेंशन लाभ से वंचित थे. सरकार का अनुमान है कि इस विस्तार के बाद ईपीएफओ को दिया जाने वाला वार्षिक बजटीय आवंटन ₹10,250 करोड़ से बढ़कर लगभग ₹11,339 करोड़ हो जाएगा.