Inflation Hike: त्योहारी सीजन से पहले महंगाई का झटका, चीनी, प्याज और दूध समेत रोजमर्रा की चीजों के बढ़े दाम, बिगड़ा घर का बजट
बढ़ती महंगाई का सीधा असर त्योहारों में बनने वाले मीठे पकवानों पर पड़ रहा है. मुंबई में कुछ हफ्ते पहले चीनी की कीमत 50 रुपये प्रति किलो के आसपास थी, जो अब खुदरा बाजार में बढ़कर 65 से 80 रुपये तक पहुंच गई है.
Inflation Hike: त्योहारी सीजन से पहले महंगाई का झटका: चीनी, प्याज और दूध के बढ़े दाम, बिगड़ा घर का बजट गणेशोत्सव शुरू होने में अब महज दो हफ्ते बचे हैं. हर घर में बप्पा के स्वागत, सजावट, पूजा और नैवेद्य (प्रसाद) की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. लेकिन, इस उत्साह के बीच रसोई के बढ़ते खर्च ने आम जनता और गणेश भक्तों की कमर तोड़ दी है. चीनी, गुड़, चाय पत्ती, सूखा नारियल, दूध, प्याज और सब्जियों की आसमान छूती कीमतों ने रोजमर्रा के घरेलू बजट पर भारी दबाव डाल दिया है. त्योहार की खुशी तो बरकरार है, लेकिन आम आदमी अब यह सोचने को मजबूर है कि वह "जरूरत के लिए कितना खरीदे और त्योहार के लिए कितना?"
चीनी और गुड़ के दामों में भारी उछाल
बढ़ती महंगाई का सीधा असर त्योहारों में बनने वाले मीठे पकवानों पर पड़ रहा है. मुंबई में कुछ हफ्ते पहले चीनी की कीमत 50 रुपये प्रति किलो के आसपास थी, जो अब खुदरा बाजार में बढ़कर 65 से 80 रुपये तक पहुंच गई है. देश भर में भी चीनी के दाम ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं.
गुड़ के दाम भी इसी तरह उछले हैं. पिछले पखवाड़े में गुड़ की कीमत में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिससे मीठे व्यंजनों के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं. इसके साथ ही चाय पत्ती, सूखा नारियल और अन्य किराना सामानों के दाम बढ़ने से महीने के राशन का कुल खर्च भी काफी बढ़ गया है.
प्याज और सब्जियों ने बिगाड़ा गणित
रोजमर्रा की रसोई में इस्तेमाल होने वाले प्याज ने भी घर के बजट का गणित बिगाड़ दिया है. कुछ दिन पहले तक 20 से 25 रुपये प्रति किलो बिकने वाला प्याज अब 50 से 60 रुपये तक पहुंच गया है. टमाटर, भिंडी, बीन्स, बैंगन और मिर्च जैसी सब्जियों की कीमतों में भी भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है. इस वजह से अब "रोज की सब्जी" बजट का एक अलग और बड़ा विषय बन गई है.
1 सितंबर से दूध भी हुआ महंगा
महंगाई के इस दौर में दूध की कीमतों में बढ़ोतरी ने भी परेशानी बढ़ा दी है. मुंबई में 1 सितंबर 2026 से भैंस के दूध के थोक दाम 9 रुपये प्रति लीटर बढ़कर 102 रुपये हो गए हैं. इसका सीधा असर चाय, दही, घी और त्योहार पर बनने वाले विभिन्न दुग्ध पदार्थों की लागत पर पड़ेगा, जिससे त्योहारी खर्च और भी बढ़ने की आशंका है.
बजट संभालने के लिए लोगों ने बदली खरीदारी की आदत
गणेशोत्सव के दौरान घर में बनने वाले मोदक, प्रसाद और मेहमानों की खातिरदारी का विशेष महत्व होता है. इसके चलते अगले दो हफ्तों में किराना और सब्जियों की मांग काफी बढ़ने की उम्मीद है.
हालांकि, बढ़ती कीमतों के कारण कई परिवार अपने त्योहारी बजट को नियंत्रण में रखने के लिए पकवानों की मात्रा कम कर रहे हैं. इसके साथ ही लोग पहले से खरीदारी की योजना बना रहे हैं और केवल अति आवश्यक वस्तुओं को ही प्राथमिकता दे रहे हैं. ऐसे में, इस साल बप्पा के स्वागत के साथ-साथ हर घर में बजट का हिसाब-किताब भी बारीकी से किया जा रहा है.
कीमतों में पहले और अब का अंतर (रुपये प्रति किलो)
| वस्तु | पहले कीमत | अब कीमत |
|---|---|---|
| चीनी | ₹48–50 | ₹65–80 |
| गुड़ | ₹60–65 | ₹80–100 |
| प्याज | ₹20–25 | ₹50–60 |
| टमाटर | ₹30–35 | ₹45–50 |
| भिंडी | ₹70–80 | ₹110 |
| सूखा नारियल | ₹250–280 | ₹450–520* |