भारत की GDP की बढ़ोत्तरी दर सकारात्मक होने के बिल्कुल करीब: RBI
भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) सकारात्मक वृद्धि दर हासिल करने के करीब है. भारतीय रिजर्व बैंक ने यह अनुमान लगाया है. केंद्रीय बैंक का कहना है कि वी-आकार के सुधार में ‘वी’ से आशय वैक्सीन (टीके) से है.
मुंबई, 21 जनवरी भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) सकारात्मक वृद्धि दर हासिल करने के करीब है. भारतीय रिजर्व बैंक ने यह अनुमान लगाया है. केंद्रीय बैंक का कहना है कि वी-आकार के सुधार में ‘वी’ से आशय वैक्सीन (टीके) से है. भारत सरकार ने लोगों का कोविड-19 महामारी से बचाव करने के लिए दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण कार्यक्रम 16 जनवरी से शुरू किया है. रिजर्व बैंक के जनवरी के बुलेटिन में ‘अर्थव्यवस्था की स्थिति’ पर लेख में कहा गया है, ‘‘2021 कैसा होगा? सुधार का आकार ‘वी-आकार’ का होगा. वी से तात्पर्य वैक्सीन से है.’’
इन लेख को रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर माइकल देवव्रत पात्रा और अन्य ने लिखा है. लेख में कहा गया है कि दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान में भारत के साथ लाभ की स्थिति सबसे बड़ी टीका विनिर्माण क्षमता है. इसके अलावा भारत के पास पोलियो और चेचक के खिलाफ टीकाकरण का अनुभव भी है. केंद्रीय बैंक ने कहा कि यदि यह सफल रहता है, तो इससे जोखिम का संतुलन ऊपर की ओर झुक जाएगा. हालांकि, रिजर्व बैंक ने स्पष्ट किया है कि लेख में विचार लेखकों के हैं और आवश्यक रूप से इन्हें केंद्रीय बैंक की राय नहीं माना जाए. लेख में कहा गया है कि भारत की स्थिति को उबारने में ई-कॉमर्स और डिजिटल प्रौद्योगिकी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी. हालांकि, महामारी से पूर्व का उत्पादन स्तर और रोजगार हासिल करने में अभी काफी समय लगेगा. लेख में कहा गया है कि वृहद आर्थिक क्षेत्र में हालिया बदलाव से कुल परिदृश्य चमकदार हुआ है और जीडीपी की वृद्धि दर सकारात्मक होने के करीब है. साथ ही मुद्रास्फीति भी घटकर लक्ष्य के पास आ रही है. यह भी पढ़े: मूडीज ने कहा, 2020-21 में शून्य रह सकती है भारत की जीडीपी वृद्धि, धीमी वृद्धि का बढ़ रहा जोखिम
सरकार के अनुमान के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2020-21 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 7.7 प्रतिशत की गिरावट आने का अनुमान है. चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही अप्रैल-जून में अर्थव्यवस्था में 23.9 प्रतिशत की जबर्दस्त गिरावट आई थी. वहीं दूसरी जुलाई-सितंबर की तिमाही में अर्थव्यवस्था 7.5 प्रतिशत नीचे आई थी. लेख में कहा गया है कि सीजन समाप्त होने से पहले रबी का बुवाई क्षेत्र सामान्य से अधिक हो गया है. ऐसे में 2021 में कृषि उत्पादन बंपर रहने की उम्मीद है. इसमें कहा गया है कि भारत वैक्सीन विनिर्माण की वैश्विक राजधानी है. ऐसे में वैश्विक स्तर पर टीकाकरण शुरू होने से भारत का फार्मास्युटिकल्स निर्यात तेजी से बढ़ेगा. उत्पादन से संबंधित (पीएलआई) योजना के तहत कृषि निर्यात जुझारू क्षमता दिखा रहा है.
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(The above story first appeared on LatestLY on Jan 21, 2021 02:25 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

