Covid-19: ब्रिटेन में फंसे भारतीय छात्रों ने नरेंद्र मोदी से की देश ले जाने की अपील
ब्रिटेन में फंसे सैकड़ों भारतीय छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन्हें यहां से निकालने के लिए विमान की व्यवस्था करने की अपील की है.
लंदन: ब्रिटेन (Britain) में फंसे सैकड़ों भारतीय छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) से उन्हें यहां से निकालने के लिए विमान की व्यवस्था करने की अपील की है. दरअसल भारत ने कोरोना वायरस वैश्विक महामारी को फैलने से रोकने के लिए यात्रा प्रतिबंध लगा रखा है. भारत के कम से कम 380 छात्रों ने भारत सरकार से कार्रवाई की सामूहिक अपील करने के लिए अपने पासपोर्ट की जानकारी के साथ एक डेटा श्रृंखला शुरू कर दी है. इनमें केरल के मरीन इंजीनियरों का एक समूह भी शामिल है जिन्हें इस सप्ताह अपनी प्रबंधन स्तर की परीक्षाएं देने के बाद भारत लौटना था. एनवाईके शिप मैनेजमेंट में फर्स्ट इंजीनियर अखिल धरमराज ने कहा, ‘‘हमारी 23 और 24 मार्च को परीक्षाएं होनी थीं, लेकिन परीक्षा केंद्र में प्रश्न पत्र मिलने के बाद 23 तारीख को परीक्षाएं रद्द कर दी गईं और तब तक भारत ने भी यात्रा प्रतिबंध लगा दिया.’’ बहरहाल, उन्हें और अन्य मरीनों को इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि उनकी परीक्षाएं कब होंगी. वे अपार्टमेंट्स और हॉस्टलों में साझा रूप से पृथक रह रहे हैं.
उनके पास मास्क, दस्ताने या सैनिटाइज़र नहीं हैं और उन्हें इस जानलेवा विषाणु के संपर्क में आने का खतरा है. धरमराज ने कहा, ‘‘मुझे कोचीन हवाईअड्डे से जानकारी मिली है कि हाल ही में सिडनी से भारतीय नागरिकों को लेकर एक विमान उतरा. भारतीयों को दुनियाभर में अन्य देशों से निकाला जा रहा है लेकिन मालूम नहीं कि हमें क्यों छोड़ दिया गया है और हम अपनी बात प्रधानमंत्री मोदी तक कैसे पहुंचा सकते हैं.’’ ब्रिटेन के गृह विभाग ने हाल ही में पुष्टि की थी कि अगर किसी भी विदेशी छात्र या पेशेवर की वीजा अवधि खत्म हो गई है या खत्म हो रही है तो उसे 31 मई तक का विस्तार दिया जाएगा. यह भी पढ़ें: Coronavirus: पुणे में 5 लोगों की COVID-19 टेस्ट रिपोर्ट दोबारा नेगेटिव, शहर में कोरोना वायरस के अब तक कुल 36 मामले
केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, महाराष्ट्र और उत्तराखंड समेत भारत के विभिन्न हिस्सों में फंसे कई छात्रों ने वीजा अवधि के विस्तार की घोषणा पर राहत जताई लेकिन आवास और आवश्यक सामान की बढ़ती कीमतों के मद्देनजर सीमित संसाधनों को लेकर चिंता जताई. इसके अलावा कई भारतीयों को संक्रामक रोग की चपेट में आने का खतरा है क्योंकि वे बड़ी संख्या में एक साथ मिलकर हॉस्टलों में रह रहे हैं तथा रसोईघर और बाथरूम साझा रूप से इस्तेमाल कर रहे हैं. कोवेंट्री विश्वविद्यालय के मार्गेश राज ने टि्वटर पर प्रधानमंत्री मोदी से अपील की, ‘‘सर कृपया इस मामले पर गौर करें क्योंकि पढ़ाई के लिए ब्रिटेन आए मेरे जैसे कई भारतीय मित्र फंसे हुए हैं.’’
ये छात्र सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर रहे हैं और लंदन में भारतीय उच्चायोग के जरिए अपील कर रहे हैं जिसने उनसे अपनी जानकारियां देने को कहा है. नेशनल इंडियन स्टूडेंट्स और एलुमनी यूनियन यूके तथा इंडियन नेशनल स्टूडेंट्स एसोसिएशन जैसे भारतीय छात्रों के प्रतिनिधि समूह परामर्श और सहायता दे रहे हैं. गौरतलब है कि भारत ने अपने यात्रा परामर्श में 14 अप्रैल तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया है और लंदन में भारतीय उच्चायोग ने भारतीय नागरिकों से राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) और पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड के दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए कहा है. यह भी पढ़ें: Coronavirus Lockdown: दिल्ली में लॉकडाउन बना थोक विक्रेताओं के लिए परेशानी का सबब, गाजीपुर सब्जी मंडी में नहीं आ रहे ग्राहक
उच्चायोग ने एक बयान में कहा, ‘‘भारत का उच्चायोग अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और वेबसाइट के जरिए यात्रा परामर्श में किसी भी तरह के बदलाव की जानकारी भारतीय नागरिकों को देगा. यह मुश्किल वक्त है. हम इस चुनौती से तभी बाहर निकलेंगे जब हम जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करेंगे और एक-दूसरे की मदद करेंगे.’’
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 29, 2020 11:07 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

