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Vande Sadharan: अब कम खर्च में कर सकेंगे वंदे भारत जैसी ट्रेन की यात्रा, रेलवे ला रहा है 'वंदे साधारण'

भारतीय रेलवे (Indian Railways) अब आम यात्रियों के लिए नई ट्रेन बना रहा है. खबर के मुताबिक यह गैर-वातानुकूलित (Non-AC) ट्रेन होगी. सूत्रों के अनुसार चेन्नई स्थित इंटैग्रल कोच फैक्टरी में वंदे भारत के इस वर्जन पर काम शुरू हो गया है और जनवरी 2024 तक इसके पटरी पर उतरने की संभावना है.

Vande Sadharan: अब कम खर्च में कर सकेंगे वंदे भारत जैसी ट्रेन की यात्रा, रेलवे ला रहा है 'वंदे साधारण'
Vande Bharat Train | Photo: PTI

नई दिल्ली: आम आदमी अब वंदे भारत ट्रेन में बजट फ्रेंडली यात्रा कर सकेगा. इसके लिए जेब बहुत अधिक ढीली नहीं करनी होगी. दरअसल भारतीय रेलवे (Indian Railways) अब आम यात्रियों के लिए नई ट्रेन बना रहा है. खबर के मुताबिक यह गैर-वातानुकूलित (Non-AC) ट्रेन होगी. सूत्रों के अनुसार चेन्नई स्थित इंटैग्रल कोच फैक्टरी में वंदे भारत के इस वर्जन पर काम शुरू हो गया है और जनवरी 2024 तक इसके पटरी पर उतरने की संभावना है. यह ट्रेन कुर्सीयान वाली होगी और बाद में इसे स्लीपर भी बनाया जाएगा. इस ट्रेन का किराया काफी कम होगा जिसमें आम आदमी बिना हिचकिचाहट के यात्रा कर सकेंगे. Train Ticket Price: सस्ता होगा ट्रेन का सफर, रेलवे ने AC चेयर कार और एक्जीक्यूटिव क्लास का किराया 25 फीसदी घटाया.

नई ट्रेन का नाम अभी तय नहीं हुआ है, लेकिन यह ट्रेन आम आदमी के लिए होगी इसलिए कई मीडिया रिपोर्ट्स में इसे 'वंदे साधारण' का नाम दिया जा रहा है. कुछ अन्य रिपोर्ट्स में इसे 'वंदे अंत्योदय' नाम भी दिया जा रहा है. यह भारतीय रेलवे की किफायती नॉन-एसी ट्रेन होगी. वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के परिचालन में तेजी लाने के बाद, भारतीय रेलवे अब इस तरह की नॉन-एसी सीटिंग और स्लीपर वाली नई ट्रेन का निर्माण करने जा रहा है.

टाइम्स ऑफ इंडिया ने अपनी रिपोर्ट में एक अधिकारी के हवाले से बताया कि नई ट्रेन में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के समान कुछ सुविधाएं होंगी. वंदे भारत और वंदे साधारण ट्रेन में सबसे बड़ा फर्क ये है कि वंदे भारत एक्सप्रेस दोनों ओर से ऑटोमेटिक ट्रेन है, वहीं वंदे साधारण को लोको से चलाया जाएगा. अधिकांश ट्रेनें एक लोकोमोटिव द्वारा खींची जाती हैं, इसमें दोनों छोर पर लोकोमोटिव होंगे.

महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रत्येक छोर पर एक लोकोमोटिव के साथ, ट्रेन की स्पीड बढ़ाने के लिए पुश-पुल तकनीक का यूज किया जाएगा. इससे टर्मिनेटिंग स्टेशन पर लोकोमोटिव रिवर्सल की आवश्यकता भी खत्म हो जाएगी, जिससे टर्नअराउंड टाइम कम हो जाएगा. एलएचबी ट्रेन में 2 सेकेंड लगेज, गार्ड और दिव्यांग-फ्रेंडली कोच, 8 सेकेंड क्लास अनरिजर्व कोच और 12 सेकेंड क्लास 3-टीयर स्लीपर कोच होंगे. सभी कोच नॉन-एसी होंगे.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 18, 2023 11:47 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).