Bihar Fake IAS Officer: बिहार में खुद को डोभाल का 'अंडरकवर एजेंट' बताने वाला फर्जी आईएएस गिरफ्तार; टेस्ला कार और शराब जब्त

बिहार के खगड़िया में खुद को आईएएस अधिकारी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का अंडरकवर एजेंट बताने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने उसके पास से भारत सरकार के बोर्ड वाली टेस्ला कार, टाटा सफारी, विदेशी शराब और फर्जी आईडी कार्ड जब्त किए हैं.

NSA Ajit Doval (Photo Credits: ANI)

पटना/खगड़िया: बिहार (Bihar) के खगड़िया जिले (Khagaria District) में खुद को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) का वरिष्ठ अधिकारी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल का अंडरकवर एजेंट बताने वाले एक शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान मनीष गुप्ता (उर्फ मनीष कुमार गुप्ता) के रूप में हुई है, जिसे गोगरी थाना क्षेत्र के जमालपुर बाजार स्थित उसके आवास पर छापेमारी कर हिरासत में लिया गया.

आरोपी फर्जी पहचान पत्रों और 'भारत सरकार' लिखे वाहनों का इस्तेमाल कर राज्य भर में लोगों से ठगी कर रहा था.

फर्जी पहचान पत्र और एनएसए से जुड़ाव का दावा

खगड़िया के पुलिस अधीक्षक (SP) भानु प्रताप सिंह के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस और जिला अन्वेषण इकाई (DIU) ने आरोपी के परिसर पर छापेमारी की. पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुद को केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) से जुड़ा हुआ बताया और मोबाइल पर एक आईडी कार्ड दिखाया। उसने यह भी दावा किया कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के अधीन अंडरकवर एजेंट के रूप में काम करता है.

प्रारंभिक जांच में उसके सभी दस्तावेज, पहचान पत्र और दावे पूरी तरह से फर्जी पाए गए.

टेस्ला कार, विदेशी शराब और दुर्लभ सामान जब्त

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के ठिकाने से कई कीमती लग्जरी गाड़ियां और प्रतिबंधित सामग्री जब्त की:

भारत सरकार के बोर्ड वाली टेस्ला: पुलिस ने 'फुल सेल्फ ड्राइविंग' (FSD) फीचर वाली टेस्ला कार जब्त की, जिस पर 'भारत सरकार' की नेमप्लेट लगी थी. इसके अलावा एक टाटा सफारी गाड़ी भी जब्त की गई.

विदेशी शराब: बिहार में शराबबंदी के बावजूद आरोपी के घर से विभिन्न ब्रांड्स की 31 लीटर से अधिक विदेशी शराब और 9 लीटर बीयर बरामद हुई.

इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व वित्तीय दस्तावेज: पुलिस ने 5 से अधिक एप्पल आईफोन, एप्पल लैपटॉप, 20 क्रेडिट कार्ड, 8 डेबिट कार्ड और 4 चेकबुक बरामद कीं.

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन: परिसर से बारहासिंघा (हिरण) के दो सींग भी मिले हैं, जिनका रखना वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है.

आर्थिक अपराध इकाई करेगी संपत्ति की जांच

पुलिस को संदेह है कि आरोपी ने धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग के जरिए करोड़ों रुपये की अचल संपत्ति अर्जित की है. खगड़िया पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम तथा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है.

मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की मदद से मनीष गुप्ता की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संपत्तियों की व्यापक जांच की जा रही है.

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